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दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे : राजस्थान में सिर्फ 12 KM का काम बाकी, जानें कब खुलेगी मुकुंदरा हिल्स टनल

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दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे : राजस्थान में सिर्फ 12 KM का काम बाकी, जानें कब खुले

Last Updated:July 10, 2026, 21:28 IST

Delhi Mumbai Expressway Latest Update : दिल्ली-हरियाणा, राजस्थान-एमपी और गुजरात से गुजर रहे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का 80 फीसदी निर्माण पूरा हो गया है. अब तक 1.10 लाख करोड़ रुपये इस एक्सप्रेसवे के निर्माण में खर्च हुए हैं. केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने हाल ही में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का निरीक्षण करके सड़क की गुणवत्ता, सुरक्षा, इंटरचेंज और एक्सप्रेसवे के किनारे बन रही यात्री सुविधाओं का जायजा लिया. राजस्थान में कोटा के पास मुकुंदरा हिल्स में बन रही ट्विन टनल कब तक पूरी होगी और पूरा एक्सप्रेसवे कब तक पूरा होगा, इसको लेकर नया अपडेट आया है.

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे दो साल के अंदर बनकर तैयार हो जाएगा. केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने हाल ही में दावा किया कि दिल्ली से लेकर नरीमन पॉइंट (मुंबई) का सफर 12 घंटे में पूरा होगा. यह देश का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे हैं जिसकी कुल लंबाई 1386 किलोमीटर है. हरियाणा के सोहना से शुरू होने वाला यह एक्सप्रेसवे जयपुर, अजमेर, किशनगढ़, कोटा, उदयपुर, चित्‍तौड़गढ़, सवाई माधोपुर, रतलाम, इंदौर, उज्जैन, वडोदरा, सूरत और अहमदाबाद जैसे बड़े शहरों को जोड़ता है. कोटा के मुकुंदरा हिल्स में बन रही ट्विन टनल को लेकर भी बड़ा अपडेट सामने आया है. टनल का भी 96 फीसदी काम पूरा हो गया है. पूरे राजस्थान में सिर्फ 12 किलोमीटर का काम बाकी है.

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने हाल ही में जिन दो जगहों पर एक्सप्रेसवे चालू नहीं हो पाया है, उसका निरीक्षण किया. राजस्थान में सिर्फ 12 किलोमीटर का काम बाकी है. राजस्थान में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 373 किलोमीटर है. इसमें पैकेज नंबर 10 के 26 किमी लंबे हिस्सा आता है. इस हिस्से में 3-4 किमी का काम शेष है. पैकेज 10 का हिस्सा सवाई माधोपुर से लेकर बूंदी तक फैला हुआ है. इसे कंप्लीट करने की डेडलाइन 30 अगस्त तय की गई है.

इसी तरह कोटा के पास पैकेज नंबर 15 में मुकुंदरा हिल्स पर बन रही 8 किलोमीटर टनल अभी चालू नहीं हो पाई है. उम्मेदपुरा-नया गांव ट्विवन टनल प्रोजेक्ट मुकुंदरा हिल्स के नीचे बनाई जा रही है. 8 लेन की पूरी टनल 8.3 किलोमीटर की है. प्रत्येक टनल लगभग 20 मीटर चौड़ी और 11 मीटर ऊंची है. ट्विन टनल प्रोजेक्ट की लागत 1914 करोड़ रुपये है.

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इस ट्विन टनल के बन जाने से दरा घाटी में लगने वाले जाम से मुक्ति मिलेगी. टनल का 96 फीसदी काम पूरा हो गया है. दिलीप बिल्डकॉन कंपनी टनल का निर्माण कर रही है. महज 5 किमी एरिया का काम बाकी है. यह सुरंग एडवांस वेटिलेंटर सिस्टम, मॉडर्न फायर सेफ्टी नेटवर्क, 24 घंटे सीसीटीवी निगरानी और इंटेलीजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम से लैस रहेगी. इस टनल के पूरा हो जाने से सफर 40 मिनट से घटकर सिर्फ 5 मिनट रह जाएगा. कोटा-बूंदी की कनेक्टिविटी दिल्ली-वडोदरा मुंबई से और अधिक मजबूत होगी.

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे 6 राज्यों में होकर गुजर रहा है. राहत की खबर यह है कि दिल्ली, हरियाणा और मध्य प्रदेश में काम पूरा हो गया है. राजस्थान में भी काम जल्द पूरा होने वाला है. दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे मध्य प्रदेश के तीन जिलों रतलाम, मंदसौर और झाबुआ से गुजरता है. तीनों जिलों में एक्सप्रेस-वे की लंबाई करीब 244 किमी है.

गुजरात और महाराष्ट्र में काम काफी ज्यादा शेष है. गडकरी ने दिल्ली-वडोदरा-मुंबई एक्सप्रेसवे के वडोदरा-मुंबई खंड का भी निरीक्षण किया. पैकेज 18 से 31 तक चल रहे निर्माण कार्यों को देखा. अफसरों के साथ काम की समीक्षा की . यह खंड लगभग 45,000 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा है. लंबाई 379 किमी है. इसी बीच, कोटा शहर के रहवासियों के अच्छी खबर यह है कि केंद्रीय मंंत्री नितिन गडकरी ने कोटा से दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे तक फोर लेन लिंक रोड बनाने जाने का आश्वासन दिया है. करीब 1200 करोड़ की लागत से 21 किलोमीटर लंबा लिंक रोड बनेगा. लगभग 6.2 किलोमीटर सड़क वन क्षेत्र से गुजरेगी. यह हिस्सा एलिवेटेड रहेगा. फोर लेन रोड के बन जाने से कोटा शहरवासी सीधे बालापुर इंटरचेज पहुंच सकेंगे. फिर वहां से दिल्ली-मुंबई जाना आसान हो जाएगा. 

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