बॉलीवुड की पहली महिला कॉमेडियन, बर्थ एनिवर्सरी पर भावुक हुए जैकी श्रॉफ, दी श्रद्धांजलि

Last Updated:July 11, 2026, 15:35 IST
दिग्गज दिवंगत एक्ट्रेस और बॉलीवुड की पहली महिला कॉमेडियन उमा देवी खत्री यानी कि टुन टुन की आज बर्थ एनिवर्सरी है. इस खास मौकेपर जैकी श्रॉफ ने उन्हें एक पुरानी तस्वीर साझा कर भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी. 1940 के दशक में बैकग्राउंड सिंगर के रूप में करियर शुरू करने वाली टुन टुन ने बाद में अभिनय की दुनिया में कदम रखा. उन्होंने ‘प्यासा’ और ‘हाफ टिकट’ जैसी कई यादगार फिल्मों में अपनी शानदार कॉमिक टाइमिंग से दर्शकों का दिल जीता.
एक्ट्रेस की आज बर्थ एनिवर्सरी है.
नई दिल्ली. सिल्वर स्क्रीन पर जब भी उनका चेहरा सामने आता था, दर्शकों के होठों पर अपने आप ही मुस्कान छा जाती थी. बेहतरीन कॉमिक टाइमिंग, चुलबुला अंदाज और अपनी सहज एक्टिंग से दशकों तक सिनेमा लवर्स का मनोरंजन करने वाली उमा देवी खत्री आज भी हमारे दिलों में बसी हुई हैं. उमा देवी खत्री यानी हमारी प्यारी ‘टुन टुन’ को आज पूरा देश याद कर रहा है. हिंदी सिनेमा को कई कल्ट फिल्में देने वाली कलाकार की बर्थ एनिवर्सरी के खास मौके पर बॉलीवुड के ‘जग्गु दादा’ यानी दिग्गज अभिनेता जैकी श्रॉफ ने उन्हें एक बेहद भावुक और यादगार श्रद्धांजलि दी.
जैकी श्रॉफ ने सोशल मीडिया पर ‘टुन टुन’ के सुनहरे दौर की एक खूबसूरत ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीर साझा की. इस पुरानी याद को पोस्ट करते हुए जैकी ने हाथ जोड़ने वाला इमोजी लगाया और लिखा, ‘उमा देवी खत्री (टुन टुन जी) हमेशा हमारे दिलों में रहेंगी’. इसके साथ ही उन्होंने इस महान अभिनेत्री के जीवन सफर को (11 जुलाई 1923 से 24 नवंबर 2003) को भी फैंस के साथ साझा किया.
प्लेबैक सिंगर के रूप में शुरू हुआ था सफर
आज की पीढ़ी भले ही टुन टुन को उनकी बेमिसाल कॉमेडी के लिए जानती हो, लेकिन बहुत कम लोग यह जानते हैं कि उन्होंने 1940 के दशक के उत्तरार्ध में एक प्लेबैक सिंगर के रूप में फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा था. 11 जुलाई 1923 को जन्मीं उमा देवी की आवाज में एक जादू था, जिसे सबसे पहले मशहूर संगीत निर्देशक नौशाद साहब ने पहचाना.
नौशाद ने उन्हें शुरुआती दौर में बड़े मौके दिए. साल 1947 में आई फिल्म ‘दर्द’ का एक गाना ‘अफसाना लिख रही हूं दिल-ए-बेकरार का’ उनके करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ. इस गाने ने देश भर में धूम मचा दी और उमा देवी रातों-रात एक लोकप्रिय गायिका बन गईं.
टुन टुन की आज बर्थ एनिवर्सरी है.
पुरुष प्रधान दौर में बनीं बॉलीवुड की पहली महिला कॉमेडियन
संगीत की दुनिया में नाम कमाने के बाद उमा देवी ने अभिनय की दुनिया का रुख किया और खुद को ‘टुन टुन’ के नए नाम से री-ब्रांड किया. यह वह दौर था जब फिल्मों में कॉमेडी करने का जिम्मा सिर्फ पुरुष अभिनेताओं के पास हुआ करता था. ऐसे रूढ़िवादी माहौल में टुन टुन ने अपनी एक अलग और अमिट पहचान बनाई. उन्हें आधिकारिक तौर पर बॉलीवुड की पहली महिला कॉमेडियन का दर्जा हासिल है.
टुन टुन ने पर्दे पर अपनी शारीरिक बनावट और हाव-भाव का इस्तेमाल इस तरह किया कि वे फूहड़ता से दूर पारिवारिक मनोरंजन का पर्याय बन गईं. उनकी गजब की कॉमिक टाइमिंग का ही नतीजा था कि उस दौर के बड़े-बड़े फिल्ममेकर्स अपनी फिल्मों में उनके लिए खास तौर पर रोल लिखा करते थे.
सिनेमाई इतिहास में दर्ज हैं ये यादगार फिल्में
कई दशकों लंबे अपने शानदार अभिनय करियर में टुन टुन ने भारतीय सिनेमा की कुछ सबसे बेहतरीन और कालजयी फिल्मों में अपनी अदाकारी के जौहर दिखाए. उनके फिल्मी सफर की मुख्य फिल्मों में शामिल हैं. उन्होंने गुरु दत्त की फिल्में- ‘मिस्टर एंड मिसेज 55’ और ‘प्यासा’, ‘हाफ टिकट’, ‘कोहिनूर’, ‘मुजरिम’, ‘दिल अपना और प्रीत पराई’, ‘आया सावन झूम के’ और ‘आंखें’ से अपने अभिनय का लोहा मनवाया.
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From the precision of chemistry labs to the vibrant chaos of a newsroom, my journey has been about finding the perfect formula for a great story. A graduate in Chemistry Honours from the historic Scottish Churc…और पढ़ें
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