Panchana Dam Dispute | Panchna Baandh Vivaad

Last Updated:June 18, 2026, 22:51 IST
Panchana Dam Dispute Rajasthan : पांचना बांध के पानी को लेकर हिण्डौन सिटी और भरतपुर में दिनभर महापंचायत और बैठकें चलती रहीं. तमाम कसमकस के बावजूद आज कोई समाधान नहीं निकला. किसानों और अधिकारियों के बीच लगातार बातचीत होती रही. किसानों ने 27 तारीख तक अल्टीमेटम दिया है. किसानों का कहना है कि फसलें प्रभावित हो रही हैं और सिंचाई के लिए समय पर पानी नहीं मिला तो बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है.पांचना बांध विवाद पर क्या निर्णय आया?
भरतपुर. हिण्डौन सिटी और भरतपुर में शुक्रवार को पांचना बांध के पानी को लेकर दिनभर हलचल बनी रही, लेकिन लंबे इंतजार और कई दौर की बैठकों के बाद भी कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आ सका. एक तरफ देवलेन मोड़ पर हजारों किसानों की महापंचायत हुई तो दूसरी तरफ भरतपुर संभागीय आयुक्त कार्यालय में अधिकारियों और किसान प्रतिनिधियों के बीच बैठक चली. हालांकि दोनों जगहों पर बातचीत और दावों का दौर चलता रहा, लेकिन पानी छोड़ने को लेकर अंतिम फैसला नहीं हो पाया.
किसानों का कहना है कि फसलें प्रभावित हो रही हैं और सिंचाई के लिए समय पर पानी नहीं मिला तो बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है. वहीं प्रशासन लगातार शांति बनाए रखने की अपील करता रहा. पूरे घटनाक्रम के बीच माहौल संवेदनशील जरूर दिखा, लेकिन सभी पक्ष बातचीत से रास्ता निकालने की बात कहते नजर आए.
नहीं बन सकी कोई बात, दिनभर क्या हुआहिण्डौन सिटी क्षेत्र के देवलेन मोड़ पर किसानों की बैठक सुबह से ही एक्टिव मोड पर रही. गंभीर नदी के किनारे बसे बहाव क्षेत्र के करीब 360 गांवों के पंच पटेल और ग्रामीण बड़ी संख्या में पहुंचे. पांचना बांध से क्षेत्र के किसानों को पानी उपलब्ध कराने की मांग को लेकर आयोजित महापंचायत में हजारों लोग मौजूद रहे. मंच पर गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष विजय बैसला समेत सर्व समाज के कई पदाधिकारी भी मौजूद रहे. महापंचायत को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क नजर आया. हिण्डौन और टोडाभीम पुलिस के अलावा एसपी, डिप्टी एसपी, दो आरएसी बटालियन और करीब 250 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया. आयोजन समिति ने फैसला लिया था कि महापंचायत के बाद जिला कलेक्टर को मौके पर ज्ञापन सौंपा जाएगा. साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि शाम 5 बजे तक कलेक्टर ज्ञापन लेने नहीं पहुंचे तो किसान करौली स्थित पांचना बांध की ओर कूच करेंगे और महापंचायत में शामिल लोग खुद बांध के गेट खोलने की कार्रवाई करेंगे.
भरतपुर में बैठक आयोजितइधर भरतपुर में भी पांचना बांध के पानी को लेकर अहम बैठक आयोजित हुई. करौली कलेक्टर अक्षय गोदारा और सवाई माधोपुर कलेक्टर कानाराम संभागीय कार्यालय पहुंचे. संभागीय आयुक्त नलिनी कठौतिया और रेंज आईजी कैलाश बिश्नोई की अध्यक्षता में हुई बैठक में किसानों की ओर से अमित कुमार मीणा और रघुवीर मीणा प्रतिनिधिमंडल के रूप में शामिल हुए.
प्रभारी मंत्री बोले, यह जातियों की नहीं किसानों की लड़ाईजिला प्रभारी मंत्री जवाहर सिंह बेढम भी महापंचायत में पहुंचे. उन्होंने कहा कि पांचना के कैचमेंट एरिया के किसान भी पानी चाहते हैं, गंभीर नदी के बहाव क्षेत्र वाले भी पानी मांग रहे हैं और कमांड एरिया के किसान भी अपने हिस्से का पानी चाहते हैं. उन्होंने कहा कि सरकार में बैठे लोग तीनों पक्षों को अपना भाई मानते हैं और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश करेंगे. बेढम ने यह भी कहा कि कुछ लोग जातियों को आपस में लड़ाना चाहते हैं, लेकिन ऐसा नहीं होने दिया जाएगा. यह किसी जाति की लड़ाई नहीं बल्कि किसानों की मांग है और सरकार की जिम्मेदारी है कि हर किसान की बात सुनी जाए.
किसानों ने दिया अल्टीमेटमबैठक के बाद किसान प्रतिनिधियों ने कहा कि उन्होंने अपनी बात अधिकारियों के सामने रख दी है, लेकिन फिलहाल आंदोलन समाप्त नहीं होगा. किसानों ने 27 तारीख तक का समय दिया है. उनका कहना है कि अगर तब तक समाधान नहीं निकला तो आंदोलन को नया रूप दिया जाएगा. वहीं अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि किसानों की बात सरकार तक पहुंचाई जाएगी. फिलहाल साफ है कि शुक्रवार को हुई बैठकों से कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकला और पांचना का विवाद अभी जारी रहने वाला है.
About the AuthorAnand Pandey
आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाते हुए उन्होंने राजनीति, अपराध और लाइफ…और पढ़ें
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