Nagaur News: 129 साल पहले आई रेल, 116 साल पहले मिला लाइमस्टोन…आज सफेद सीमेंट की पहचान है गोटन

Last Updated:August 15, 2026, 11:18 IST
129 साल पहले रेलवे से जुड़ा गोटन आज सफेद सीमेंट के लिए देश-दुनिया में अपनी पहचान बना चुका है. लाइमस्टोन के भंडार, 1984 में शुरू हुआ सफेद सीमेंट उद्योग, मजबूत रेल-सड़क कनेक्टिविटी, शिक्षा और सामाजिक सौहार्द ने इस कस्बे की तस्वीर बदल दी. गोटन की विकास यात्रा अब इतिहास, खनिज संपदा, उद्योग और आधुनिक सुविधाओं के अनोखे संगम की कहानी बन चुकी है.
गोटन को सफेद सीमेंट की पहचान वर्ष 1984 में मिली, जब यहां राजस्थान का पहला सफेद सीमेंट कारखाना स्थापित किया. इसके बाद कस्बे में व्हाइट सीमेंट के साथ ग्रे सीमेंट, चूना-कली के भट्ठे और कलर उद्योग का विस्तार हुआ. उद्योगों के बढ़ने से रोजगार के अवसर बढ़े और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली. आज गोटन का नाम आते ही सबसे पहले सफेद सीमेंट और औद्योगिक कार्यों की तस्वीर सामने आती है.
गोटन के विकास की दूसरी बड़ी कहानी रेलवे से जुड़ी है. वर्ष 1897 में ही यह कस्बा रेलवे लाइन से जुड़ गया था. आजादी से पहले रेल का पहुंचना उस दौर में किसी छोटे कस्बे के लिए बड़ी उपलब्धि से कम नहीं है. इसके बाद रेलवे कनेक्टिविटी मजबूत होती गई और ब्रॉडगेज लाइन बिछाई गई. हाल के वर्षों में अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत स्टेशन का पुनर्विकास हुआ है, जिससे यात्रियों के लिए सुविधाओं में भी विस्तार हुआ.
रेलवे के साथ सड़क कनेक्टिविटी ने भी गोटन को आसपास के शहरों से जोड़ने में अहम भूमिका निभाई है. राज्य राजमार्ग-86 के जरिए कस्बे को बेहतर सड़क संपर्क मिला हुआ है. वहीं गोटन से पीपाड़ सिटी तक राज्य राजमार्ग-86 बी का निर्माण कार्य भी चल रहा है. स्टेशन पर प्रतिदिन 22 से अधिक जोड़ी ट्रेनों के ठहराव होता है. इससे व्यापार, रोजगार और आवागमन को लगातार गति मिल रही है.
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गोटन की पहचान सिर्फ उद्योग और रेलवे से नहीं, बल्कि सामाजिक सौहार्द से भी है. कस्बे में हिंदू-मुस्लिम समुदाय के बीच आपसी भाईचारे की मिसाल देखने को मिलती है. धार्मिक पर्वों और सामाजिक आयोजनों में लोग एक-दूसरे के साथ खड़े नजर आते हैं. यहां धार्मिक टकराव की जगह आपसी जुड़ाव और सामाजिक सहयोग को महत्व दिया जाता है. यही माहौल व्यापार और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को भी मजबूती देता है.
शिक्षा के क्षेत्र में भी गोटन लगातार आगे बढ़ रहा है. कस्बे में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय और राजकीय महाविद्यालय के साथ कई निजी स्कूल-कॉलेज संचालित हैं. यहां करीब 20 से अधिक राजकीय और निजी शिक्षण संस्थान होने की जानकारी है. यानी 129 साल पहले रेलवे से शुरू हुई विकास यात्रा, 116 साल पहले मिली खनिज संपदा और 1984 में शुरू हुए उद्योगों के बाद आज गोटन इतिहास, उद्योग, शिक्षा, रेलवे और सामाजिक सौहार्द का अनोखा संगम बन चुका है.
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August 15, 2026, 11:18 IST



