Rajasthan

Rajasthan Weather Update | Rajasthan Me Barish

Rajasthan Weather. राजस्थान में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय होने की ओर बढ़ रहा है. मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 7 जुलाई को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी. पूर्वी राजस्थान में कई जिलों में भारी और कहीं-कहीं अतिभारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है, जबकि पश्चिमी राजस्थान के कई इलाकों में भी मेघगर्जन, वज्रपात और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना है. मौसम विभाग का कहना है कि मानसून की आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं और अगले 5 से 7 दिन तक बारिश का सिलसिला कई संभागों में जारी रह सकता है.

लगातार सक्रिय मानसून के कारण प्रदेश के अधिकांश जिलों में दिन के तापमान में ज्यादा बढ़ोतरी की संभावना नहीं है. हालांकि जहां बारिश नहीं होगी वहां उमस लोगों को परेशान कर सकती है. किसानों के लिए यह मौसम खरीफ फसलों की बुवाई के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है. वहीं जिन इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट है वहां जलभराव, बिजली गिरने और तेज हवा से नुकसान की आशंका भी बनी रहेगी. मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की अपील की है.

पूर्वी राजस्थान में 7 जुलाई को कैसा रहेगा मौसमपूर्वी राजस्थान के कई जिलों में सोमवार को मानसून सबसे ज्यादा सक्रिय रहने का अनुमान है. उदयपुर, सलूम्बर, टोंक, सिरोही, सवाई माधोपुर समेत कई जिलों में भारी से अतिभारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. इसके अलावा कई जिलों में मेघगर्जन, वज्रपात और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. लगातार बादल छाए रहने से दिन के तापमान में कमी महसूस होगी, लेकिन बारिश रुकते ही उमस बढ़ सकती है.

जयपुर, अजमेर, भरतपुर, कोटा और उदयपुर संभाग के अधिकांश जिलों में रुक-रुककर बारिश का दौर देखने को मिल सकता है. निचले इलाकों में पानी भरने, छोटे नालों में पानी बढ़ने और ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे रास्तों पर आवागमन प्रभावित होने की आशंका है. बिजली गिरने की घटनाओं को देखते हुए खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है.

पश्चिमी राजस्थान में भी बढ़ेगी बारिश की गतिविधियांपश्चिमी राजस्थान में भी मानसून का असर पहले की तुलना में ज्यादा दिखाई देगा. बीकानेर, चूरू, हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, जोधपुर, जालौर, नागौर, पाली, बालोतरा, फलौदी और डीडवाना-कुचामन सहित अधिकांश जिलों में मेघगर्जन, वज्रपात और तेज हवाओं की संभावना है. नागौर और पाली में भारी बारिश की चेतावनी भी जारी की गई है. जबकि बीकानेर, चूरू, जोधपुर और श्रीगंगानगर में भी बारिश के अच्छे दौर बनने की संभावना जताई गई है.

बारिश के कारण पश्चिमी राजस्थान में लंबे समय से बनी गर्मी में राहत मिलेगी. हालांकि जिन इलाकों में तेज हवा चलेगी वहां बिजली आपूर्ति प्रभावित हो सकती है. किसानों को खेतों में जलनिकासी की व्यवस्था बनाए रखने और तेज बारिश के दौरान कृषि कार्य रोकने की सलाह दी गई है.

इन संभागों में अगले 5 से 7 दिन सक्रिय रहेगा मानसूनमौसम विभाग के अनुसार अगले 5 से 7 दिन तक जयपुर, भरतपुर, अजमेर, कोटा, उदयपुर, बीकानेर, जोधपुर और कुछ हद तक शेखावाटी क्षेत्र में मानसून सक्रिय बना रहेगा. इस दौरान कई जिलों में रुक-रुककर बारिश, मेघगर्जन और तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है. पूर्वी राजस्थान में बारिश की तीव्रता पश्चिमी राजस्थान की तुलना में अधिक रहने का अनुमान है, जबकि पश्चिमी जिलों में भी कई स्थानों पर अच्छी बारिश दर्ज हो सकती है. मानसून के आगे बढ़ने के लिए वातावरण पूरी तरह अनुकूल बना हुआ है.

इन जिलों में भारी और अतिभारी बारिश का अलर्टमौसम विभाग ने उदयपुर, सलूम्बर, सिरोही, टोंक और सवाई माधोपुर में कहीं-कहीं भारी से अतिभारी बारिश की चेतावनी जारी की है. इसके अलावा जयपुर, अजमेर, भीलवाड़ा, राजसमंद, चित्तौड़गढ़, बूंदी, कोटा, बारां, झालावाड़, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़, पाली, नागौर, जोधपुर, बीकानेर, चूरू, श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ समेत कई जिलों में भारी बारिश, मेघगर्जन और तेज हवा की संभावना जताई गई है.

राजस्थान के 38 जिलों में आईएमडी का अलर्ट

जयपुर, अजमेर, भरतपुर, कोटा और उदयपुर संभाग के अधिकांश जिलों में बारिश की संभावना
उदयपुर, सलूम्बर, सिरोही, टोंक और सवाई माधोपुर में कहीं-कहीं अतिभारी बारिश का अलर्ट
कई जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं
मेघगर्जन और वज्रपात की संभावना को देखते हुए खुले स्थानों से दूर रहने की सलाह
निचले इलाकों में जलभराव और छोटे नदी-नालों का जलस्तर बढ़ सकता है
ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे रास्ते प्रभावित होने की आशंका
पर्वतीय इलाकों में फिसलन बढ़ सकती है
किसानों को मौसम देखकर ही खेतों में कार्य करने की सलाह
बिजली गिरने के दौरान पेड़ों और बिजली के खंभों से दूरी बनाए रखें
प्रशासन और मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर बनाए रखें

मानसून आगे बढ़ने के लिए अनुकूल हैं परिस्थितियांअरब सागर और बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी मिलने के कारण मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं. इसी वजह से आने वाले दिनों में राजस्थान के और हिस्सों में भी मानसून मजबूत हो सकता है. यदि यही स्थिति बनी रही तो अगले कुछ दिनों में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज होने की संभावना है.

खेती पर कैसा रहेगा असरबारिश खरीफ फसलों की बुवाई के लिए फायदेमंद मानी जा रही है. जिन क्षेत्रों में पर्याप्त वर्षा हो चुकी है वहां किसान बुवाई का काम तेज कर सकते हैं. हालांकि जिन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी है वहां खेतों में जलभराव से बचाव की व्यवस्था करना जरूरी होगा. लगातार बारिश के दौरान कीटनाशक का छिड़काव टालना बेहतर रहेगा.

तापमान, वर्षा और हवा

तापमान: अधिकांश जिलों में दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे या आसपास रहने की संभावना है. रात के तापमान में भी हल्की गिरावट रह सकती है.

वर्षा की संभावना: पूर्वी राजस्थान में भारी से अतिभारी बारिश और पश्चिमी राजस्थान में हल्की से मध्यम तथा कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है.

धूप और हवा: दिनभर बादल छाए रह सकते हैं. बीच-बीच में धूप निकल सकती है, लेकिन कई जिलों में तेज हवा और मेघगर्जन का दौर जारी रहने की संभावना है.

किन बीमारियों का खतरा बढ़ सकता हैलगातार बारिश और बढ़ी हुई नमी के कारण वायरल बुखार, सर्दी-जुकाम, डेंगू, मलेरिया, फूड पॉइजनिंग और त्वचा संबंधी संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है. दूषित पानी और खुले में रखे भोजन से बचने की सलाह दी गई है.

क्या 7 जुलाई को राजस्थान में पूरे दिन बारिश होगी?नहीं, अधिकांश जगहों पर रुक-रुककर बारिश होने की संभावना है.

सबसे ज्यादा बारिश किन इलाकों में हो सकती है?उदयपुर, सलूम्बर, सिरोही, टोंक और सवाई माधोपुर सहित दक्षिण और दक्षिण-पूर्वी जिलों में.

क्या गर्मी से राहत मिलेगी?हां, बारिश के कारण तापमान में कमी रहेगी, लेकिन जहां बारिश नहीं होगी वहां उमस बनी रह सकती है.

क्या किसानों के लिए बुवाई का समय सही है?जिन क्षेत्रों में अच्छी बारिश हो चुकी है वहां खरीफ फसलों की बुवाई शुरू की जा सकती है. भारी बारिश वाले इलाकों में मौसम साफ होने का इंतजार करना बेहतर रहेगा.

लोगों को सबसे ज्यादा किस बात का ध्यान रखना चाहिए?तेज बारिश, वज्रपात और तेज हवाओं के दौरान खुले स्थानों में न जाएं, जलभराव वाले रास्तों से बचें और मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों का पालन करें.

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj