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Monsoon Health Tips: मानसून में कच्ची सब्जियां-फल खाते हैं? रहें सावधान, जानें कारण और बचाव के तरीके

Last Updated:August 26, 2026, 14:48 IST

Monsoon Health Food Safety Tips: मानसून में बारिश के साथ संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है. खुले में रखे कटे फल, कच्चा सलाद और बिना अच्छी तरह धोई गई सब्जियां परेशानी बढ़ा सकती हैं. दरभंगा के डॉक्टरों ने बताया किन चीजों से सावधान रहना चाहिए और संक्रमण से बचने के लिए क्या करें.

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दरभंगा: मानसून का मौसम गर्मी से राहत जरूर देता है, लेकिन इस दौरान कई तरह के संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है. बारिश और नमी के कारण बैक्टीरिया, वायरस और फंगस तेजी से पनप सकते हैं. ऐसे में कच्ची सब्जियों, फलों और सलाद का सेवन करते समय विशेष सावधानी बरतना जरूरी है. दरभंगा के डॉक्टरों ने लोगों को मानसून के दौरान खान-पान को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है.

बारिश में क्यों बढ़ जाता है संक्रमण का खतरा?डॉ. वरुण कुमार झा ने बतलाया कि मानसून के दौरान वातावरण में नमी बढ़ने से बैक्टीरिया, वायरस और फंगस के पनपने की संभावना बढ़ जाती है. बारिश के बाद जगह-जगह जमा गंदा पानी कई बार पीने के पानी या सब्जियां धोने के स्रोत को दूषित कर सकता है. बाजार और सड़क किनारे रखे फल-सब्जियों पर धूल, गंदगी और मक्खियों के बैठने से भी संक्रमण का खतरा रहता है. दूषित भोजन के जरिए E. coli और Salmonella जैसे बैक्टीरिया शरीर में पहुंच सकते हैं. इससे डायरिया, उल्टी, पेट दर्द, गैस्ट्रोएंटेराइटिस और टाइफाइड जैसी समस्याएं हो सकती हैं.

कौन से फल-सब्जियां ज्यादा जोखिम वाली?डॉ. वरुण कुमार झा ने आगे बतलाया कि केले, संतरा, मौसंबी, अनार और पपीता जैसे मोटे छिलके वाले फल अपेक्षाकृत सुरक्षित माने जाते हैं. क्योंकि उनका खाने योग्य हिस्सा बाहरी सतह से ढका रहता है. इन्हें भी काटने से पहले अच्छी तरह धोना जरूरी है. दूसरी ओर, पालक, धनिया, पत्तागोभी, खीरा, टमाटर और सलाद में इस्तेमाल होने वाली कच्ची सब्जियों में सावधानी ज्यादा जरूरी है. पत्तेदार सब्जियों की सतह और उनकी परतों के बीच मिट्टी, कीटाणु और छोटे कीड़े छिपे हो सकते हैं.

संक्रमण से बचने के लिए डॉक्टरों के 5 जरूरी सुझावकच्चे फल और सब्जियों को साफ बहते पानी में अच्छी तरह धोकर ही इस्तेमाल करें. नमक या नींबू मिले पानी में कुछ देर भिगोने से सफाई में मदद मिल सकती है, लेकिन इसे कीटाणु-मुक्त करने की गारंटी नहीं माना जाना चाहिए. सेब, खीरा और गाजर जैसी चीजों को कच्चा खाने से पहले अच्छी तरह धोएं और जरूरत के अनुसार छीलकर इस्तेमाल करें. खुले में रखे कटे फलों पर धूल और मक्खियों के जरिए गंदगी और कीटाणु पहुंच सकते हैं. इसलिए मानसून में सड़क किनारे पहले से कटे फल और खुले सलाद से बचना बेहतर है. मानसून में पत्तेदार साग और सब्जियों को कच्चे सलाद के रूप में खाने के बजाय अच्छी तरह धोकर और पकाकर खाना ज्यादा सुरक्षित विकल्प है. कच्चे और पके भोजन को अलग-अलग रखें. खाना बनाने और खाने से पहले साबुन और पानी से कम से कम 20 सेकंड तक हाथ धोना जरूरी है. चाकू, कटिंग बोर्ड और बर्तनों की भी नियमित सफाई करें.

डॉक्टरों की सलाहमानसून में फल और सब्जियां खाना बंद करने की जरूरत नहीं है, लेकिन साफ-सफाई और सही तरीके से तैयार करने पर विशेष ध्यान देना जरूरी है. खासकर बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों को खुले में बिकने वाले कटे फल, कच्चे सलाद और अस्वच्छ पानी से धुले खाद्य पदार्थों से बचना चाहिए.

About the AuthorAmit Ranjan

अमित रंजन वर्तमान में में बिहार, झारखंड और दिल्ली से जुड़ी खबरों के समन्वय और संपादन का कार्य देख रहे हैं. खोजी पत्रकारिता उनकी विशेष रुचि का क्षेत्र है. राजनीति, शिक्षा, खेल, क्राईम और मौसम जैसे विषयों …

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Darbhanga,Bihar

First Published :

August 26, 2026, 14:48 IST

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