शादी के बाद बदली किस्मत! 948वीं रैंक से RAS टॉपर बने दिनेश विश्नोई, पत्नी और बेटी बनीं सफलता की वजह

Last Updated:April 18, 2026, 22:53 IST
Rajasthan RAS Topper Story: दिनेश विश्नोई की सफलता की कहानी मेहनत, धैर्य और परिवार के सहयोग का बेहतरीन उदाहरण है. पहले प्रयास में 948वीं रैंक मिलने के बाद उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार तैयारी जारी रखी. शादी के बाद उनकी जिंदगी में सकारात्मक बदलाव आया, जहां उनकी पत्नी ने हर कदम पर उनका साथ दिया. बेटी के जन्म ने भी उन्हें नई प्रेरणा दी. इसी हौसले और मेहनत के दम पर उन्होंने RAS परीक्षा में टॉपर बनकर शानदार सफलता हासिल की.
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बाड़मेर. कहते हैं मेहनत और सही साथ मिल जाए तो किस्मत भी बदलते देर नहीं लगती है ऐसा ही कुछ कर दिखाया दिनेश विश्नोई ने जिन्होंने लगातार तीन प्रयासों में अपने प्रदर्शन को बेहतर करते हुए आखिरकार राजस्थान प्रशासनिक सेवा 2024 में टॉप कर इतिहास रच दिया है. दिनेश विश्नोई के पिता सफलता का श्रेय दिनेश की बहन सुमित को देते है.
लगातार असफलताओं और कम रैंक के बावजूद हार न मानने का जज्बा क्या होता है यह दिनेश विश्नोई ने साबित कर दिया है. 948वीं रैंक से शुरुआत करने वाले दिनेश ने तीन प्रयासों में खुद को इतना निखारा कि आखिरकार RAS 2024 में टॉप कर इतिहास रच दिया है. उनके पिता का कहना है कि शादी के बाद दिनेश की किस्मत ही बदल गई है.
2021 में पहली बार दिया RAS का एक्जाम, 948वी रैंक मिली
दिनेश विश्नोई ने साल 2021 में पहली बार RAS परीक्षा दी थी. उस समय उन्हें 948वीं रैंक हासिल हुई थी जो उनके लक्ष्य से काफी दूर थी लेकिन उन्होंने इसे असफलता नहीं बल्कि सीख के रूप में लिया और अपनी तैयारी को और मजबूत किया. इसी दरमियान 2021 में दिनेश विश्नोई की शादी प्रियंका से हो गई. शादी के बाद दिनेश ने अपनी तैयारी जारी रखी और फिर पटवारी,ग्रामसेवक, सब इंस्पेक्टर परीक्षाओं में भी सफलता हासिल की.
पत्नी प्रियंका बोली” मैने उन्हें कभी डिस्टर्ब नही किया”दिनेश विश्नोई की पत्नी प्रियंका का कहना है कि उन्होंने कभी भी दिनेश की पढ़ाई में बाधा नहीं डाली बल्कि उन्हें पूरा स्पेस और सपोर्ट दिया ताकि वे अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित कर सकें. वे बताती है कि वे अपने पति को फोन भी नही करती थी. अब 2 माह की छोटी बेटी है. दिनेश विश्नोई को इंटरव्यू में 49 नम्बर आए है वही मेंस में 302.50 हासिल कर 351.50 अंक के साथ राजस्थान टॉप किया है.
शादी बनी टर्निंग प्वाइंट,2021 में मिली पहली सफलतादिनेश के पिता रामधन विश्नोई का मानना है कि शादी के बाद उनके बेटे की किस्मत ने नया मोड़ लिया. उनका कहना है कि शादी के बाद दिनेश और ज्यादा जिम्मेदार बने और अपनी पढ़ाई को लेकर पहले से ज्यादा गंभीर हो गए. पिता रामधन विश्नोई ने इस सफलता का श्रेय बहन सुमित को भी दिया है. उनके अनुसार सुमित ने परिवार में सकारात्मक माहौल बनाए रखा और दिनेश को लगातार मोटिवेट करती रहीं. वही प्रियंका ने भी स्पोर्ट किया जिससे उन्होंने टॉप रैंक हासिल की है. वे बताते है कि यह पश्चिम राजस्थान के लिए गर्व और खुशी का पल है.
About the AuthorJagriti Dubey
With more than 6 years above of experience in Digital Media Journalism. Currently I am working as a Content Editor at News 18 in Rajasthan Team. Here, I am covering lifestyle, health, beauty, fashion, religion…और पढ़ें
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Location :
Barmer,Rajasthan
First Published :
April 18, 2026, 22:53 IST



