Rajasthan

एक जा रहा था खाटू श्याम, दूसरा अजमेर शरीफ! रास्ते में हुई मुलाकात ने लिख दी दोस्ती और भाईचारे की अनोखी कहानी

Last Updated:June 25, 2026, 16:00 IST

Khatu Shyam Yatra: राजस्थान की धरती से एक ऐसी प्रेरणादायक कहानी सामने आई है, जो आस्था, इंसानियत और भाईचारे का सुंदर संदेश देती है. एक यात्री खाटू श्याम जी के दर्शन के लिए निकला था, जबकि दूसरा अजमेर शरीफ दरगाह की जियारत के उद्देश्य से सफर कर रहा था. रास्ते में दोनों की मुलाकात हुई और बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ. अलग-अलग धार्मिक स्थलों की ओर जाने के बावजूद दोनों के बीच इतनी अच्छी दोस्ती हो गई कि उन्होंने यात्रा का एक हिस्सा साथ तय करने का फैसला कर लिया. इस दौरान दोनों ने अपने अनुभव साझा किए और एक-दूसरे की आस्था का सम्मान किया. यह कहानी बताती है कि धर्म और मंजिलें भले अलग हों, लेकिन इंसानियत और आपसी सम्मान लोगों को जोड़ने का काम करते हैं.

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उदयपुर: भारत की सड़कों पर रोज हजारों लोग सफर करते हैं. इनमें से कई यात्राएं सिर्फ मंजिल तक पहुंचने की नहीं, बल्कि इंसानियत और भाईचारे की मिसाल भी बन जाती हैं.ऐसी ही एक कहानी लोकल 18 की टीम को मिली, जिसमें अलग-अलग धर्मों के दो यात्री आज एक-दूसरे के हमसफर बनकर अपनी-अपनी धार्मिक यात्रा पूरी कर रहे हैं. दोनों ही यात्री गुजरात के रहने वाले इसमें  बिमल बिलाड़ हैं, जो बाबा खाटू श्याम के दर्शन के लिए पैदल यात्रा पर निकले हैं. वहीं दूसरे यात्री शेख अब्दुल कादिर हैं, जो अजमेर शरीफ में ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह पर हाजिरी लगाने जा रहे हैं. दोनों अलग-अलग मंजिलों की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन किस्मत ने उन्हें एक ही रास्ते का साथी बना दिया.

दोनों की मुलाकात गुजरात के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल शामलाजी में हुई. उस समय बिमल बिलाड़ मुश्किल दौर से गुजर रहे थे. यात्रा के दौरान उनका सामान चोरी हो गया था. अचानक हुई इस घटना से वे काफी परेशान थे और आगे का सफर कैसे पूरा होगा, इसे लेकर चिंतित थे.

दोस्ती और आपसी सम्मान देखने को मिलताइसी दौरान शेख अब्दुल कादिर ने उनकी मदद के लिए हाथ बढ़ाया. उन्होंने न सिर्फ बिमल को हौसला दिया, बल्कि जरूरत का सहयोग भी किया. एक अनजान व्यक्ति की मदद ने बिमल का विश्वास फिर से मजबूत कर दिया. इसके बाद दोनों ने तय किया कि वे आगे का सफर साथ-साथ करेंगे. अब दोनों यात्री एक-दूसरे के साथी बनकर यात्रा कर रहे हैं. रास्ते में जहां बिमल बाबा खाटू श्याम के जयकारे लगाते हैं, वहीं शेख अब्दुल कादिर ख्वाजा गरीब नवाज के प्रति अपनी आस्था व्यक्त करते हैं. अलग-अलग धर्मों से जुड़े होने के बावजूद दोनों के बीच गहरी दोस्ती और आपसी सम्मान देखने को मिलता है.

इंसानियत का रास्ता हमेशा एक ही होतायात्रा के दौरान कई लोग उनसे मिल रहे हैं और उनकी कहानी सुनकर प्रभावित हो रहे हैं. लोग इसे सांप्रदायिक सौहार्द और भाईचारे की मिसाल बता रहे हैं.कई जगह स्थानीय लोग उनका स्वागत भी कर रहे हैं और उनके साथ तस्वीरें खिंचवा रहे हैं. दोनों यात्रियों का कहना है कि धर्म अलग हो सकते हैं, लेकिन इंसानियत सबसे बड़ा धर्म है. उनका मानना है कि अगर लोग एक-दूसरे की मदद करें और प्रेम से रहें तो समाज में कई समस्याएं अपने आप खत्म हो सकती हैं. आज जब अक्सर समाज में मतभेदों की बातें सुनने को मिलती हैं, ऐसे में बिमल बिलाड़ और शेख अब्दुल कादिर की यह दोस्ती एक सकारात्मक संदेश देती है कि आस्था के रास्ते भले अलग हों, लेकिन इंसानियत का रास्ता हमेशा एक ही होता है.

About the AuthorJagriti Dubey

Hi, I am Jagriti Dubey, a media professional with 6 years of experience in social media and content creation. I started my career with an internship at Gbn 24 news channel in 2019 and have worked with many repu…और पढ़ें

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