KhatuShyam ji: यूपी से स्केटिंग करके पहुंचा बाबा श्याम के दरबार, अनोखी है इस भक्त की पूरी कहानी!

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UP से स्केटिंग करके पहुंचा बाबा श्याम के दरबार, अनोखी है इस भक्त की पूरी कहानी
Last Updated:April 22, 2026, 19:07 IST
Khatushyam Ji Story: उत्तर प्रदेश के कन्हैया लाल ने 1 अप्रैल से स्केटिंग करते हुए खाटूश्याम बाबा के दरबार तक यात्रा की, रास्ते में लोगों का साथ मिला, दर्शन के बाद उन्हें गहरा सुकून मिला. दिलचस्प बात यह है कि कन्हैया लाल पहले भगवान में ज्यादा विश्वास नहीं रखते थे. उनके मन में हमेशा एक तरह की बेचैनी और संदेह बना रहता था. लेकिन जब उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी स्केटिंग के वीडियो साझा किए, तो लोगों ने उन्हें खाटू श्याम बाबा के दरबार जाने की सलाह दी.
सीकर. विश्व प्रसिद्ध बाबा की महिमा निराली है. बाबा श्याम के चमत्कार न केवल राजस्थान में, बल्कि देश-विदेश में भी प्रसिद्ध हैं. हारे के सहारे कहे जाने वाले बाबा श्याम के दरबार में हर साल लाखों भक्त अपनी आस्था और मन्नत लेकर पहुंचते हैं. कोई पैदल आता है, कोई दंडवत करता है, तो कोई कठिन व्रत रखकर बाबा को प्रसन्न करने का प्रयास करता है. ऐसा ही एक अनोखा भक्त खाटूश्याम जी पहुंचा, जिसने अपनी भक्ति को स्केटिंग के जरिए बाबा के चरणों तक पहुंचाकर एक अलग ही मिसाल पेश की है.
उत्तर प्रदेश के रहने वाले कन्हैया लाल स्केटिंग करते हुए खाटू श्याम बाबा के दरबार में पहुंचे हैं. उन्होंने अपनी यात्रा 1 अप्रैल को शुरू की थी और पूरे रास्ते स्केटिंग करते हुए ही यहां तक आए. कन्हैया लाल ने बताया कि उन्हें स्केटिंग करते हुए लगभग 7 साल हो चुके हैं और इससे पहले वह करीब 100 किलोमीटर तक की कांवड़ यात्रा भी स्केटिंग के जरिए कर चुके हैं. लेकिन खाटू श्याम बाबा की यह यात्रा उनके जीवन की पहली और सबसे खास यात्रा रही. उन्होंने बताया कि एक दिन अचानक उनके मन में विचार आया कि क्यों न स्केटिंग करते हुए बाबा के दरबार जाया जाए. यही विचार धीरे-धीरे संकल्प में बदल गया और उन्होंने बिना देर किए अपनी यात्रा शुरू कर दी.
इस तरह शुरू हुई अनोखी यात्रादिलचस्प बात यह है कि कन्हैया लाल पहले भगवान में ज्यादा विश्वास नहीं रखते थे. उनके मन में हमेशा एक तरह की बेचैनी और संदेह बना रहता था. लेकिन जब उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी स्केटिंग के वीडियो साझा किए, तो लोगों ने उन्हें खाटू श्याम बाबा के दरबार जाने की सलाह दी. लोगों के अनुभव और बाबा की महिमा सुनकर उनके मन में भी श्रद्धा जागी और एक दिन उन्हें ऐसा लगा जैसे बाबा का बुलावा आ गया हो. इसके बाद उनके कदम खुद-ब-खुद इस यात्रा की ओर बढ़ते चले गए.
यात्रा में मिला लोगों का साथकन्हैया लाल ने बताया कि इस कठिन यात्रा के दौरान उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा, लेकिन हर बार समाधान अपने आप मिलता गया. खासतौर पर राजस्थान के लोगों ने उन्हें भरपूर सहयोग और स्नेह दिया. उन्होंने दिल से यहां के लोगों का धन्यवाद करते हुए कहा कि राजस्थान के लोग सनातन धर्म को बहुत सम्मान देते हैं और यात्रियों की मदद के लिए हमेशा तैयार रहते हैं.
दर्शन के बाद मिला सुकूनउन्होंने बताया कि बाबा के दर्शन करने के बाद उनके मन की सारी बेचैनी, संदेह और घबराहट एक पल में खत्म हो गई. उन्हें एक अलग ही सुकून और शांति का अनुभव हुआ, जिसे शब्दों में बयान करना मुश्किल है. उन्होंने इसे अपने जीवन का चमत्कार बताया कि जो व्यक्ति पहले भगवान में विश्वास नहीं करता था, वह आज इतनी गहरी श्रद्धा के साथ बाबा के दरबार तक पहुंच गया. कन्हैया लाल ने कहा कि जब सच्चे मन से बाबा को पुकारा जाता है, तो रास्ते अपने आप बन जाते हैं. उन्होंने यह भी बताया कि बाबा श्याम को अपना निशान अर्पित करते ही उनके दिल को एक अलग ही सुकून मिला.
About the AuthorAnand Pandey
नाम है आनंद पाण्डेय. सिद्धार्थनगर की मिट्टी में पले-बढ़े. पढ़ाई-लिखाई की नींव जवाहर नवोदय विद्यालय में रखी, फिर लखनऊ में आकर हिंदी और पॉलीटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. लेकिन ज्ञान की भूख यहीं शांत नहीं हुई. कल…और पढ़ें
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Location :
Sikar,Sikar,Rajasthan
First Published :
April 22, 2026, 19:07 IST


