Rajasthan

Is Monitor Lizard Poisonous | घर में घुस जाए मॉनिटर लिजार्ड तो क्या करें? कोटा के विशेषज्ञ ने बताए सच और सावधानियां

Last Updated:June 26, 2026, 13:25 IST

Chhipkali Bhagane Ka Tareeka : बरसात के मौसम में कई बार मॉनिटर लिजार्ड यानी जंगली छिपकली भोजन की तलाश में रिहायशी इलाकों और घरों तक पहुंच जाती है. इसकी बड़ी काया और अलग बनावट देखकर लोग घबरा जाते हैं और इसे जहरीला मान लेते हैं. हालांकि वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि मॉनिटर लिजार्ड सामान्य परिस्थितियों में इंसानों पर हमला नहीं करती और इसके शरीर में कोई जहर नहीं होता. कोटा के वन्यजीव प्रेमी गोविंद शर्मा के अनुसार यदि यह घर में दिखाई दे तो घबराने की जरूरत नहीं है. बाहर निकलने का रास्ता खुला रखें और लंबी लकड़ी की मदद से हल्की आवाज करते हुए इसे बाहर की दिशा में बढ़ने का मौका दें. विशेषज्ञों का कहना है कि इसे पकड़ने या मारने की कोशिश नहीं करनी चाहिए. मॉनिटर लिजार्ड चूहों, मेंढकों और कीड़ों को खाकर प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. इसके काटने से मौत होने की धारणा का भी कोई वैज्ञानिक आधार नहीं माना जाता.

कोटा. चंबल नदी किनारे बसा कोटा शहर हरियाली और वन्यजीवों की विभिन्न प्रजातियों के लिए भी जाना जाता है. बरसात के मौसम में कई बार जंगली छिपकली (मॉनिटर लिजार्ड) भोजन की तलाश में रिहायशी इलाकों और घरों तक पहुंच जाती है. इसकी बड़ी काया और डरावनी बनावट देखकर लोग अक्सर घबरा जाते हैं और इसे जहरीला समझ लेते हैं. हालांकि, वन्यजीव प्रेमी गोविंद शर्मा का कहना है कि मॉनिटर लिजार्ड को लेकर कई भ्रांतियां फैली हुई हैं. यह जहरीली नहीं होती और सामान्य परिस्थितियों में इंसानों पर हमला भी नहीं करती.

गोविंद शर्मा बताते हैं कि यदि किसी के घर में मॉनिटर लिजार्ड आ जाए तो सबसे पहले घबराने की बजाय शांत रहें. घर का मुख्य दरवाजा या बाहर निकलने का रास्ता खुला रखें और वहां मौजूद लोगों को दूर कर दें, ताकि जानवर घबराए नहीं. इसके बाद पैरों में जूते पहनकर एक लंबी लकड़ी की मदद से हल्की-हल्की आवाज करते हुए उसे बाहर की ओर बढ़ने का रास्ता दें. अधिकांश मामलों में मॉनिटर लिजार्ड उसी रास्ते से बाहर निकल जाती है, जिससे वह घर के अंदर आई होती है. उसे पकड़ने या मारने का प्रयास बिल्कुल नहीं करना चाहिए.

भ्रम ज्यादा, खतरा कमडॉ. विनीत मोबिया ने बताया कि मॉनिटर लिजार्ड इंसानों को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से घरों में नहीं आती. इसका मुख्य भोजन चूहे, मेंढक, कीड़े-मकोड़े और अन्य छोटे जीव होते हैं. जहां चूहों की संख्या अधिक होती है, वहां इसके आने की संभावना भी बढ़ जाती है. कई बार यह नालियों और पाइपलाइन के रास्ते घरों तक पहुंच जाती है. ऐसे में इसे नुकसान पहुंचाने के बजाय सुरक्षित तरीके से बाहर निकालना ही सबसे बेहतर उपाय है.

क्या इस छिपकली के शरीर में जहर होता हैवहीं, गोविंद शर्मा के अनुसार मॉनिटर लिजार्ड के शरीर में जहर नहीं होता. हालांकि, यह सड़े-गले जीव या छोटे शिकार खाने के कारण बैक्टीरिया लिए हो सकती है. इसलिए इसे हाथ लगाने या पकड़ने की कोशिश नहीं करनी चाहिए. यदि यह खतरा महसूस करती है तो खुद का बचाव करने के लिए खरोंच मार सकती है या काट सकती है. इसलिए इससे सुरक्षित दूरी बनाए रखना जरूरी है.

इस छिपकली के काटने से मौत का क्या कनेक्शनउन्होंने कहा कि गांवों और शहरों में आज भी यह धारणा प्रचलित है कि मॉनिटर लिजार्ड के काटने से व्यक्ति की मौत हो जाती है, जबकि इसका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है. लोगों को अफवाहों पर विश्वास करने के बजाय सही जानकारी अपनानी चाहिए. उन्होंने बताया कि मॉनिटर लिजार्ड पारिस्थितिकी तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है और चूहों जैसे जीवों की संख्या नियंत्रित कर प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में मदद करती है.

About the AuthorAnand Pandey

आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाते हुए उन्होंने राजनीति, अपराध और लाइफ…और पढ़ें

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