दुष्कर्म के दोषी को 20 साल की सजा, कोर्ट का अनोखा आदेश- 21 साल की उम्र तक करने होंगे ये काम

Last Updated:August 20, 2026, 10:00 IST
Kota News: नाबालिग से दुष्कर्म के 2 साल पुराने मामले में पॉक्सो कोर्ट ने दोषी को 20 साल के कठोर कारावास और 6,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है. घटना सितंबर 2024 की है. आरोपी की उम्र 16 साल से अधिक होने पर व्यस्क की तरह मुकदमा चलाया गया. वर्तमान में 18 वर्षीय दोषी को 21 साल की उम्र तक प्रतिदिन 2 घंटे पढ़ाई, 2 घंटे पौधारोपण और 1 घंटा आश्रय स्थल में असहायों की सेवा करनी होगी. 21 वर्ष का होने के बाद उसे केंद्रीय कारागार भेज दिया जाएगा.
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Minor Rape Case Verdict: नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल की जेल, कोर्ट का अनोखा आदेश भी जानिए
Minor Rape Case Verdict: नाबालिग बालिका से दुष्कर्म करने के करीब 2 साल पुराने मामले में पॉक्सो क्रम संख्या दो न्यायालय ने ऐतिहासिक और सुधारात्मक फैसला सुनाया है. अदालत ने मामले में दोषी पाए गए किशोर को 20 साल के कठोर कारावास की सजा से दंडित किया है. इसके साथ ही उस पर 6,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है. न्यायालय ने अपने फैसले में न केवल सजा का प्रावधान किया, बल्कि दोषी के मानसिक, शारीरिक, सामाजिक और शैक्षणिक विकास को ध्यान में रखते हुए 21 साल की उम्र तक प्रतिदिन विशेष सामाजिक कार्य करने के भी निर्देश दिए हैं.
विशिष्ट लोक अभियोजक वीरेंद्र सिंह भाणावत ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि 24 सितंबर 2024 को शहर के एक थाना क्षेत्र में रहने वाली नाबालिग बालिका को उसका नाबालिग दोस्त बहला-फुसलाकर ले गया था. आरोपी ने बालिका को तीन से चार दिनों तक बंधक बनाकर उसके साथ दुष्कर्म किया. पीड़िता की ओर से 25 सितंबर 2024 को मामला दर्ज कराया गया, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी नाबालिग को निरुद्ध कर किशोर सुधार गृह भेज दिया था.
बाल सुधार गृह से पॉक्सो कोर्ट स्थानांतरित हुआ था मामला
घटना के समय आरोपी की उम्र 17 साल से कम थी, जिसके चलते किशोर न्यायालय में उसके खिलाफ कार्रवाई चल रही थी. हालांकि, अपराध की गंभीरता और आरोपी की उम्र 16 साल से अधिक होने के कारण किशोर न्याय बोर्ड ने मामले को व्यस्क की तरह सुनवाई के लिए पॉक्सो क्रम संख्या दो न्यायालय में स्थानांतरित कर दिया था. इस अदालत में 5 फरवरी 2025 से मामले की नियमित सुनवाई चल रही थी, जहां सभी गवाहों और सबूतों के आधार पर अदालत ने बुधवार को अपना अंतिम फैसला सुनाया.
सजा के साथ रोज करने होंगे ये 3 बड़े सामाजिक कार्य
वर्तमान में दोषी की उम्र 18 साल 19 दिन हो चुकी है. उसे 21 साल की उम्र तक किशोर सुधार गृह में रखा जाएगा और उसके बाद केंद्रीय कारागार भेज दिया जाएगा. कोर्ट ने उसके पुनर्वास और विकास के लिए 21 साल की उम्र तक प्रतिदिन तीन विशेष कार्य करने के निर्देश दिए हैं:
शैक्षणिक विकास: रोज 2 घंटे किसी तकनीकी या शैक्षणिक संस्थान में परामर्श और पढ़ाई करनी होगी.
पर्यावरण सेवा: रोज 2 घंटे उपवन संरक्षक या संबंधित कार्यालय में पौधारोपण व पर्यावरण से जुड़े कार्य करने होंगे.
सामाजिक सेवा: रोज 1 घंटा ‘अपना घर’ या किसी आश्रय स्थल पर बुजुर्गों व मानसिक रूप से दिव्यांग लोगों की सेवा करनी होगी.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…
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Kota,Kota,Rajasthan
First Published :
August 20, 2026, 09:56 IST


