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Investment Tips : सिर्फ देरी ने करा दिया 83 लाख का नुकसान, तभी तो कहते हैं टाइम इज मनी! यकीन नहीं तो खुद देख लो

Last Updated:November 12, 2025, 11:42 IST

Time is Money : अगर आपको भी इस बात पर यकीन नहीं है कि टाइम इज मनी तो यह कैलकुलेशन देखें और साफ पता चल जाएगा कि कैसे समय के साथ आपका पैसा बढ़ता है. आपको समझ आ जाएगा कि मोटा पैसा बनाने के लिए सिर्फ एक चीज जरूरी है, समय.सिर्फ देरी ने करा दिया 83 लाख का नुकसान, तभी तो कहते हैं टाइम इज मनी!म्‍यूचुअल फंड में निवेश करते समय टाइम सबसे जरूरी होता है.

नई दिल्‍ली. आपने भी कई बार कहा और सुना होगा कि टाइम इज मनी. इसका मतलब तो आप बखूबी समझते हैं, लेकिन क्‍या सच में समय से पैसे बनते हैं. इस बात पर आपको शायद ही यकीन हो. अगर नहीं है तो इस सिंपल से कैलकुलेशन को देखिए और सारी तस्‍वीर साफ हो जाएगी. आप खुद देख लेंगे कि कैसे एक आम आदमी को सिर्फ देरी की वजह से 83 लाख रुपये का नुकसान हो जाता है. इतनी बड़ी रकम को देखकर तो आपके मन में भी जरूर कौतुहल आ गया होगा कि आखिर ऐसा क्‍या है, जो सिर्फ समय की वजह से किसी को लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा.

टाइम इज मनी को साबित करने के लिए इस्‍तेमाल करते हैं सबसे सिंपल निवेश विकल्‍प का. आजकल म्‍यूचुअल फंड में एसआईपी और लम्‍पसम के जरिये निवेश करने का सबसे ज्‍यादा चलन है. टाइम इज मनी को समझने के लिए मान लेते हैं कि आपको सालाना 12 फीसदी का रिटर्न मिलता है. अब अगर 20 साल की उम्र में किसी ने 1 लाख रुपये का एकमुश्‍त निवेश म्‍यूचुअल फंड में किया तो 60 साल की रिटायरमेंट उम्र तक यह रकम बढ़कर करीब 93 लाख रुपये हो जाएगी. लेकिन, अगर किसी ने 1 लाख रुपये का निवेश 40 साल की उम्र में किया तो उसे 60 साल की रिटायरमेंट उम्र तक सिर्फ 10 लाख रुपये का ही रिटर्न मिलेगा. अंतर साफ है कि सिर्फ 20 साल की देरी की वजह से सीधे 83 लाख रुपये का नुकसान होता है.

क्‍यों बढ़ता है समय के साथ पैसाइसका जवाब महान वैज्ञानिक अल्‍बर्ट आईंस्‍टीन के उस फॉर्मूले में छिपा है, जिसे वह दुनिया का आठवां अजूबा कहते थे. इसका नाम है कम्‍पाउंडिंग, जी सही पढ़ा आपने. इसी कम्‍पाउंडिंग के दम पर आपकी छोटी सी रकम समय के साथ बढ़ती जाती है. कम्‍पाउंडिंग में आपको पिछले साल निवेश पर मिले ब्‍याज पर भी अगले साल ब्‍याज मिलता है. इस तरह, कुछ ही साल बाद ऐसा समय आता है जब आपकी निवेश की गई रकम से कहीं ज्‍यादा आपके रिटर्न में ब्‍याज जुड़ जाता है. यही कम्‍पाउंडिंग आपको टाइम इज मनी वाली फीलिंग देता है.

टाइम और रिटर्न का सीधा संबंध

20 साल की उम्र में किए गए निवेश पर 12 फीसदी की दर से 60 साल की उम्र तक 93 गुना रिटर्न मिलेगा.
25 साल की उम्र में निवेश किया तो 60 साल की उम्र तक आपका पैसा सिर्फ 53 गुना ही बढ़ेगा.
30 साल की उम्र में यही निवेश किया गया है तो 60 साल की उम्र तक रिटर्न 30 गुना रह जाएगा.
35 साल में किया गया निवेश 60 साल की उम्र होने तक सिर्फ 17 गुना ही बढ़ेगा.
40 साल की उम्र में किसी ने निवेश किया है तो 60 साल होने तक आपका पैसा सिर्फ 10 गुना ही बढ़ सकेगा.
45 साल में यही निवेश किया गया है तो 60 साल की उम्र तक कुल रिटर्न 5.5 गुना ही आएगा.
50 साल की उम्र में निवेश किया है तो 60 साल की उम्र होने तक आपका पैसा 3.1 गुना ही बढ़ सकेगा.
55 साल में आपने यही निवेश किया तो अगले 5 साल यानी 60 की उम्र तक सिर्फ 1.8 गुना रिटर्न मिल सकेगा.

पैसा नहीं समय का खेलऊपर बताए आंकड़े और कैलकुलेशन से एक बात तो साफ हो गई है कि भविष्‍य के लिए सुरक्षित रकम बनाने में पैसे से ज्‍यादा समय का खेल रहता है. ज्‍यादातर लोग निवेश के लिए अधिक कमाई का इंतजार करते हैं, जबकि करना यह चाहिए कि आपके पास जो भी पैसा आता है, उसमें से छोटी सी रकम से ही निवेश शुरू कर देना चाहिए. इससे समय के साथ आपके पास मोटा फंड एकत्र होना शुरू हो जाएगा. बाद में अगर ज्‍यादा पैसा आता है तो आप अपने निवेश को बढ़ा सकते हैं. लेकिन, इंतजार से पैसा तो मिलेगा नहीं और समय भी चला जाएगा.

Pramod Kumar Tiwari

प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें

प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि… और पढ़ें

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First Published :

November 12, 2025, 11:42 IST

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