बुजुर्गों के लिए शुरू हुई अनोखी पहल! पाली का ‘वरिष्ठ नागरिक डे-केयर सेंटर’ बदल देगा हजारों परिवारों की जिंदगी

Last Updated:June 16, 2026, 19:10 IST
Senior Citizen Day Care Center: पाली जिले में वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के लिए एक अनूठी पहल की शुरुआत की गई है. यहां प्रदेश का पहला ‘वरिष्ठ नागरिक डे-केयर सेंटर’ शुरू हुआ है, जिसका उद्देश्य बुजुर्गों को दिनभर सुरक्षित, सक्रिय और सामाजिक वातावरण उपलब्ध कराना है. यह केंद्र पारंपरिक वृद्धाश्रम से अलग है, क्योंकि इसमें बुजुर्ग दिन के समय विभिन्न गतिविधियों, स्वास्थ्य परामर्श, मनोरंजन और सामाजिक मेलजोल का लाभ उठा सकेंगे तथा शाम को अपने परिवार के पास लौट सकेंगे. बदलती जीवनशैली और एकल परिवारों के बढ़ते चलन के बीच यह सुविधा बुजुर्गों के अकेलेपन को कम करने में मददगार साबित हो सकती है. केंद्र में स्वास्थ्य जांच, योग, मनोरंजन और सामुदायिक सहभागिता जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं.
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पाली. अक्सर जब भी बुजुर्गों के घर से बाहर रहने की बात आती है, तो हमारे जेहन में ‘वृद्धाश्रम’ का नाम आता है, जहाँ बुजुर्ग अपने परिवार से दूर होकर रहते हैं. लेकिन क्या आपने कभी बुजुर्गों के लिए किसी ‘डे-केयर सेंटर’ के बारे में सुना है? जी हां, जैसा बच्चों के लिए होता है, ठीक वैसा ही बुजुर्गों के लिए! पूरे राजस्थान के अंदर ऐसा ही एक अनूठा और पहला प्रयोग हमारे पाली शहर में किया गया है. पाली सेवा मंडल के संयुक्त तत्वावधान में बुजुर्गों को समर्पित ‘वरिष्ठ नागरिक डे-केयर सेंटर’ की शुरूआत हो चुकी है. इस सेंटर की सबसे खूबसूरत बात यह है कि यहाँ बुजुर्गों को अकेलापन महसूस नहीं होने दिया जाएगा.
यह सेंटर पूरी तरह से हमारे सीनियर सिटीजंस के लिए डिजाइन किया गया है. यहाँ बुजुर्गों के मनोरंजन के लिए एक शानदार ‘मनोरंजन कक्ष’ बनाया गया है, जहाँ वे आपस में बातचीत कर सकते हैं, अखबार-किताबें पढ़ सकते हैं और कैरम या शतरंज जैसे खेल खेल सकते हैं. ऐसे में समझा जा सकता है वृद्धाश्रम जैसे उन शब्दों से परे हटकर एक अपने आप में ऐसी बेहतरीन पहला करना अपने आप में काबिले तारीफ है. जिसका उद्घाटन स्वयं केबिनेट मंत्री अविनाश गहलोत ने किया और इस तरह के अनूठे प्रयोग को लेकर पाली के उन सामाजिक संगठनों के प्रयासो पर खुशी भी जताई.
इन केंद्रों पर मिलने वाली प्रमुख सुविधाएंस्वास्थ्य निगरानी: प्रशिक्षित चिकित्साकर्मियों द्वारा नियमित ब्लड प्रेशर, शुगर और अन्य महत्वपूर्ण स्वास्थ्य मानकों की जांच.व्यायाम और फिजियोथेरेपी: जोड़ों के दर्द और शारीरिक समस्याओं से राहत के लिए योग, ध्यान (मेडिटेशन) और फिजियोथेरेपी की सुविधा.मनोरंजन और सामाजिक जुड़ाव: पुस्तकालय, संगीत, इंडोर गेम्स (जैसे शतरंज, लूडो), और साथी बुजुर्गों के साथ बातचीत के अवसर.पोषणयुक्त भोजन: बुजुर्गों की विशेष आहार संबंधी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पौष्टिक नाश्ता और संतुलित भोजन. दैनिक देखभाल में सहायता: यदि आवश्यक हो तो वॉशरूम जाने, नहाने और दवा लेने में सहयोग प्रदान करना.
दिनभर रहेंगे फिर शाम को लौट जाएंगे परिवार के बीच यह सेंटर पूरी तरह से हमारे सीनियर सिटीजंस (वरिष्ठ नागरिकों) की जरूरतों और शारीरिक सहूलियत को ध्यान में रखकर विशेष रूप से डिजाइन किया गया है. यहाँ बुजुर्गों के मनोरंजन के लिए एक शानदार ‘मनोरंजन कक्ष’ बनाया गया है, जहाँ वे अपनी उम्र के साथियों के साथ आपस में दिल खोलकर बातचीत कर सकते हैं, अपनी पसंद के अखबार व ज्ञानवर्धक किताबें पढ़ सकते हैं. साथ ही, दोपहर के समय आराम करने के लिए पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग सर्वसुविधाविश्राम कक्ष भी तैयार किए गए हैं.इस सेंटर की सबसे खूबसूरत बात यह है कि यहाँ बुजुर्गों को अकेलापन महसूस नहीं होने दिया जाएगा. वे दिनभर यहाँ रहेंगे और शाम को अपने परिवार के बीच लौट जाएंगे.
About the AuthorJagriti Dubey
Hi, I am Jagriti Dubey, a media professional with 6 years of experience in social media and content creation. I started my career with an internship at Gbn 24 news channel in 2019 and have worked with many repu…और पढ़ें
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