Monsoon Clothes Care Tips | barish me kapde ki badbu kaise dur kare | barish me kapde se badbu kaise hataye | barish me kapde sukhane ka tarika

Last Updated:July 02, 2026, 09:46 IST
Monsoon Clothes Care Tips: बारिश के मौसम में हवा में नमी बढ़ने के कारण कपड़ों से सीलन और बदबू आने लगती है. इससे बचने के लिए कपड़ों को धोने के तुरंत बाद वॉशिंग मशीन से निकालें और क्रॉस वेंटिलेशन या पंखे की हवा में दूर-दूर फैलाकर सुखाएं. कपड़ों के कॉलर, कफ और जेब की नमी पूरी तरह सूखने के बाद ही उन्हें अलमारी में रखें. इसके अलावा, वॉशिंग मशीन की नियमित सफाई करें, सीमित डिटर्जेंट का उपयोग करें और अलमारी में नमी से बचने के लिए सिलिका जेल या मॉइस्चर एब्जॉर्बर का इस्तेमाल करें.
बारिश का मौसम राहत तो देता है, लेकिन साथ ही कई परेशानियां भी लेकर आता है. इन्हीं में से एक है कपड़ों से आने वाली सीलन और बदबू. अक्सर ऐसा होता है कि कपड़े धोने के बाद भी उनमें अजीब-सी गंध आने लगती है. इसकी सबसे बड़ी वजह हवा में बढ़ी हुई नमी है. नमी के कारण कपड़े देर से सूखते हैं और लंबे समय तक गीले रहने पर उनमें बैक्टीरिया और फफूंद पनपने लगते हैं. ऐसे में कुछ आसान बातों का ध्यान रखकर आप अपने कपड़ों को ताजा और खुशबूदार बनाए रख सकते हैं.
सबसे पहले, कपड़े धोने के बाद उन्हें वॉशिंग मशीन में लंबे समय तक न छोड़ें. कई लोग धुलाई पूरी होने के बाद भी कपड़ों को घंटों मशीन में ही पड़ा रहने देते हैं. इससे मशीन के अंदर मौजूद बंद वातावरण और नमी के कारण बैक्टीरिया तेजी से बढ़ने लगते हैं, जिससे कपड़ों में तीखी बदबू आ सकती है. इसलिए वॉश साइकिल खत्म होते ही तुरंत कपड़ों को बाहर निकालें और हवादार जगह पर सुखा दें.
कपड़े हमेशा ऐसी जगह सुखाएं जहाँ अच्छी हवा आती हो. क्रॉस वेंटिलेशन (हवा के आर-पार जाने) वाली जगह पर कपड़े जल्दी सूखते हैं. अगर घर के अंदर ऐसी जगह नहीं है, तो पंखे की तेज हवा का इस्तेमाल करें. साथ ही, कपड़ों को एक-दूसरे के बिल्कुल सटाकर या ऊपर डालकर न सुखाएं. इससे उनके बीच की नमी बाहर नहीं निकल पाती और कपड़ों से बदबू आने लगती है. खासकर जींस, तौलिया और भारी व मोटे कपड़ों के साथ यह गलती बिल्कुल न करें.
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कपड़े अलमारी में रखने से पहले यह जरूर जांच लें कि वे पूरी तरह सूख चुके हैं या नहीं. अक्सर कॉलर, जेब, कफ और सिलाई वाले मोटे हिस्सों में हल्की नमी रह जाती है. यही छिपी हुई नमी बाद में पूरी अलमारी में सीलन और बदबू की वजह बनती है. इसलिए जरूरत महसूस हो, तो कपड़ों को अलमारी में समेटने से पहले कुछ देर और खुली हवा या पंखे के नीचे जरूर छोड़ दें.
अगर आपकी वॉशिंग मशीन की नियमित सफाई नहीं होती, तो उसमें पहले से जमा डिटर्जेंट, फैब्रिक सॉफ्टनर और गंदगी भी कपड़ों में बदबू का एक बड़ा कारण बन सकती है. मशीन के अंदर का गीला माहौल फफूंद और बैक्टीरिया के पनपने के लिए बिल्कुल मुफीद होता है. इसलिए समय-समय पर मशीन के ड्रम, फिल्टर और रबर गैस्केट (रबर की रिंग) की अच्छी तरह सफाई करें, ताकि आपके कपड़े हमेशा फ्रेश और साफ-सुथरे रहें.
बारिश के मौसम में ज्यादा डिटर्जेंट या फैब्रिक सॉफ्टनर का इस्तेमाल करने से भी बचें. कई बार अतिरिक्त डिटर्जेंट कपड़ों के रेशों से पूरी तरह साफ नहीं हो पाता और पानी के साथ बहने के बजाय कपड़ों में ही जमा रह जाता है. इससे कपड़ों में नमी ज्यादा देर तक बनी रहती है, जिससे न सिर्फ बदबू आने का खतरा बढ़ जाता है बल्कि सूखने के बाद उन पर डिटर्जेंट के सफेद दाग भी पड़ सकते हैं. इसलिए इस मौसम में डिटर्जेंट की मात्रा सीमित और संतुलित ही रखें.
इसके अलावा, बारिश में भीगे कपड़ों को घंटों लॉन्ड्री बास्केट (कपड़े रखने की टोकरी) में दबाकर न रखें. गीले कपड़ों में अंधेरे और बंद वातावरण के कारण बैक्टीरिया बेहद तेजी से पनपते हैं, इसलिए उन्हें जल्द से जल्द धो लें या कम से कम हवा में फैला दें. वहीं, अगर आपकी अलमारी में सीलन रहती है, तो साफ और सूखे कपड़ों में भी बदबू आ सकती है. इसके लिए अलमारी को समय-समय पर खोलकर खुली हवा लगने दें और जरूरत पड़ने पर कपड़ों के बीच सिलिका जेल के पाउच या मॉइस्चर एब्जॉर्बर का इस्तेमाल करें, जो अतिरिक्त नमी को सोख लेते हैं.
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