Rajasthan

Jaisalmer Girl Pooja Kanwar’s Heartwarming Story of Animal Love.

Last Updated:October 28, 2025, 11:48 IST

Rajasthan Animal Rescue: जैसलमेर की 11 वर्षीय पूजा कंवर ने घायल हिरण के बच्चे “मुनकी” को मां की तरह पाला, गाय-बकरी का दूध पिलाकर जीवन दिया और अब उसे वन विभाग को सौंपते हुए विदाई के समय भावुक हो गई. उसकी यह कहानी वन्यजीव संरक्षण के प्रति प्रेम की एक मिसाल है.

जैसलमेर. सरहदी जैसलमेर के छोटे से गांव सनावड़ा में इंसान और जानवर के बीच एक ऐसा रिश्ता देखने को मिला है जिसने सबका दिल छू लिया. 11 वर्षीय पूजा कंवर ने घायल हिरण के बच्चे “मुनकी” को न केवल बचाया, बल्कि मां की तरह उसकी सेवा-संभाल भी की. गाय-बकरी का दूध पिलाकर मुनकी को नई जिंदगी देने वाली पूजा की आंखों से तब आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे जब वन विभाग की टीम उसे अपने साथ ले जाने आई.

दरअसल, जून माह में भगवान सिंह के खेत के पास आवारा कुत्तों ने एक हिरण पर हमला कर उसे मार डाला. वहीं पास में उसका एक छोटा बच्चा डरा-सहमा बैठा था. जब भगवान सिंह की बेटी पूजा वहां पहुंची तो उसने पिता से कहा कि अगर इस बच्चे को घर नहीं ले गए, तो यह भी मर जाएगा. पिता ने बेटी की बात मान ली और उस मासूम को घर ले आए.

गाय-बकरी के दूध से पाला, मां की तरह की सेवापूजा ने हिरण के बच्चे का नाम रखा “मुनकी” और उसे प्यार से पाला. वह रोज उसे गाय-बकरी का दूध पिलाती, खेत में घुमाने ले जाती और अपनी गोद में सुलाती. उसने बताया कि मुनकी अब उसके परिवार का हिस्सा बन गया था. पूजा का यह निस्वार्थ प्रेम वन्यजीवों के प्रति स्थानीय लोगों की संवेदनशीलता को दर्शाता है.

विदाई के वक्त छलके आंसू, मगर चेहरे पर गर्वजब वन विभाग की टीम मुनकी को लेने पहुंची, तो पूजा की आंखों से आंसू निकल पड़े. मुनकी भी शायद इस अनजाने बिछोह को महसूस कर रहा था. पूजा ने भारी मन से कहा, “मुझे दुख है कि मुनकी जा रहा है, लेकिन खुशी भी कि अब वह अपने असली घर जंगल में रहेगा.” पूजा के इस भावुक विदाई पल को देखकर वन विभाग के अधिकारी और गांववाले भी भावुक हो उठे.

बनना चाहती है वन अधिकारी5वीं कक्षा में पढ़ने वाली पूजा का सपना अब वन विभाग में अधिकारी बनकर वन्यजीवों की सेवा करना है. वनपाल कमलेश कुमार और वन्यजीव प्रेमी धर्मेंद्र पूनिया ने पूजा के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे बच्चों को प्रोत्साहन देने की आवश्यकता है ताकि आने वाली पीढ़ी वन्यजीव संरक्षण के प्रति संवेदनशील बने.

Location :

Jaisalmer,Jaisalmer,Rajasthan

First Published :

October 28, 2025, 11:48 IST

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मां जैसी ममता, बेटी जैसा लगाव… जब जंगल लौटा ‘मुनकी‘ तो छलके आंसू…

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