खेत-खलिहान में दिखे ये पौधा तो न करें नजरअंदाज, आयुर्वेद में है बेहद खास, पाचन से लेकर भूख तक में करेगा सुधार

Last Updated:August 22, 2026, 11:58 IST
Chitrak Medicinal Plant: चित्रक सिर्फ एक सामान्य पौधा नहीं है. आयुर्वेद में इसकी जड़ का इस्तेमाल कई तरह की औषधीय तैयारियों में किए जाने का उल्लेख मिलता है. इसे पाचन, भूख और पेट से जुड़ी कुछ समस्याओं में उपयोगी बताया जाता है. हालांकि चित्रक का इस्तेमाल जितना खास है, उतनी ही इसमें सावधानी भी जरूरी है, क्योंकि गलत मात्रा या बिना विशेषज्ञ की सलाह के इसका सेवन नुकसान पहुंचा सकता है. जानिए चित्रक के किन प्रयोगों का आयुर्वेद में उल्लेख मिलता है और इसके इस्तेमाल में किन बातों का ध्यान रखना चाहिए.
Chitrak Medicinal Plant: गांवों में कई ऐसे पौधे आसानी से दिखाई देते हैं, जिनकी खासियत के बारे में बहुत कम लोग जानते हैं. चित्रक भी ऐसा ही पौधा है. देखने में सामान्य लगने वाला यह पौधा आयुर्वेद में काफी समय से इस्तेमाल होता आ रहा है. खासकर इसकी जड़ का अलग-अलग तरह से प्रयोग किया जाता है. हालांकि, औषधीय पौधा होने के बावजूद इसका इस्तेमाल अपनी मर्जी से करना ठीक नहीं माना जाता.
गोंडा के वैद्य डॉ. अभिषेक कुमार मिश्र के मुताबिक, चित्रक को आयुर्वेद में पाचन से जुड़ी कई समस्याओं में उपयोगी बताया गया है. इसका इस्तेमाल किस तरह और कितनी मात्रा में करना है, यह व्यक्ति की समस्या और उसकी स्थिति के आधार पर तय किया जाता है.
चित्रक की जड़ का होता है इस्तेमाललोकल 18 से बातचीत में वैद्य डॉ. अभिषेक कुमार मिश्र ने बताया कि चित्रक का मुख्य रूप से जड़ के लिए इस्तेमाल किया जाता है. आयुर्वेद में इसकी जड़ से अलग-अलग तरह की औषधियां तैयार की जाती हैं. चित्रक का वैज्ञानिक नाम Plumbago zeylanica है. इसे चित्र और चीता नाम से भी जाना जाता है.
भूख और पाचन के लिए उपयोगीवैद्य के अनुसार, चित्रक का इस्तेमाल आयुर्वेद में भूख बढ़ाने और पाचन क्रिया को बेहतर करने के लिए किया जाता है. जिन लोगों को पाचन से जुड़ी परेशानी रहती है, उनमें कुछ स्थितियों में इसका प्रयोग किया जाता है. हालांकि, इसका इस्तेमाल व्यक्ति की समस्या को देखकर ही किया जाना चाहिए.
पेट साफ करने में भी किया जाता है प्रयोगचित्रक का प्रयोग कुछ आयुर्वेदिक उपचारों में पेट साफ करने के लिए भी बताया गया है. वैद्य के मुताबिक, कुछ स्थितियों में इसकी जड़ का इस्तेमाल शरीर की सफाई और पेट से जुड़ी परेशानी में किया जाता है. लेकिन इसकी मात्रा और सेवन का तरीका विशेषज्ञ की सलाह के बाद ही तय होना चाहिए.
बुखार और बवासीर में भी इस्तेमालडॉ. अभिषेक कुमार मिश्र ने बताया कि आयुर्वेद में चित्रक का प्रयोग कुछ स्थितियों में बुखार और बवासीर जैसी समस्याओं में भी किया जाता है. हालांकि, हर व्यक्ति के लिए इसका इस्तेमाल एक जैसा नहीं होता. मरीज की स्थिति को देखते हुए ही इसके प्रयोग का फैसला किया जाता है.
चित्रक का इस्तेमाल कुछ पाचन संबंधी समस्याओं में किया जाता है, लेकिन हार्ट ब्लॉकेज जैसी गंभीर बीमारी में इसे खुद से लेना सही नहीं है. ऐसी बीमारी में डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है.
ज्यादा मात्रा में नुकसान भी हो सकता हैचित्रक औषधीय पौधा जरूर है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि इसे बिना जानकारी के इस्तेमाल किया जा सकता है. इसकी जड़ का गलत तरीके से या अधिक मात्रा में सेवन नुकसान पहुंचा सकता है. इसलिए किसी भी बीमारी में इसका इस्तेमाल करने से पहले योग्य आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह लेना जरूरी है. चित्रक गांव और ग्रामीण इलाकों में आसानी से मिलने वाला पौधा है, लेकिन इसके औषधीय इस्तेमाल में सावधानी सबसे जरूरी है. आयुर्वेद में इसे भूख, पाचन और पेट से जुड़ी कुछ समस्याओं में उपयोगी बताया गया है. इसलिए इसके बारे में जानकारी होने के साथ यह भी जरूरी है कि इसका इस्तेमाल सही मात्रा और विशेषज्ञ की सलाह से ही किया जाए.
About the AuthorSeema Nath
Seema Nath is a digital journalist and content creator with 6 years of experience in journalism, including ground reporting, regional news coverage and feature writing. She currently works as a Content Producer…
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Gonda,Uttar Pradesh
First Published :
August 22, 2026, 11:58 IST
Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.



