ममता बनर्जी की राह पर चल रही कर्नाटक की कांग्रेस सरकार, बांग्लादेशी प्रवासियों को लेकर बीजेपी का वार

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ममता बनर्जी की राह पर कर्नाटक सरकार, बांग्लादेशी प्रवासियों को लेकर BJP का वार
Last Updated:July 11, 2026, 22:16 IST
आर. अशोक ने दावा किया कि कर्नाटक सरकार वोट बैंक की गंदी राजनीति के चक्कर में पश्चिम बंगाल की तर्ज पर लाखों बांग्लादेशी और पाकिस्तानी अवैध प्रवासियों को स्थायी निवास प्रमाण पत्र बांट रही है, ताकि उन्हें राज्य की मतदाता सूची में शामिल किया जा सके.
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बीजेपी ने डी के शिवकुमार को ‘मास्क चीफ मिनिस्टर’ बताया. (फाइल फोटो)
मैसूरु. भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता और कर्नाटक में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने शनिवार को मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार पर तीखा हमला करते हुए उन्हें ‘मास्क चीफ मिनिस्टर’ करार दिया. अशोका ने आरोप लगाया कि शिवकुमार कर्नाटक के लोगों को गुमराह कर रहे हैं और दावा किया कि बांग्लादेश से आए अवैध प्रवासी कर्नाटक सरकार का वोट बैंक बन गए हैं. वे मैसूरु के जी.के. ग्राउंड्स में ‘फेडरेशन ऑफ वर्किंग कम्युनिटीज’ द्वारा नवनिर्वाचित एमएलसी रघु आर. कौटिल्य के सम्मान में आयोजित एक समारोह में बोल रहे थे. उन्होंने कर्नाटक सरकार पर वोट बैंक की राजनीति करने का आरोप लगाया.
अशोका ने कहा कि भाजपा ने पिछड़े और हाशिए पर रहने वाले समुदायों को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की अपनी प्रतिबद्धता के तहत रघु आर. कौटिल्य को विधान परिषद के लिए नामित किया है. उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे मतदाता सूची में केवल पात्र नागरिकों का नाम सुनिश्चित करने के लिए चल रहे एसआईआर में भाग लें. अशोका ने दावा किया, “भारत में लाखों बांग्लादेशी और पाकिस्तानी नागरिक रह रहे हैं, और उनमें से कई कथित तौर पर सरकारी सुविधाओं का लाभ उठा रहे हैं.”
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बांग्लादेशी प्रवासियों को सरकारी सुविधाएं दी थीं और कर्नाटक सरकार पर स्थायी निवास प्रमाण पत्र जारी करके बांग्लादेशी नागरिकों को राज्य की मतदाता सूची में शामिल करने का प्रयास करने का आरोप लगाया. अशोका ने कहा कि इसे तुरंत रोका जाना चाहिए और कहा कि नागरिकता देने का अधिकार केवल केंद्र सरकार के पास है. उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईआर के खिलाफ एक जवाबी अभियान चलाया जा रहा है और देश के कानूनों को कमजोर करने की कोशिश करने वालों को समर्थन दिया जा रहा है.
मुख्यमंत्री शिवकुमार पर अपना हमला जारी रखते हुए, अशोका ने सरकारी टेंडरों को लेकर मुख्यमंत्री पर तंज कसा. अशोका ने टिप्पणी की, “डीके का मतलब ‘टेंडर’ है क्योंकि कम समय तक पद पर रहने के बावजूद, उन्होंने कई वर्षों के काम के लिए टेंडर जारी किए हैं. वे खुद एक ‘टेंडर’ के जरिए मुख्यमंत्री बने. राहुल गांधी ने टेंडर निकाला और अब डी.के. शिवकुमार ने इसे हासिल कर लिया है.”
About the AuthorRakesh Ranjan Kumar
राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें
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