पहले आंख दिखाते थे, होर्मुज संकट में हाथ फैलाने लगे…भारत का दिल इतना बड़ा कि भर दी पड़ोसी की झोली

Bangladesh News: होर्मुज संकट के बीच भारत ने एक बार फिर पड़ोसी धर्म निभाया है. जो देश कल तक भारत को आंख दिखाते थे, भारत आज उन्हीं के लिए सहारा बना हुआ है. जी हां, हम बात बांग्लादेश की कर रहे हैं. ईरान युद्ध के बीच बांग्लादेश को भारत ने एक बार नहीं, बल्कि कई बार मदद की है. बांग्लादेश की इकॉनमी पटरी से न उतरे इसके लिए भारत ने उसकी ईंधन सप्लाई को लगातार चालू रखा. यही वजह है कि एक बार फिर भारत ने बांग्लादेश को दोस्ती के नाते 5000 टन डीजल दिया है. यहां ध्यान देने वाली बात है कि यह बांग्लादेश यूनुस राज में उछल रहा था. बार-बार भारत को आंख दिखा रहा था. पाकिस्तान-चीन की गोद में जाकर खेलने को बेताब था. अब जब पश्चिम एशिया में संकट मंडराया तो उसे पुराने दोस्त यानी भारत का ही साथ मिला.
दरअसल, लेटेस्ट कहानी यह है कि भारत से सीमा पार पाइपलाइन के जरिए बांग्लादेश को 5000 टन डीजल की आपूर्ति मिली है. यह पहली खेप नहीं है. इससे पहले भी पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत अपने पड़ोसी बांग्लादेश को कई बार डीजल दे चुका है. अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि भारत ने भारत-बांग्लादेश फ्रेंडशिप पाइपलाइन के जरिए बांग्लादेश को 5,000 टन अतिरिक्त डीजल भेजना शुरू कर दिया है. यह कदम बांग्लादेश में ईंधन की लगातार आपूर्ति बनाए रखने के प्रयासों के तहत उठाया गया है.
बांग्लादेशी डिपो अधिकारियों के मुताबिक, ईंधन की यह ताजा खेप परबतिपुर पद्मा ऑयल डिपो में पहुंच रही है और 16 अप्रैल की सुबह से इसकी आपूर्ति शुरू हो गई है.
ईंधन की लगातार आपूर्ति
अधिकारियों ने बताया कि यह नई खेप असम के नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड से हाल ही में भेजी गई कई खेपों के बाद आई है. इसका मतलब है कि पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत ही बांग्लादेश का सहारा बना हुआ है. उसने कई बार बांग्लादेश को डीजल सप्लाई की है.
14 अप्रैल को 8,000 टन डीजल मिला था.
मार्च में 22,000 टन डीज़ल आया था.
मार्च और अप्रैल के मध्य के बीच कुल 30,000 टन डीज़ल पहुंचाया गया.
इस ताजा सप्लाई के साथ उम्मीद है कि बांग्लादेश को अकेले अप्रैल महीने में ही भारत से लगभग 25,000 टन डीजल मिलेगा और आगे की खेप भी पहले से ही तय हैं.
और भी खेप आने की उम्मीद
डिपो अधिकारियों ने बताया कि अगले चार से पांच दिनों के भीतर 7,000 टन और डीजल भारत से मिलने की संभावना है, जिससे ईंधन की लगातार उपलब्धता बनी रहेगी. डिपो मैनेजर मो. अहसान हबीब चौधरी ने कहा, ‘बांग्लादेशी सरकार ईंधन का सामान्य स्टॉक बनाए रखने और बिना किसी रुकावट के सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए पाइपलाइन के जरिए भारत से डीजल का आयात जारी रखे हुए है.’
बिना किसी रुकावट के सप्लाई सुनिश्चित करनाआने वाली सप्लाई को कुशलता से संभालने के लिए पार्वतीपुर डिपो सार्वजनिक छुट्टी के दिन भी चालू रहा, जो ईंधन वितरण को दी जाने वाली प्राथमिकता को दिखाता है. यह सीमा पार पाइपलाइन बांग्लादेश के लिए ऊर्जा की एक अहम जीवनरेखा बन गई है, जिससे पारंपरिक शिपिंग तरीकों की तुलना में ईंधन का परिवहन ज़्यादा तेज़ी से और कम लागत में हो पाता है.
ऊर्जा संबंधों को मज़बूत करनाडीजल का यह लगातार प्रवाह भारत और बांग्लादेश के बीच बढ़ते ऊर्जा सहयोग को दिखाता है. इस पाइपलाइन की बांग्लादेश की बढ़ती ईंधन मांग को पूरा करने और सप्लाई में स्थिरता सुनिश्चित करने में अहम भूमिका है.



