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Jaipur News | Pension Fraud

Last Updated:July 06, 2026, 13:49 IST

Jaipur Pension Scam Case: जयपुर में मां की मौत के बाद भी बेटे ने महिला मित्र व बैंक मैनेजर संग मिलकर 3 साल तक पेंशन निकाली. 6.30 लाख रुपये का गबन, तीनों गिरफ्तार. पुलिस के मुताबिक खाते में आने वाली पेंशन की रकम एटीएम और दूसरे माध्यमों से लगातार निकाली जाती रही. करीब तीन साल के दौरान लगभग 6.30 लाख रुपए निकाल लिए गए. जांच में यह भी सामने आया कि तत्कालीन बैंक मैनेजर सिराज अहमद कुरैशी पर अपने पद का गलत इस्तेमाल करने का भी आरोप है.मां की मौत छिपाई, पेंशन उठाई... बेटे ने बैंक मैनेजर के साथ मिलकर किया बड़ा खेलZoomमां की मौत के बाद भी 3 साल तक आती रही पेंशन.

जयपुर. मां की मौत के बाद परिवार शोक मनाता है, लेकिन जयपुर में सामने आया एक मामला इससे बिल्कुल अलग निकला. यहां एक बेटे पर आरोप है कि उसने अपनी मां की मौत को कागजों में छिपाकर तीन साल तक उन्हें जिंदा दिखाया. इतना ही नहीं, इस पूरे काम में उसकी महिला मित्र और एसबीआई के तत्कालीन बैंक मैनेजर का भी साथ मिलने का आरोप है. पुलिस जांच में सामने आया कि फर्जी जीवित प्रमाण पत्र और दूसरे दस्तावेजों के सहारे पेंशन बंद नहीं होने दी गई और खाते से लगातार रकम निकाली जाती रही.

इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ, जब बैंक ने नियमित जांच के दौरान पेंशन खाते से जुड़े रिकॉर्ड की पड़ताल शुरू की. बैंक ने नगर निगम से मृत्यु प्रमाण पत्र मंगवाया तो पूरा मामला सामने आ गया. जांच में पता चला कि जिस महिला के नाम पर लगातार पेंशन आ रही थी, उनकी मौत तो वर्ष 2021 में ही हो चुकी थी. इसके बाद पुलिस ने दर्ज मामले की जांच आगे बढ़ाई और बेटे, उसकी महिला मित्र तथा बैंक के तत्कालीन मैनेजर को गिरफ्तार कर लिया.

मौत के बाद भी जारी रही पेंशन, जांच में खुली परतेंजवाहर नगर थाना पुलिस के अनुसार एसबीआई की राजा पार्क शाखा में शांति देवी के नाम से पेंशन खाता संचालित था. शांति देवी का 2 मई 2021 को निधन हो गया था. भास्कर में छपी एक रिपोर्च के अनुसार उनकी मौत के छह दिन बाद नगर निगम की ओर से मृत्यु प्रमाण पत्र भी जारी कर दिया गया था. नियम के मुताबिक परिजनों को बैंक को इसकी जानकारी देनी थी ताकि पेंशन बंद की जा सके. लेकिन पुलिस के मुताबिक ऐसा नहीं किया गया. आरोप है कि बेटे लालचंद ने अपनी महिला मित्र खुशबू दीक्षित उर्फ नेहा और बैंक के तत्कालीन मैनेजर सिराज अहमद कुरैशी के साथ मिलकर पूरी योजना बनाई. जांच में सामने आया कि शांति देवी को जीवित दिखाने वाले फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए और उन्हें बैंक में जमा कराया गया. इसी वजह से नगर निगम की ओर से पेंशन लगातार खाते में आती रही.

करीब 6.30 लाख रुपए निकाले, बैंक मैनेजर पर भी गंभीर आरोपपुलिस के मुताबिक खाते में आने वाली पेंशन की रकम एटीएम और दूसरे माध्यमों से लगातार निकाली जाती रही. करीब तीन साल के दौरान लगभग 6.30 लाख रुपए निकाल लिए गए. जांच में यह भी सामने आया कि तत्कालीन बैंक मैनेजर सिराज अहमद कुरैशी पर अपने पद का गलत इस्तेमाल करने का भी आरोप है. पुलिस के अनुसार मैनेजर ने मृत महिला के फर्जी हस्ताक्षर कर तीन अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए 73,500 रुपए सीधे अपने बैंक खाते में भी ट्रांसफर कर लिए. बैंक की विभागीय जांच में उसकी भूमिका सामने आने के बाद उसकी सेवानिवृत्ति रोक दी गई और उसे निलंबित भी कर दिया गया.

बैंक की शिकायत के बाद दर्ज हुआ केस, तीनों आरोपी गिरफ्तारबैंक प्रबंधन ने पूरे मामले की जांच के बाद जनवरी 2024 में जवाहर नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी. इसके आधार पर धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और आपराधिक षड्यंत्र समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया. लंबी जांच के बाद पुलिस ने बेटे लालचंद, उसकी महिला मित्र खुशबू दीक्षित उर्फ नेहा और तत्कालीन बैंक मैनेजर सिराज अहमद कुरैशी को गिरफ्तार कर लिया. फिलहाल तीनों आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है. पुलिस अब पूरे मामले के बाकी पहलुओं की भी जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस फर्जीवाड़े में किसी और की भूमिका तो नहीं थी और दस्तावेज तैयार करने की प्रक्रिया में किन-किन लोगों की भागीदारी रही.

About the AuthorAnand Pandey

आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाते हुए उन्होंने राजनीति, अपराध और लाइफ…और पढ़ें

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