Rajasthan

जयपुर आर्टिस्ट डॉ. शुभब्रत मुखोपाध्याय का रिकॉर्ड

Last Updated:May 03, 2026, 13:10 IST

Dr. Shubhabrata Mukhopadhyay: जयपुर के जाने-माने कलाकार डॉ. शुभब्रत मुखोपाध्याय ने 19 मीटर लंबी और 0.5 मीटर चौड़ी एक अनोखी पेंटिंग बनाकर ‘इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ में अपना नाम दर्ज कराया है. ‘जयपुर एक शाही स्वप्न दृश्य’ थीम पर आधारित यह पेंटिंग ट्रेसिंग फिल्म रोल पर ऐक्रेलिक रंगों से तैयार की गई है. इस पेंटिंग की खासियत यह है कि इसमें जयपुर के ऐतिहासिक किलों (आमेर, नाहरगढ़, जयगढ़) और महलों के साथ-साथ आधुनिक इमारतों जैसे वर्ल्ड ट्रेड पार्क और जवाहर कला केंद्र को एक ही फ्रेम में दिखाया गया है. डॉ. मुखोपाध्याय, जो राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित भूविज्ञानी भी हैं, ने इस कलाकृति के जरिए जयपुर की विरासत और आधुनिक सोच का अद्भुत संगम पेश किया है. यह पेंटिंग जल्द ही जयपुर में प्रदर्शित की जाएगी.

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Jaipur News: राजस्थान की राजधानी जयपुर अपनी कला, संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत के लिए विश्व विख्यात है. यहाँ के कलाकार अपनी प्रतिभा के दम पर दुनियाभर में अपनी चमक बिखेर रहे हैं. इसी कड़ी में जयपुर के जाने-माने आर्टिस्ट डॉ. शुभब्रत मुखोपाध्याय ने एक ऐसा नया कीर्तिमान स्थापित किया है, जिसने कला जगत को गौरवान्वित किया है. उन्होंने जयपुर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर को एक बेहद ही अनोखी पेंटिंग के जरिए प्रस्तुत किया है. डॉ. मुखोपाध्याय द्वारा तैयार की गई यह खास पेंटिंग ‘जयपुर एक शाही स्वप्न दृश्य’ (Jaipur: A Royal Dreamscape) थीम पर आधारित है. इस कलाकृति की सबसे बड़ी विशेषता इसकी लंबाई है. यह पेंटिंग 19 मीटर लंबी और 0.5 मीटर चौड़ी है, जिसे ट्रेसिंग फिल्म रोल पर ऐक्रेलिक रंगों की मदद से तैयार किया गया है. इस उपलब्धि के चलते उनका नाम ‘इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ में दर्ज किया गया है.

इस भव्य पेंटिंग की खासियत यह है कि इसमें जयपुर के प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों और आधुनिक पहचान को एक ही फ्रेम में बहुत ही खूबसूरती से उकेरा गया है. कलाकार ने इसमें किले, महल, मंदिर और आधुनिक इमारतों को इस तरह संयोजित किया है कि अलग-अलग समय के ये सभी प्रतीक एक साथ जीवंत हो उठते हैं. यह पेंटिंग जयपुर को केवल एक ऐतिहासिक शहर के रूप में ही नहीं, बल्कि एक निरंतर विकसित होते और जीवंत शहर के रूप में बयां करती है. डॉ. शुभब्रत का कहना है कि इस पेंटिंग के जरिए उन्होंने यह दिखाने का प्रयास किया है कि जयपुर की असली पहचान उसकी प्राचीन विरासत और आधुनिक सोच के मिलन में बसती है.

पेंटिंग की बारीकियां और खास आकर्षणयह 19 मीटर लंबी पेंटिंग जयपुर के प्रसिद्ध स्मारकों को एक अर्ध-अवास्तविक (Semi-Surreal) दायरे में समेटती है. इसमें आमेर किला, सिटी पैलेस, जंतर-मंतर और हवा महल जैसे विश्व प्रसिद्ध स्थलों के साथ-साथ नाहरगढ़, जयगढ़, जल महल, बिड़ला मंदिर और गलता जी के चित्रों को बेहद बारीकी से बनाया गया है. केवल इतिहास ही नहीं, बल्कि आधुनिक जयपुर की पहचान कहे जाने वाले जवाहर कला केंद्र और वर्ल्ड ट्रेड पार्क (WTP) को भी इसमें स्थान दिया गया है. हर इमारत को प्राकृतिक सुंदरता और राजा-महाराजाओं के चित्रों के साथ उकेरा गया है, जो इसे और भी भव्य बनाता है. वर्तमान में यह पेंटिंग बेंगलुरु में सुरक्षित है, जिसे जल्द ही जयपुर लाकर आम जनता के लिए प्रदर्शित किया जाएगा.

बहुमुखी प्रतिभा के धनी: डॉ. शुभब्रत मुखोपाध्यायडॉ. शुभब्रत मुखोपाध्याय केवल एक पेंटिंग आर्टिस्ट ही नहीं, बल्कि एक उच्च शिक्षित और सम्मानित व्यक्तित्व हैं. उन्होंने आईआईटी खड़गपुर से शिक्षा प्राप्त की और राजस्थान विश्वविद्यालय से भूविज्ञान (Geology) में पीएचडी की डिग्री हासिल की है. भूविज्ञान के क्षेत्र में उनके विशिष्ट योगदान के लिए उन्हें वर्ष 2015 में भारत के राष्ट्रपति द्वारा ‘राष्ट्रीय भूविज्ञान पुरस्कार’ से भी सम्मानित किया जा चुका है. कला के प्रति उनका समर्पण पुराना है; इससे पहले भी वर्ष 2005, 2006, 2010 और 2017 में उनकी पेंटिंग्स और मूर्तिकला को ‘लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ में स्थान मिल चुका है. वे कला और विज्ञान के बीच एक अद्भुत सेतु की तरह काम कर रहे हैं.

About the Authorvicky Rathore

Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…और पढ़ें

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