मिठाई में मिलावट, त्योहार से पहले अजमेर में बड़ी कार्रवाई, पिस्ता की जगह डाल रहे थे रंगी हुई मूंगफली

Last Updated:August 03, 2026, 21:56 IST
Ajmer News : आगामी त्यौहारों को देखते हुए अजमेर में खाद्य सुरक्षा विभाग अलर्ट हो गया है. आज ही विभाग ने 2000 किलो सोहन पपड़ी सीज की. बताया जा रहा है कि पिस्ता की जगह रंगी मूंगफली का इस्तेमाल किया जा रहा थआ. फिलहाल फैक्ट्री को बंद कर दिया गया. आगे जांच में पता चला कि यह पूरी तरह से गंदगी में तैयार किया जा रहा था जिससे लोगों के सेहत पर बुरा असर पड़ता.राजस्थान में मिलावटी मिठाई पर विभाग की कार्रवाई
अजमेर. त्योहारी सीजन शुरू होते ही अजमेर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावट और खराब गुणवत्ता वाली मिठाइयों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. विभाग की टीम ने ब्यावर रोड स्थित सोमलपुर में संचालित मैसर्स मुस्कान सोहन पपड़ी निर्माण इकाई पर छापा मारा. जांच के दौरान फैक्ट्री में कई गंभीर अनियमितताएं मिलीं. मौके से करीब 2000 किलो तैयार सोहन पपड़ी सीज कर दी गई, जबकि दो खाद्य नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं.
यह कार्रवाई आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण राजस्थान, जयपुर और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी अजमेर डॉ. ज्योत्सना रांगा के निर्देश पर की गई. सोमवार को खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने फैक्ट्री का निरीक्षण किया तो वहां का हाल देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए.
गंदगी के बीच तैयार हो रही थी सोहन पपड़ीनिरीक्षण के दौरान सामने आया कि फैक्ट्री में सोहन पपड़ी बेहद गंदे और अनहाइजीनिक माहौल में तैयार की जा रही थी. पूरे परिसर में सफाई की कमी थी और चारों तरफ मक्खियां भिनभिना रही थीं. ऐसे माहौल में तैयार हो रही मिठाई को बाजार में बेचे जाने की तैयारी थी. खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने मौके पर ही उत्पादन प्रक्रिया की जांच की और कई ऐसे तथ्य सामने आए जिन्हें खाद्य सुरक्षा मानकों के खिलाफ माना गया.
पिस्ता की जगह रंगी हुई मूंगफली का इस्तेमालजांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि सोहन पपड़ी में भारी मात्रा में खाद्य रंगों का उपयोग किया जा रहा था. सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि पिस्ता कटिंग के नाम पर हरे रंग से रंगी हुई मूंगफली का इस्तेमाल किया जा रहा था. विभाग ने इस सामग्री को मौके पर ही नष्ट करवा दिया. अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की सामग्री का उपयोग उपभोक्ताओं को गुमराह करने की श्रेणी में आता है और खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन भी माना जाता है.
रिफाइंड पामोलिन और वनस्पति से बन रही थी मिठाईजांच के दौरान खाद्य कारोबारी शाहबाज पुत्र यासीन ने अधिकारियों को बताया कि सोहन पपड़ी रिफाइंड पामोलिन तेल और वनस्पति मिलाकर तैयार की जा रही थी. इसके अलावा जब लाइसेंस की जांच की गई तो फैक्ट्री संचालक ने होलसेल श्रेणी का खाद्य लाइसेंस पेश किया. विभाग के अनुसार निर्माण इकाई चलाने के लिए अलग मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस होना जरूरी है. ऐसे में लाइसेंस संबंधी नियमों का भी पालन नहीं पाया गया.
2000 किलो माल सीज, फैक्ट्री बंद रखने के निर्देशखाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 और नियम-2011 के तहत सोहन पपड़ी के दो नमूने जांच के लिए लिए. साथ ही करीब 2000 किलो तैयार माल को सीज कर दिया गया. विभाग ने कारोबारी को अगले आदेश तक निर्माण कार्य पूरी तरह बंद रखने के निर्देश भी दिए हैं. अब प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. यदि नमूने मानकों पर खरे नहीं उतरते हैं तो खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के तहत नियमानुसार कार्रवाई होगी.
कई अधिकारियों की टीम ने की कार्रवाईइस कार्रवाई में खाद्य सुरक्षा अधिकारी आनंद कुमार, दीपक कुमार, केसरी नंदन शर्मा, राजेंद्र शर्मा और सहायक राजकुमार इंदौरिया शामिल रहे. विभाग का कहना है कि त्योहारी सीजन के दौरान मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर लगातार नजर रखी जाएगी. जहां भी मिलावट, गंदगी या नियमों का उल्लंघन मिलेगा, वहां इसी तरह सख्त कार्रवाई की जाएगी.
About the Authorआनंद पाण्डेयContent Producer
आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अ…
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Location :
Ajmer,Ajmer,Rajasthan
First Published :
August 03, 2026, 21:56 IST



