जौहरी बाजार में गुजराती स्वाद का जलवा! 2 घंटे में खत्म हो जाता है खमण, स्वाद ऐसा कि खिंचे चले आते हैं लोग

जयपुर. राजधानी जयपुर की चारदीवारी बाजार की छोटी-छोटी गलियों में स्वादिष्ट जायकों की खुशबू बहती है, जहां सुबह से शाम तक स्वाद के चटोरे लोग भीड़ लगाए खड़े रहते हैं. ऐसे ही जयपुर में राजस्थानी फूड के अलावा लोग गुजराती फूड खमण-ढोकला, जलेबी-फाफड़ा जैसे अलग-अलग फूड को भी खूब पसंद करते हैं. ऐसे ही जयपुर के चारदीवारी बाजार के जौहरी बाजार में “श्रीजी खमण वाला” की एक छोटी सी दुकान है, जहां खमण का स्वाद लेने के लिए लोगों को घड़ी में समय देखना पड़ता है, क्योंकि यहां सिर्फ कुछ ही घंटों के लिए खमण मिलता है. यहां के स्वादिष्ट खमण की इतनी ज्यादा डिमांड रहती है कि 2 से 3 घंटे में लोग कई किलो खमण खत्म कर देते हैं.
लोकल 18 ने जौहरी बाजार में पहुंचकर इस छोटी सी दुकान के मालिक नवीन भाई और पूजा भाई से बात की. वे बताते हैं कि वे गुजरात के रहने वाले हैं और लंबे समय तक डायमंड और ज्वेलरी का काम करते थे, लेकिन बाजार में मंदी के चलते वे नए काम की तलाश में जयपुर आए. साथ ही गुजराती स्वाद भी उनके साथ जयपुर पहुंचा. नवीन भाई का कहना है कि जयपुर में रहने के दौरान वे हर दिन भगवान को खमण का प्रसाद बनाकर भोग लगाते थे. एक बार मंदिर के पुजारी ने उन्हें सलाह दी कि आप खमण की दुकान क्यों नहीं खोल लेते. इसके बाद उन्होंने एक छोटी सी दुकान में “श्रीजी खमण वाला” नाम से खमण की दुकान शुरू की, जो पिछले 28 वर्षों से जयपुर की सबसे फेमस खमण की दुकानों में शामिल है.
दुकान खुलते ही खमण के लिए लग जाती है लाइन
पूजा भाई लोकल 18 को बताया कि हमारे खमण का स्वाद ऐसा है कि लोग दुकान खुलने से पहले ही यहां लाइन लगाकर खड़े हो जाते हैं. यह कभी-कभी नहीं बल्कि हर दिन होता है, क्योंकि हम ज्यादा खमण नहीं बनाते हैं. हमसे जितना तैयार हो पाता है, उतना ही बनाते हैं, लेकिन वह भी लोगों को कम पड़ जाता है. हमारे यहां कोई आम व्यक्ति हो या वीआईपी, खमण का स्वाद लेने के लिए सभी को लाइन में खड़ा होना पड़ता है. भीड़ इतनी ज्यादा होती है कि लाइन से ही खमण देना पड़ता है.
नरम और स्पंजी होता है खमण
नवीन भाई बताते हैं कि हमारे खमण का स्वाद खासतौर पर नरम और स्पंजी होता है, जो असली गुजराती टेस्ट देता है. इसमें खमण पर नींबू का रस और धनिया डालकर ग्राहकों को परोसा जाता है. हम सुबह 8:30 बजे घर से खमण लेकर दुकान पर पहुंचते हैं, जहां पहले से ही लोग लाइन लगाकर या दुकान खुलने का इंतजार करते हुए बैठे रहते हैं. पिछले 28 सालों से लोग हमारे स्वाद को पसंद कर रहे हैं और हम भी अब राजस्थानी लोगों के बीच बड़े प्रेम से रह रहे हैं.
जयपुर में फेमस है श्रीजी खमण
नवीन भाई बताते हैं कि जयपुर में कई जगहों पर गुजराती फूड मिलता है, लेकिन हम सिर्फ खमण ही बनाते हैं और उतना ही बनाते हैं जितना हमसे बन पाता है. मेरी और पूजा भाई की उम्र 60 साल से अधिक है. हम बचपन से दोस्त हैं और हर जगह साथ काम किया है और आगे भी साथ ही रहेंगे. आपको बता दें कि “श्रीजी खमण” की दुकान जौहरी बाजार की एक गली के नुक्कड़ पर बनी छोटी सी दुकान है, जिसमें सिर्फ दो लोग ही बैठ सकते हैं. वहीं खमण की ट्रे रखी जाती है.
240 रूपए प्रति किलो है खमण की कीमत
न कोई प्रचार-प्रसार, न दिखावा, सिर्फ स्वाद की बादशाहत ही इस दुकान की पहचान है. इस दुकान की खास बात यह भी है कि यहां खमण लेने के लिए कैश लेकर आना पड़ता है, क्योंकि यहां ऑनलाइन पेमेंट नहीं लिया जाता. यहां एक किलो खमण की कीमत 240 रुपए है, जिसे लोग बड़ी मात्रा में पैक कराकर ले जाते हैं. यही वजह है कि कुछ ही घंटों में पूरा खमण खत्म हो जाता है.



