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Health Tips: टूथपिक चलाने वाले सावधान! जिसे आप दांत का ‘मामूली कीड़ा’ समझ रहे हैं, वो बन सकता है जबड़े का ‘काल

Last Updated:July 09, 2026, 19:07 IST

Dental Problem Tips And Solution: टूथपिक का इस्तेमाल और कैविटी को नजरअंदाज करना जबड़े की हड्डी को नुकसान पहुंचा सकता है और मुंह में गांठ बना सकता है. डॉ. आशीष जोशी ने समय पर इलाज की सलाह दी. डॉ. जोशी के अनुसार, जब दांतों में छोटी कैविटी होती है तो उसमें खाना फंसने लगता है. अधिकांश लोग डॉक्टर के पास जाने के बजाय टूथपिक या किसी नुकीली चीज से उसे साफ करके नजरअंदाज कर देते हैं.

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पाली. क्या आपको भी पिज्जा, बर्गर या चॉकलेट खाना पसंद है? और क्या दांत में खाना फंसने पर आप भी डॉक्टर के पास जाने के बजाय जेब से टूथपिक निकालकर दांत साफ कर लेते हैं और फिर उसे नजरअंदाज कर देते हैं? अगर हां, तो सावधान हो जाइए. आपकी यह छोटी सी आदत आगे चलकर चेहरे का हुलिया बिगाड़ सकती है, जबड़े की हड्डी को नुकसान पहुंचा सकती है और मुंह में गंभीर गांठ तक बना सकती है. आज की लाइफस्टाइल में जंक फूड हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है, लेकिन इसका सबसे ज्यादा असर दांतों पर पड़ता है. अक्सर हल्की कैविटी या दांत में खाना फंसने पर लोग टूथपिक से सफाई करके बात को टाल देते हैं.

राजस्थान के जाने-माने दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. आशीष जोशी के अनुसार, छोटी सी कैविटी को नजरअंदाज करना आगे चलकर गंभीर समस्या बन सकता है. इससे दांत खराब होने के साथ जबड़े की हड्डी तक प्रभावित हो सकती है और मुंह में गांठ जैसी स्थिति भी बन सकती है. इसलिए समय रहते इलाज कराना बेहद जरूरी है.

टूथपिक का इस्तेमाल और बढ़ती लापरवाहीडॉ. जोशी के अनुसार, जब दांतों में छोटी कैविटी होती है तो उसमें खाना फंसने लगता है. अधिकांश लोग डॉक्टर के पास जाने के बजाय टूथपिक या किसी नुकीली चीज से उसे साफ करके नजरअंदाज कर देते हैं. यही लापरवाही आगे चलकर सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाती है. धीरे-धीरे सड़न दांत की ऊपरी परत को पार कर अंदर मौजूद नस यानी पल्प तक पहुंच जाती है.

एक छोटी कैविटी से हो सकते हैं कई खतरेनस तक इन्फेक्शन पहुंचने के बाद दांत पूरी तरह खराब हो सकता है और उसमें मवाद बनने लगता है. इन्फेक्शन बढ़ने पर यह जबड़े की हड्डी तक पहुंच जाता है, जिससे हड्डी कमजोर होने लगती है. संक्रमण के कारण मसूड़ों और चेहरे पर सूजन आ सकती है, जो आगे चलकर गंभीर गांठ का रूप भी ले सकती है. ठंडा या गर्म लगना, तेज दर्द और दांतों में संवेदनशीलता इसकी शुरुआती चेतावनी हो सकती है.

समय पर इलाज ही सबसे बेहतर उपायडॉ. आशीष जोशी ने बताया कि इस पूरी समस्या से बचने का सबसे आसान और किफायती तरीका यही है कि कैविटी की शुरुआत होते ही दंत चिकित्सक से जांच कराई जाए. यदि समय रहते दांत में फिलिंग करवा दी जाए, तो दांत को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है. इससे न तो रूट कैनाल (RCT) कराने की जरूरत पड़ती है और न ही दांत निकलवाने की नौबत आती है. समय पर इलाज करवाकर भविष्य में होने वाली कई बड़ी समस्याओं से बचा जा सकता है.

About the AuthorAnand Pandey

आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाते हुए उन्होंने राजनीति, अपराध और लाइफ…और पढ़ें

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