World

Heavy Rain Alert : अभी बाकी है तबाही की बारिश, दिन में अंधेरा करने वाला तूफान क्रोवान्ह एक्टिव, 48 घंटे बहुत मुश्किल

इस साल कई बार तबाही की बारिश हुई, जगह-जगह फ्लैश फ्लड की वजह से भयावह हालात पैदा हुए. हालांकि, ये खौफनाक आफत अभी टली नहीं है. समंदर की लहरों के बीच से एक बार फिर तबाही का नया बवंडर उठ खड़ा हुआ है. समंदर से उठे भयंकर चक्रवाती तूफान ‘क्रोवान्ह’ ने दस्तक दे दी है और इसके आते ही आसमान से आफत की बारिश बरसने लगी है. कुछ इलाकों में रातों-रात मौसम ने ऐसा भयानक रूप बदला कि सिर्फ एक घंटे में 110 मिलीमीटर से ज्यादा रिकॉर्ड तोड़ बारिश दर्ज की गई है. ये आफत अभी एशिया के जापान में तबाही मचा रही है.

समंदर से उठी आफत: तूफान ‘क्रोवान्ह’ ने दी भयानक दस्तक

रविवार, 6 सितंबर को जापान के कई इलाकों में इस तूफान ने ऐसी भारी तबाही मचाई कि हर तरफ पानी ही पानी नजर आने लगा है. सबसे बुरा हाल इजू द्वीप समूह और हाचिजोजीमा का है, जहां फ्लैश फ्लड जैसे हालात हो गए हैं. मौसम विभाग ने खतरे की घंटी बजाते हुए भारी बारिश का अलर्ट जारी कर दिया है और कोस्टल इलाकों में रहने वाले लोगों की सांसें अटकी हुई हैं.

समंदर में कम दबाव बनने से चक्रवाती तूफान ‘क्रोवान्ह’ खड़ा हो गया. मौसम के एक दूसरे सिस्टम के एक्टिव होने से इस तूफान की ताकत कई गुना बढ़ गई. रविवार को लोग घरों में ही थे, तभी अचानक मौसम का मिजाज बदला और मूसलाधार बारिश होने लगी.

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि ये तूफान इतनी तेजी से आगे बढ़ा कि लोगों को संभलने का ज्यादा वक्त ही नहीं मिला. जैसे ही तूफान तटीय इलाकों के करीब पहुंचा, हवा की रफ्तार अचानक बढ़ गई और बादलों की गर्जना के साथ बारिश तेज हो गई. जापान के निचले इलाकों में देखते ही देखते सड़कों पर पानी जमा होना शुरू हो गया, जिससे लोगों की मुश्किलें काफी बढ़ गईं.

एक घंटे में 110 मिमी बारिश, इन इलाकों में बेकाबू हुए हालात

तूफान का सबसे भयानक असर दक्षिणी इजू द्वीप समूह में स्थित हाचिजोजीमा इलाके में देखने को मिला है. शनिवार रात से ही यहां रुक-रुक कर बारिश हो रही थी, लेकिन रात ढलते-ढलते मौसम का मिजाज पूरी तरह बिगड़ गया. रविवार तड़के आसमान में ऐसे काले घने बादल छाए कि दिन में ही अंधेरा लगने लगा.

जापान की मौसम एजेंसी के रिकॉर्ड के मुताबिक, हाचिजोजीमा में सिर्फ एक घंटे के भीतर लगभग 110 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई. ये बारिश इतनी तेज थी कि पानी की निकासी के सारे इंतजाम फेल हो गए. पक्के रास्ते, खेत और गलियाँ सब जलमग्न हो गए. एक घंटे में 110 मिमी बारिश होना बेहद खतरनाक माना जाता है, क्योंकि इतने कम समय में इतना पानी बाढ़ और लैंडस्लाइड के खतरे को कई गुना बढ़ा देता है.

समंदर में उठ रही ऊंची लहरें और तेज हवाओं का तांडव

तूफान क्रोवान्ह सिर्फ बारिश ही नहीं लाया है, बल्कि इसके साथ तेज हवाओं और समंदर में उठने वाली ऊंची लहरों ने भी दहशत फैला दी है. तटीय इलाकों में तूफानी हवाएं इतनी तेज चल रही हैं कि सड़क किनारे लगे पेड़-पौधे और होर्डिंग्स उखड़ने की कगार पर पहुंच चुके हैं.

समंदर में कई मीटर ऊंची तूफानी लहरें उठ रही हैं. इसे देखते हुए प्रशासन ने सभी तरह की जहाजरानी, बोटिंग और मछली पकड़ने की गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक लगा दी है. बंदरगाहों पर लंगर डाले जहाजों को सुरक्षित स्थानों पर बांधकर रखा गया है. जो लोग समंदर के किनारे रहते हैं, उन्हें तुरंत अपने घर खाली करने और सुरक्षित जगहों पर शरण लेने की चेतावनी दी गई है.

क्या होता है रिकॉर्ड शॉर्ट-टर्म हैवी रेन एडवाइजरी?

हाचिजोजीमा और आसपास के इलाकों में हालात की गंभीरता को देखते हुए जापान के मौसम विभाग ने ‘रिकॉर्ड शॉर्ट-टर्म हैवी रेन एडवाइजरी’ जारी की है.

सरल भाषा में कहें तो ये चेतावनी तब दी जाती है जब किसी बहुत छोटे इलाके में बेहद कम समय के भीतर ऐसी अभूतपूर्व और भारी बारिश हो जाए, जो सालों में एक बार देखने को मिलती है. इस तरह की एडवाइजरी का मतलब होता है कि इलाके में तुरंत भीषण बाढ़ आ सकती है, नदियां उफान पर आ सकती हैं और पहाड़ों से मिट्टी खिसक कर बस्तियों को तबाह कर सकती है. इस अलर्ट के आते ही स्थानीय प्रशासन तुरंत हरकत में आ जाता है और बचाव कार्य शुरू कर दिए जाते हैं.

भूस्खलन और बाढ़ का बढ़ा खतरा

जापान का भौगोलिक ढांचा ऐसा है कि यहां बारिश के साथ ही पहाड़ों से भूस्खलन का खतरा काफी बढ़ जाता है. इजू द्वीप समूह और हाचिजोजीमा में कई मकान पहाड़ियों के ढलान पर बने हुए हैं. लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण पहाड़ों की मिट्टी ढीली पड़ गई है, जिससे कभी भी बड़े पैमाने पर लैंडस्लाइड हो सकता है.

प्रशासन ने खतरे वाले इलाकों में रह रहे लोगों से साफ कहा है कि वो किसी भी इमरजेंसी स्थिति के लिए तैयार रहें. आपातकालीन सेवाओं, दमकल विभाग और कोस्ट गार्ड्स को हाई अलर्ट पर रखा गया है. शेल्टर होम खोल दिए गए हैं ताकि बाढ़ या भूस्खलन से प्रभावित लोगों को तुरंत सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाया जा सके.

अभी बाकी है तबाही, अगले 48 घंटों में क्या होगा?

मौसम विभाग का अनुमान है कि तूफान क्रोवान्ह का असर अभी खत्म नहीं हुआ है. आने वाले 24 से 48 घंटों में बारिश का दौर जारी रह सकता है. चूंकि बारिश कराने वाला फ्रंट एक ही जगह पर अटका हुआ है, इसलिए लगातार बारिश होने का खतरा बना हुआ है.

जापान सरकार और आपदा प्रबंधन की टीमें स्थिति पर पल-पल नजर बनाए हुए हैं. वैज्ञानिकों का कहना है कि ग्लोबल वार्मिंग की वजह से समंदर का तापमान बढ़ रहा है, जिसकी वजह से इस तरह के शक्तिशाली तूफान बार-बार आ रहे हैं और बहुत कम समय में भारी तबाही मचा रहे हैं. फिलहाल, इजू द्वीप समूह और जापान के पूर्वी तटीय इलाकों के लिए अगले कुछ घंटे बेहद नाजुक और मुश्किल रहने वाले हैं.

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj