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रिलीज के दिन फिल्म को कहा गया डिजास्टर, फूल गए थे डायरेक्टर के हाथ-पांव, फूट-फूटकर रोया था प्रोड्यूसर का बेटा

Last Updated:June 27, 2026, 13:19 IST

भारतीय सिनेमा का इतिहास बदलने वाली एक फिल्म की रिलीज का दिन मेकर्स के लिए बुरे सपने जैसा था. भारी-भरकम बजट से बनी फिल्म की रिलीज के वक्त मेकर्स करीब 70 करोड़ रुपये के घाटे में चल रहे थे. शुरुआत में सोशल मीडिया पर फिल्म को बुरी तरह ट्रोल किया गया और इसे देश की सबसे बड़ी डिजास्टर मूवी घोषित कर दिया गया. हालात देखकर डायरेक्टर का दिमाग सुन्न हो गया और प्रोड्यूसर का बेटा फूट-फूटकर रोने लगा था. हालांकि, शाम होते-होते दर्शकों की तारीफों ने पूरा खेल पलट दिया.

नई दिल्ली. एसएस राजामौली की ‘बाहुबली’ फ्रेंचाइजी ने भारतीय सिनेमा की पूरी तस्वीर बदलकर रख दी है. देश ही नहीं, बल्कि ग्लोबल बॉक्स ऑफिस पर 1,000 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार करने वाली यह देश की पहली फिल्म फ्रेंचाइजी बनी. मगर यह कामयाबी जितनी बड़ी थी, फिल्म की रिलीज वाले दिन का प्रेशर भी उतना ही तगड़ा था. रिलीज के दिन फिल्ममेकर्स और खुद एसएस राजामौली की सांसें ऊपर-नीचे हो रही थीं और वो पल पूरी टीम के लिए बेहद घबराहट से भरा था.

नेटफ्लिक्स की डॉक्यूमेंट्री ‘बाहुबली: द टॉर्चबियरर’ में एसएस राजामौली ने उस दिन को याद करते हुए बताया कि शुरुआत में फिल्म को भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी डिजास्टर घोषित कर दिया गया था. उस वक्त पूरी टीम को लगने लगा था कि अब उनका करियर हमेशा के लिए खत्म हो चुका है. प्रोड्यूसर शोबू यारलागड्डा ने खुलासा किया कि जब फिल्म की शूटिंग शुरू हुई, तो इसका कोई तय बजट नहीं था. शोबू ने बताया कि हालात ऐसे थे कि उन्हें अगले दिन की शूटिंग का खर्च निकालने के लिए हर रोज पैसों का इंतजाम करने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाना पड़ता था.

शोबू ने आगे बताया, ‘कुछ ही दिनों में शूटिंग का रोज का खर्च 25 लाख रुपये या उससे भी ऊपर पहुंच गया. फिल्म में जो वॉर का सीक्वेंस था, उसके सिर्फ चार दिनों के खर्च में तो 12 साल पहले एक पूरी छोटी फिल्म बनकर तैयार हो जाती थी. हम हर चार दिन में करीब 1 करोड़ रुपये पानी की तरह बहा रहे थे.’

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एसएस राजामौली ने खुलासा किया कि फिल्म का बजट इतना भारी-भरकम था कि इसकी रिकवरी सिर्फ तेलुगु राज्यों के भरोसे मुमकिन नहीं थी. उन्होंने कहा, ‘अपना पैसा वसूलने के लिए हम सिर्फ तेलुगु मार्केट पर निर्भर नहीं रह सकते थे. फिल्म को मुनाफे में लाने के लिए हमारा पूरा दारोमदार इस बात पर था कि यह बाकी भाषाओं में भी ब्लॉकबस्टर साबित हो.’

इसी तलाश में टीम आखिरकार करण जौहर तक पहुंची. जब राणा दग्गुबाती ने करण को फिल्म का आइडिया समझाया और इसके कुछ शॉट्स दिखाए, तो वह देखते ही दंग रह गए और तुरंत इसे हिंदी मार्केट में डिस्ट्रिब्यूट करने के लिए तैयार हो गए थे. हैरानी की बात थी कि तमाम कोशिशों के बाद भी फिल्म की रिलीज वाला दिन पूरी टीम के लिए किसी बुरे सपने जैसा था. प्रोड्यूसर शोबू ने बताया, ‘जब पहला पार्ट रिलीज हुआ, तब भी हम 70 करोड़ रुपये के घाटे में चल रहे थे. हमने जितना पैसा पानी की तरह बहाया था, उसके मुकाबले हुई रिकवरी को काटने के बाद भी हम 70 करोड़ रुपये माइनस में थे.’

राजामौली ने बताया, ‘हिंदी मार्केट के साथ-साथ यूएस, खाड़ी देशों और बाकी इंटरनेशनल मार्केट्स में फिल्म को शानदार रिव्यू मिल रहे थे. लेकिन हमारी कमाई का सबसे बड़ा हिस्सा आंध्र प्रदेश और तेलंगाना से आना था. और वहीं से सबसे घटिया रिव्यू आ रहे थे. हालात ये थे कि सोशल मीडिया पर शिवजी की एक एडिटेड फोटो घूम रही थी, जिसमें उनके हाथ में शिवलिंग की जगह झंडू बाम थमा दिया गया था. हमें समझ ही नहीं आ रहा था कि आखिर गड़बड़ कहां हुई? मेरा दिमाग पूरी तरह सुन्न हो चुका था. कुछ समझ नहीं आ रहा था.’

उस दिन को याद करते हुए प्रभास भी भावुक हो गए. उन्होंने कहा कि वो दिन किसी जंग जैसा था. मुझे आज भी समझ नहीं आता कि हमारे प्रोड्यूसर्स उस दिन के सदमे से कैसे उबर पाए. शोबू के बेटे और फिल्म के एसोसिएट प्रोड्यूसर कार्तिकेय विजय यारलागड्डा ने भी उस वक्त मचे हड़कंप को याद किया. उन्होंने बताया, ‘ट्विटर पर लोगों ने हमें बुरी तरह ट्रोल करना और कोसना शुरू कर दिया था. हम सब पूरी तरह टूट चुके थे. मेरी आंखों से आंसू बह रहे थे और जब मैं एक शो के लिए तैयार होने ऊपर जा रहा था, तो मैंने पापा को कॉरिडोर में आते देखा. मैं दौड़कर उनके पास गया, उन्हें गले लगाया और फूट-फूटकर रो पड़ा.’

एसएस राजामौली ने एक डिस्ट्रीब्यूटर के साथ हुई अपनी बातचीत का जिक्र करते हुए बताया कि उस वक्त पूरी फिल्म इंडस्ट्री इस पर क्या बातें कर रही थी. उन्होंने कहा, ‘डिस्ट्रीब्यूटर को लगातार मैसेजेस आ रहे थे कि लोग इसे भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी डिजास्टर कह रहे हैं. हमारे लिए तो वह ऐसा दौर था, जब हमें लग रहा था कि हमारा पूरा करियर ही हमेशा के लिए खत्म हो गया है.’ लेकिन खुशकिस्मती से उसी शाम खेल पूरी तरह पलट गया. फिल्म को लेकर दर्शकों का पॉजिटिव रिस्पॉन्स मिलने लगा. इसके बाद तो अगले ही हफ्ते ‘बाहुबली’ ने तेलुगु राज्यों में कमाई के सारे रिकॉर्ड तहस-नहस कर दिए और हिंदी मार्केट में भी इसकी ताबड़तोड़ कामयाबी का सिलसिला जारी रहा.

‘बाहुबली’ फ्रेंचाइजी की धमाकेदार शुरुआत साल 2015 में आई फिल्म ‘बाहुबली: द बिगिनिंग’ से हुई थी. इस एपिक फैंटेसी फिल्म में प्रभास डबल रोल में नजर आए थे, जबकि उनके साथ राणा दग्गुबाती, अनुष्का शेट्टी, तमन्ना भाटिया, राम्या कृष्णन, सत्यराज और नासर जैसे दमदार सितारों ने अपनी एक्टिंग का लोहा मनवाया था. बेहतरीन विजुअल इफेक्ट्स, राजामौली के लाजवाब डायरेक्शन की वजह से इस फिल्म को हर तरफ से खूब तारीफें मिलीं और देखते ही देखते यह उस समय की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली तेलुगु फिल्म बन गई.

साल 2017 में एसएस राजमौली की सीक्वल फिल्म ‘बाहुबली 2: द कन्क्लूजन’ ने बॉक्स ऑफिस पर वो तहलका मचाया, जो एक मिसाल बन गया. दुनियाभर में करीब 1788 करोड़ रुपये का छप्परफाड़ कलेक्शन करने वाली यह फिल्म आज भी भारतीय सिनेमा के इतिहास की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली चुनिंदा फिल्मों में टॉप पर बनी हुई है.

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