Health Tips : क्या होता है पहाड़ी दाड़िम? बढ़ाएगा भूख, रखेगा फिट…सेहत के लिए सुपरफूड

Last Updated:August 17, 2026, 17:16 IST
Pahadi Pomegranate Benefits : उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में मिलने वाला दाड़िम स्वाद के साथ सेहत के लिए किसी खजाने से कम नहीं. यह विटामिन-सी, एंटीऑक्सीडेंट और फाइबर से भरपूर होता है जो पाचन, रोग प्रतिरोधक क्षमता और हृदय स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है. लोकल 18 से बागेश्वर के चिकित्सक डॉ. ऐजल पटेल बताते हैं कि इसका खट्टा-मीठा स्वाद लोगों को खूब पसंद आता है. कुछ लोग दाड़िम के दानों को सीधे खाते हैं, जबकि कई जगह इसका रस दूसरे खाद्य पदार्थो में इस्तेमाल किया जाता है. इसमें मौजूद फाइबर पाचन तंत्र को एक्टिव बनाए रखते हैं. दाड़िम भूख भी बढ़ाता है.
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में मिलने वाला दाड़िम यानी पहाड़ी अनार स्वादिष्ट होने के साथ पोषक तत्वों से भरपूर फल माना जाता है. इसका खट्टा-मीठा स्वाद लोगों को खूब पसंद आता है. दाड़िम में विटामिन-सी और कई तरह के एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो शरीर को ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाने में मदद करते हैं. इसमें मौजूद फाइबर पाचन तंत्र के लिए उपयोगी होता है. नियमित सेवन से कब्ज जैसी समस्या में राहत मिल सकती है. दाड़िम में पानी की मात्रा भी पर्याप्त होती है.
दाड़िम को अक्सर खून बढ़ाने वाले फल के रूप में देखा जाता है, लेकिन वास्तविकता थोड़ी अलग है. दाड़िम में कुछ मात्रा में आयरन और अन्य पोषक तत्व जरूर पाए जाते हैं, मगर केवल दाड़िम खाने से एनीमिया यानी खून की कमी का इलाज नहीं किया जा सकता है. इसमें मौजूद विटामिन-सी भोजन से मिलने वाले आयरन के अवशोषण में मदद कर सकता है. इसलिए आयरन युक्त भोजन के साथ विटामिन-सी वाले फल उपयोगी हो सकते हैं. दाड़िम को संतुलित भोजन का हिस्सा बनाकर खाया जा सकता है.
डॉ. ऐजल पटेल के मुताबिक, पहाड़ी दाड़िम का सेवन पाचन के लिए भी लाभकारी है. इसके दानों में फाइबर पाया जाता है, जो आंतों की सामान्य गतिविधि को बनाए रखने में मदद करता है. पर्याप्त फाइबर लेने से मल त्याग नियमित रखने और कब्ज से बचने में सहायता मिलती है. दाड़िम का खट्टा-मीठा स्वाद भूख बढ़ाने में भी मदद कर सकता है, हालांकि इसका प्रभाव हर व्यक्ति में अलग हो सकता है. कुछ लोग दाड़िम के दानों को सीधे खाते हैं, जबकि कई जगह इसका रस या अन्य पारंपरिक खाद्य पदार्थो में इस्तेमाल किया जाता है.
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डॉ. ऐजल पटेल बताते हैं कि पहाड़ी दाड़िम में विटामिन-सी और दूसरे एंटीऑक्सीडेंट यौगिक पाए जाते हैं. ये पोषक तत्व शरीर की सामान्य प्रतिरक्षा प्रणाली को बेहतर ढंग से काम करने में मदद करते हैं. विटामिन-सी शरीर में कई महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं के लिए जरूरी पोषक तत्व है. ये त्वचा और ऊतकों को सामान्य बनाए रखता है. दाड़िम में मौजूद पॉलीफेनॉल जैसे यौगिक भी एंटीऑक्सीडेंट गतिविधि से जुड़े होते हैं.
दाड़िम में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट और पॉलीफेनॉल जैसे पौधों के यौगिक हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माने जाते हैं. कुछ अध्ययनों में अनार के सेवन और रक्तचाप में मामूली सुधार के बीच संबंध देखा गया है, लेकिन इसे रक्तचाप की दवा का विकल्प नहीं माना जा सकता है. दाड़िम में पोटैशियम और दूसरे पोषक तत्व भी पाए जाते हैं, जो संतुलित आहार का हिस्सा बनने पर स्वास्थ्य के लिए उपयोगी हैं.
दाड़िम में विटामिन-सी और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो त्वचा के सामान्य स्वास्थ्य के लिए उपयोगी पोषक तत्व हैं. विटामिन-सी शरीर में कोलेजन बनाने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. कोलेजन त्वचा, हड्डियों और शरीर के अन्य ऊतकों का महत्वपूर्ण हिस्सा है. दाड़िम में मौजूद पौधों के एंटीऑक्सीडेंट शरीर में ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाव में योगदान दे सकते हैं. इसी कारण इसे स्वस्थ खान-पान में शामिल करना फायदेमंद माना जाता है.
उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में दाड़िम लंबे समय से स्थानीय खान-पान का हिस्सा रहा है. पहाड़ी इलाकों में पाए जाने वाले दाड़िम का स्वाद सामान्य अनार की तुलना में कई बार अधिक खट्टा या तीखा महसूस हो सकता है. स्थानीय लोग इसे ताजा खाने के अलावा विभिन्न पारंपरिक व्यंजनों और घरेलू खाद्य तैयारियों में भी इस्तेमाल करते हैं. पहाड़ी दाड़िम की खासियत केवल इसका स्वाद ही नहीं, बल्कि इसमें मौजूद फाइबर, विटामिन और प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट भी हैं.
दाड़िम को सामान्य तौर पर ताजा दानों के रूप में खाना एक आसान तरीका है. फल को अच्छी तरह धोकर उसके दाने निकाले जा सकते हैं. दाड़िम का रस भी लिया जाता है, लेकिन पूरे फल में मौजूद फाइबर पाने के लिए दाने खाना अधिक उपयोगी है. बाजार में मिलने वाले पैकेज्ड जूस में अतिरिक्त चीनी हो सकती है, इसलिए लेबल देखकर चुनाव करना चाहिए. दाड़िम पौष्टिक फल है, लेकिन जरूरत से ज्यादा सेवन किसी भी खाद्य पदार्थ की तरह उचित नहीं माना जाता है.
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August 17, 2026, 17:16 IST



