राजस्थान में गुस्साए टीचर्स ने जयपुर में गाड़ा ‘खूंटा’, बोले- मंत्री जी ट्रांसफर नहीं कर रहे तो इस्तीफा दे दो

Last Updated:August 06, 2026, 17:26 IST
Rajasthan Teachers Transfer Movement : राजस्थान में भले ही सरकार ने लंबे समय से ट्रांसफर पर लगे बैन को बीते दिनों हटाकर बड़ी संख्या में कर्मचारियों को संतुष्ट करने का प्रयास किया है. लेकिन तृतीय श्रेणी के टीचर फिर ट्रांसफर से वंचित रह गए हैं. सरकार ने उनको पॉलिसी बनाकर ट्रांसफर करने का बहाना बनाकर टरका दिया. लेकिन अब इन टीचर्स के सब्र का बांध टूट गया है. ट्रांसफर की मांग को लेकर हजारों टीचर जयपुर में जुटे हुए और उन्होंने शिक्षा मंत्री के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. अब वे शिक्षा मंत्री का इस्तीफा भी मांगने लगे हैं. शिक्षा मंत्री मदन दिलावर बोले- टीचर्स से सकारात्मक बातचीत हुई है.
जयपुर. राजस्थान में बीते आठ बरसों से ट्रासंफर नहीं होने से उकताए तृतीय श्रेणी टीचर्स अब सड़कों पर आ गए हैं. सूबे के हजारों टीचर्स ने राजधानी जयपुर में डेरा डाल दिया है. उनकी एक ही मांग है कि उनके तबादलों से बैन हटाया जाए. उन्हें वरिष्ठता नहीं बल्कि केवल और केवल ट्रांसफर चाहिए. वे बरसों से घर से दूर रहकर नौकरी करते-करते उकता गए हैं. उन्हें भी अपने बीवी बच्चों के पास रहने का हक है. सरकार सभी विभागों में तबादले कर चुकी है. लेकिन थर्ड ग्रेड टीचर से उसे क्यों एलर्जी है? ट्रांसफर के लिए संघर्ष करते-करते थक चुके इन टीचर्स ने अब शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के इस्तीफे की मांग भी कर डाली है.
तृतीय श्रेणी शिक्षक संघर्ष समिति राजस्थान के बनैर तले एकजुट हुए इन शिक्षकों ने जयपुर में शहीद स्मारक पर तंबू तान रखा है. अपने हक की मांग के लिए 5 अगस्त से महाआंदोलन का आगाज करने वाले प्रदेशभर से आए ये टीचर आज गुरुवार को दूसरे दिन भी डटे हुए हैं. इनमें बड़ी संख्या में लेडी टीचर भी शामिल हैं. इन टीचर्स का आरोप है कि सरकार बीते आठ साल से उनको तबादलों के नाम पर अलग-अलग तर्क दे रही है. कभी वरिष्ठता का हवाला दिया जाता है तो कभी जिला कैडर का. इन टीचर्स का कहना है कि हमें हमारे भविष्य और वरिष्ठता का कतई मोह नहीं है.
अगर मांग नहीं मानी गई तो हम आर-पार की लड़ाई लडे़ंगे
टीचर्स का कहना है कि हम लिखित में एफिडेविट यानी शपथ-पत्र देने के लिए तैयार है कि हमें तबादले के बाद नई जगह पर कोई वरिष्ठता का लाभ नहीं चाहिए. हमारी तो बस एक ही मांग है कि हमें हमारे गृह जिले में भेज दिया जाए. इसके लिए तत्काल प्रभाव से तबादले खोले जाएं. जयपुर में धरने पर बैठे टीचर्स का कहना है कि सरकार अब तर्क देना बंद करे और हमारी मांग मानी जाए. इस बार अगर मांग नहीं मानी गई तो हम आर-पार की लड़ाई लडे़ंगे. फिर चाहे कुछ भी हो जाए.
सरकार यदि हठधर्मिता रखेगी तो आंदोलन और तेज होगासमिति के संयोजक सुनील महला का कहना है कि सरकार यदि हठधर्मिता रखेगी तो हमारा आंदोलन और तेज होगा. हमें इस आंदोलन के लिए प्रदेशभर से समर्थन मिल रहा है. उन्होंने चेतावनी दी कि अब हम ट्रांसफर सूची जारी हुए बिना यहां से नहीं उठेंगे. सरकार हमारी बात सुन ले और तत्काल प्रभाव से तबादले खोले. समिति ने साफ किया है कि 2008 से डार्क जोन और 2012 से सामान्य जिलों के टीचर्स ट्रांसफर की राह देख रहे हैं. 2018 के बाद तबादलों पर लगी रोक पूरी तरह से गैर वाजिब है.
शिक्षामंत्री मदन दिलावर बोले टीचर्स से सकारात्मक बात हुई हैसमिति के सह संयोजक महेश कुमार सैनी का कहना है कि हमारी शर्त एकदम साफ है. पहले ट्रांसफर होने चाहिए. सरकार चाहे बिना नीति के तुरंत प्रभाव से तबादले शुरू करे. वहीं शिक्षामंत्री मदन दिलावर का कहना है कि तृतीय श्रेणी शिक्षकों के डेलीगेशन से इस संबंध में सकारात्मक बातचीत हुई है. जल्द ही प्रदेश में सभी शिक्षकों के लिए तबादला नीति लागू होगी. बहरहाल टीचर्स अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और उनका धरना जारी है.
About the AuthorSandeep Rathore
संदीप राठौड़ वर्तमान में न्यूज18 इंडिया में क्लस्टर हेड राजस्थान (डिजिटल) पद पर कार्यरत हैं। राजनीति, क्राइम और सामाजिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग में रूचि रखने वाले संदीप को पत्रकारिता का ढाई दशक से ज्यादा का अनुभव…
और पढ़ेंLocation :
Jaipur,Jaipur,Rajasthan
First Published :
August 06, 2026, 17:26 IST



