राफेल के जुड़वा भाई में लग गया इजरायली अस्त्र, 100 KM दूर से वज्र करेगा ऐसा वार, एक झटके में दुश्मन स्वाहा

भारतीय वायुसेना के सबसे भरोसेमंद फाइटर जेट में शामिल मिराज-2000 अब पहले से कहीं ज्यादा घातक हो गया है. हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने फ्रांसीसी कंपनी दसॉल्ट के बनाए इस फाइटर जेट में इजरायल के अत्याधुनिक SPICE-1000 प्रिसिजन गाइडेड हथियार का सफल इंटीग्रेशन पूरा कर लिया है. इसके साथ ही मिराज-2000 अब दुश्मन की सीमा में घुसे बिना 100 किलोमीटर से ज्यादा दूरी पर मौजूद ठिकानों को बेहद सटीकता के साथ तबाह कर सकेगा. यही वजह है कि राफेल का ‘जुड़वा भाई’ कहे जाना वाला मिराज-2000 अब और भी खतरनाक स्ट्राइक प्लेटफॉर्म बन गया है.
राफेल के जुड़वा भाई को मिली नई मारक ताकत
बालाकोट एयर स्ट्राइक से दुनिया को अपनी ताकत दिखा चुके भारतीय वायुसेना के मिराज-2000 लड़ाकू विमान को अब एक नया घातक हथियार मिल गया है. HAL के मुताबिक, मिराज-2000 के विंग स्टेशनों पर इजरायली SPICE-1000 प्रिसिजन गाइडेड म्यूनिशन किट का सफल इंटीग्रेशन पूरा हो चुका है. इसके साथ जुड़े सभी कैरिज, हैंडलिंग और फ्लाइट ट्रायल भी सफलतापूर्वक पूरे कर लिए गए हैं.
इस उपलब्धि के बाद मिराज-2000 अब दुश्मन के एयर डिफेंस की पहुंच से काफी दूर रहते हुए भी हाई-वैल्यू टारगेट पर सटीक हमला कर सकेगा. यानी पायलट को दुश्मन के खतरनाक मिसाइल कवच के भीतर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी.
क्या है SPICE-1000 की सबसे बड़ी ताकत?
इजरायल की राफेल एडवांस्ड डिफेंस सिस्टम्स की ओर से विकसित SPICE-1000 कोई साधारण बम नहीं है. यह एक स्मार्ट गाइडेंस किट है, जो सामान्य 1,000 पाउंड के बम को लंबी दूरी तक मार करने वाले अत्याधुनिक प्रिसिजन हथियार में बदल देती है.
इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह GPS पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहता. इसमें लगे इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल और इन्फ्रारेड सीकर लक्ष्य की तस्वीर को पहले से फीड किए गए डेटा से मिलाकर खुद ही निशाना पहचान लेते हैं. इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग या GPS बाधित होने की स्थिति में भी यह अपने लक्ष्य तक पहुंच सकता है.
करीब 100 से 125 किलोमीटर की दूरी से छोड़ा गया यह हथियार तीन मीटर से भी कम की त्रुटि के साथ टार्गेट को निशाना बना सकता है. दिन हो, रात हो या खराब मौसम… इसकी सटीकता बरकरार रहती है.
बालाकोट एयरस्ट्राइक में मिराज-2000 फाइटर जेट ने अपना लोहा मनवाया था.
बालाकोट एयरस्ट्राइक से मिला बड़ा सबक
भारतीय वायुसेना ने पहली बार SPICE फैमिली के हथियारों का इस्तेमाल 2019 के बालाकोट एयर स्ट्राइक में किया था. उस समय मिराज-2000 ने SPICE-2000 बमों के जरिए आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया था.
हालांकि उस समय अपग्रेडेड मिराज-2000 विमानों में यह हथियार पूरी तरह इंटीग्रेट नहीं था. अब SPICE-1000 के शामिल होने के बाद यह कमी भी दूर हो गई है. इससे वायुसेना के अपग्रेडेड Mirage-2000I और Mirage-2000TI बेड़े की मारक क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी.
मिराज ही नहीं, इन फाइटर जेट्स पर भी होगी तैनाती
रक्षा मंत्रालय पहले ही लगभग एक हजार SPICE-1000 किट खरीदने को मंजूरी दे चुका है. भविष्य में इस हथियार को सुखोई Su-30MKI, राफेल और स्वदेशी तेजस जैसे लड़ाकू विमानों के साथ भी जोड़ा जाएगा. इससे भारतीय वायुसेना के कई फ्रंटलाइन फाइटर जेट एक जैसी लंबी दूरी की प्रिसिजन स्ट्राइक क्षमता हासिल कर लेंगे.
मिराज को बनाया और आधुनिक
एचएएल पिछले कई वर्षों से मिराज-2000 के आधुनिकीकरण पर काम कर रहा है. कंपनी ने इस विमान को आधुनिक रडार, ग्लास कॉकपिट, नए मिशन कंप्यूटर, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम और भारत की जरूरतों के अनुसार विकसित हथियारों से लैस किया है.
SPICE-1000 का सफल इंटीग्रेशन इसी आधुनिकीकरण कार्यक्रम का नया चरण है, जिससे चार दशक पुराने इस लड़ाकू विमान की उपयोगिता आने वाले वर्षों तक बनी रहेगी.
सीमा पर बदलेगा युद्ध का समीकरण
भारत की पश्चिमी और उत्तरी सीमाओं पर दुश्मन देशों ने मजबूत एयर डिफेंस सिस्टम तैनात किए हैं. ऐसे माहौल में SPICE-1000 जैसे स्टैंडऑफ हथियार बेहद अहम साबित होते हैं. मिराज-2000 अब सुरक्षित दूरी से एक साथ कई अलग-अलग लक्ष्यों पर हमला कर सकेगा. इस हथियार में अलग-अलग मिशन प्रोफाइल पहले से फीड किए जा सकते हैं और एक ही मिशन में कई बम अलग-अलग ठिकानों पर छोड़े जा सकते हैं.
यानी अगर भविष्य में किसी सर्जिकल या एयर स्ट्राइक जैसी कार्रवाई की जरूरत पड़ती है, तो मिराज-2000 पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षित, सटीक और घातक साबित होगा.



