अच्छी बारिश की आस में निकले गढ़े भैरूजी, इंद्रदेव को मनाने के लिए शुरू हुई विशेष पूजा

Last Updated:August 05, 2026, 19:58 IST
Kota News : कोटा में अच्छी बारिश के लिए गढ़े भैरूजी की विशेष पूजा शुरू हुई. पाटनपोल क्षेत्र में वर्षों पुरानी परंपरा निभाई जा रही है, इस विशेष पूजा में अखंड ज्योत भी जलेगी. लोगों का मानना है कि इस धार्मिक परंपरा से इंद्रदेव प्रसन्न होते हैं और वर्षा का आशीर्वाद मिलता है. पूजा स्थल पर श्रद्धालुओं ने पूरे श्रद्धाभाव के साथ भाग लिया.
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पाटनपोल क्षेत्र में वर्षों पुरानी परंपरा निभाई गई. बड़ी संख्या में श्रद्धालु हुए शामिल, रोज होगी पूजा-अर्चनाकोटा. कोटा शहर में अच्छी बारिश की कामना को लेकर एक बार फिर वर्षों पुरानी धार्मिक परंपरा निभाई गई. शहर के पाटनपोल क्षेत्र में गढ़े भैरूजी को बाहर निकालकर विधि-विधान से विशेष पूजा-अर्चना की गई. मान्यता है कि इस अनुष्ठान से इंद्रदेव प्रसन्न होते हैं और अच्छी वर्षा होती है. इसी विश्वास के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा में शामिल हुए और क्षेत्र में सुख-समृद्धि के साथ अच्छी बारिश की कामना की.
नगर निगम की परंपरा के तहत आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में सुबह से ही श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही. पूजा के दौरान पूरे विधि-विधान से अनुष्ठान किया गया. श्रद्धालुओं ने गढ़े भैरूजी के दर्शन कर क्षेत्र में अच्छी बारिश की प्रार्थना की. लोगों का कहना है कि यह परंपरा नई नहीं है, बल्कि कई वर्षों से लगातार निभाई जा रही है.
अच्छी बारिश तक जारी रहेगी पूजास्थानीय श्रद्धालुओं ने बताया कि जब तक शहर और आसपास के क्षेत्र में अच्छी बारिश नहीं हो जाती, तब तक प्रतिदिन विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी. इसके साथ ही अखंड ज्योत भी लगातार जलती रहेगी. उनका मानना है कि इस धार्मिक परंपरा से इंद्रदेव प्रसन्न होते हैं और वर्षा का आशीर्वाद मिलता है. पूजा स्थल पर श्रद्धालुओं ने पूरे श्रद्धाभाव के साथ भाग लिया. कई लोग अपने परिवार के साथ पहुंचे और अच्छी बारिश, खेती की खुशहाली और सभी के सुख-समृद्धि की कामना की.
परकोटा क्षेत्र की पहचान बन चुकी है यह परंपराकोटा के परकोटा क्षेत्र में गढ़े भैरूजी की पूजा की यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है. हर बार जब बारिश सामान्य से कम होती है या लोग अच्छी वर्षा की कामना करते हैं, तब इस विशेष अनुष्ठान का आयोजन किया जाता है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यह केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि लोगों की आस्था और विश्वास का प्रतीक भी है. इसी वजह से हर साल बड़ी संख्या में लोग इस पूजा में शामिल होते हैं और पूरे मन से वर्षा की प्रार्थना करते हैं. बुजुर्गों का कहना है कि उन्होंने बचपन से इस परंपरा को निभाते हुए देखा है और आज भी लोग उसी श्रद्धा के साथ इसमें भाग लेते हैं.
आस्था के साथ जुड़ी है लोगों की उम्मीदइस बार भी लोगों की नजर आसमान पर टिकी हुई है. किसानों से लेकर आम नागरिक तक अच्छी बारिश की उम्मीद लगाए बैठे हैं. ऐसे में गढ़े भैरूजी की विशेष पूजा लोगों के लिए आस्था के साथ उम्मीद का भी बड़ा सहारा बनी हुई है. श्रद्धालुओं का कहना है कि जब तक अच्छी बारिश नहीं होगी, तब तक पूजा-अर्चना और अखंड ज्योत लगातार जारी रहेगी. उनका विश्वास है कि इंद्रदेव जरूर प्रसन्न होंगे और कोटा सहित पूरे इलाके में अच्छी बारिश होगी. यही विश्वास इस वर्षों पुरानी परंपरा को आज भी जीवित रखे हुए है.
About the Authorआनंद पाण्डेयContent Producer
आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अ…
August 05, 2026, 19:58 IST



