‘विधेयक पास होते ही भारत का होगा POK’, परिसीमन बिल पर BJP नेता का बड़ा बयान

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‘विधेयक पास होते ही भारत का होगा POK’, परिसीमन बिल पर BJP नेता का बड़ा बयान
Last Updated:April 17, 2026, 11:58 IST
बीजेपी नेता बूरा नरसैया गौड़ ने कहा कि परिसीमन बिल पास होते ही पीओके भारत को वापस मिल जाएगा. परिसीमन में पीओके के लिए भी सीटें तय होंगी, भविष्य में वहां के लोगों को वोट और संसद में प्रतिनिधित्व मिलेगा.
परिसीमन विधेयक पर बीजेपी नेता ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि बिल पास होने के बाद पीओके भारत का हिस्सा होगा.
India will Get back POK: बीजेपी नेता बूरा नरसैया गौड़ ने शुक्रवार को एक बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि संसद में पेश किए जा रहे परिसीमन बिल के पास होने के बाद पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) भी भारत को मिल जाएगा. उन्होंने कहा कि इस बिल की सबसे खास बात यह है कि इसमें पीओके के लिए भी सीटें आवंटित की गई हैं.
गौड़ ने कहा, ‘इस बिल की खूबसूरती यही है कि पीओके के लिए सीटें रखी गई हैं. इससे पीओके के लोगों को वोट देने का अधिकार मिलेगा.एक दिन जब हम पीओके को वापस हासिल कर लेंगे, तो वहां के लोग 77 साल बाद पहली बार वोट डाल सकेंगे और उनके प्रतिनिधि लोकसभा व राज्यसभा में बैठ सकेंगे.’
यह बयान ऐसे समय में आया है जब लोकसभा में तीन महत्वपूर्ण बिलों पर चर्चा और वोटिंग चल रही है. इनमें परिसीमन बिल को लेकर विपक्ष लगातार हमलावर हो रहा है और विरोध भी जता रहा है.
क्या हैं इन बिलों में?लोकसभा में गुरुवार को 12 घंटे की मैराथन चर्चा के बाद तीन बिल पेश किए गए.
. पहला बिल संविधान (131वां संशोधन) बिल, 2026 है जो महिलाओं को संसद और राज्य विधानसभाओं में 33 फीसदी आरक्षण देने के लिए है.
. दूसरा बिल परिसीमन विधेयक 2026 है जो लोकसभा की सीटों को बढ़ाकर 850 करने और नए सिरे से सीटों की सीमा तय करने के लिए है.
. तीसरा बिल यूनियन टेरिटरी लॉ अमेंडमेंट बिल है जो दिल्ली और जम्मू-कश्मीर में भी महिलाओं का आरक्षण लागू करने के लिए है.
सरकार की योजना है कि महिलाओं का 33 फीसदी आरक्षण बिल 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले लागू कर दिया जाए. इसके लिए 2023 के कानून में बदलाव किया जा रहा है और डिलिमिटेशन प्रक्रिया को 2027 की जनगणना से अलग किया जा रहा है.
विपक्ष कर रहा जमकर विरोध विपक्षी दलों ने महिलाओं के आरक्षण विधेयक का तो समर्थन किया लेकिन परिसीमन बिल का पुरजोर विरोध कर रहे हैं. उनका कहना है कि 2011 की जनगणना के आधार पर सीटें बढ़ाने से दक्षिण भारतीय राज्यों की संसद में हिस्सेदारी कम हो जाएगी. वहीं उत्तर भारत के राज्यों की संख्या बढ़ जाएगी.
विपक्ष ने कहा कि वे महिलाओं को आरक्षण जल्दी देने के पक्ष में हैं, लेकिन डिलिमिटेशन बिल को लेकर चिंतित हैं.
About the Authorप्रिया गौतमSenior Correspondent
Priya Gautam is an accomplished journalist currently working with Hindi..com with over 14 years of extensive field reporting experience. Previously worked with Hindustan times group (Hindustan Hindi) and …और पढ़ें
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First Published :
April 17, 2026, 11:45 IST



