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Health Tips : आंखों से किडनी तक हो सकती है खराब, गोंडा के वैद्य ने बताई शुगर से बचाव की ट्रिक

Last Updated:August 23, 2026, 20:44 IST

Blood Sugar Control Herbs : शुगर की बीमारी तेजी से लोगों को जकड़ती जा रही है. लोकल 18 से गोंडा के वैद्य डॉ. अभिषेक कुमार मिश्र बताते हैं कि डायबिटीज होने के बाद इसे जड़ से खत्म करने का दावा करने वाली बातों पर भरोसा नहीं करना चाहिए. शुगर को खान-पान, परहेज, व्यायाम और डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाओं से नियंत्रित रखा जा सकता है. डॉ. अभिषेक बताते हैं कि डायबिटीज को लंबे समय तक कंट्रोल में न रखा जाए तो आंखों, किडनी, पैरों और शरीर के दूसरे अंगों पर इसका असर पड़ सकता है. आयुर्वेद में शुगर के लिए चंद्रप्रभा वटी, जामुन की गुठली का पाउडर, मामेजवा, गुड़मार और एलोवेरा का इस्तेमाल किया जाता है.

गोंडा. डायबिटीज (शुगर) की समस्या में खान-पान और रोज की दिनचर्या का ध्यान रखना बहुत जरूरी है. छोटी-छोटी लापरवाही से ब्लड शुगर बढ़ सकता है और आगे चलकर कई तरह की परेशानियां हो सकती हैं. ऐसे में समय पर भोजन करना, मीठी चीजों से परहेज करना, रोजाना पैदल चलना और डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवा लेना जरूरी है. लोकल 18 से गोंडा के वैद्य डॉ. अभिषेक कुमार मिश्र बताते हैं कि कुछ जड़ी-बूटियों और आयुर्वेदिक औषधियों का इस्तेमाल पारंपरिक रूप से शुगर को कंट्रोल करने के लिए किया जाता है. हालांकि, इन्हें डॉक्टर की दवा का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए.

अभिषेक मिश्र बताते हैं कि डायबिटीज होने के बाद इसे जड़ से खत्म करने का दावा करने वाली बातों पर भरोसा नहीं करना चाहिए. सोशल मीडिया या किसी अन्य माध्यम से अगर कोई शुगर को पूरी तरह खत्म करने का दावा करता है, तो ऐसे दावों से सावधान रहना चाहिए. शुगर को खान-पान, परहेज, व्यायाम और डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाओं से नियंत्रित रखा जा सकता है. डॉ. अभिषेक कहते हैं कि HbA1c की जांच से पिछले करीब तीन महीनों के औसत ब्लड शुगर का पता चलता है. हालांकि, HbA1c की सामान्य, प्री-डायबिटीज और डायबिटीज वाली सीमा को सही रिपोर्ट और डॉक्टर की सलाह के साथ ही समझना चाहिए. डॉ. अभिषेक के मुताबिक, प्री-डायबिटीज को ठीक किया जा सकता है.

इन जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल

डॉ. अभिषेक बताते हैं कि डायबिटीज को लंबे समय तक कंट्रोल में न रखा जाए तो आंखों, किडनी, पैरों और शरीर के दूसरे अंगों पर इसका असर पड़ सकता है. इसलिए मरीजों को नियमित रूप से ब्लड शुगर की जांच करानी चाहिए और डॉक्टर की सलाह को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. डॉ. अभिषेक बताते हैं कि आयुर्वेद में शुगर के लिए चंद्रप्रभा वटी, जामुन की गुठली का पाउडर, मामेजवा, गुड़मार और एलोवेरा जैसी औषधियों का इस्तेमाल किया जाता है. जामुन की गुठली का पाउडर भी कई लोग पारंपरिक रूप से इस्तेमाल करते हैं.

बिना सलाह न करें ये काम

डॉ. अभिषेक बताते हैं कि डायबिटीज के मरीज अगर पहले से शुगर की दवा या इंसुलिन ले रहे हैं, तो बिना डॉक्टर या योग्य आयुर्वेद विशेषज्ञ की सलाह के कोई जड़ी-बूटी या औषधि शुरू नहीं करनी चाहिए. गलत तरीके से सेवन करने पर ब्लड शुगर जरूरत से ज्यादा कम भी हो सकता है. इसलिए जड़ी-बूटियों के साथ नियमित जांच, संतुलित खान-पान और डॉक्टर की सलाह का पालन करना जरूरी है.

About the AuthorPriyanshu Gupta

प्रियांशु को एक दशक से ज्यादा हो गए पत्रकारिता में. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी कर अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. यहां लंबे समय तक हरिया…

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Gonda,Uttar Pradesh

First Published :

August 23, 2026, 20:44 IST

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