बगरू में सरकारी स्कूल पर बवाल, CJP कार्यकर्ताओं का विरोध, ग्रामीण बोले- राजनीति करने आए थे

Last Updated:August 21, 2026, 10:33 IST
Bagru Government School Dilapidated State Controversy: जयपुर के बगरू क्षेत्र के रामपुरा-कंवरपुरा गांव में सरकारी प्राथमिक स्कूल की बदहाल स्थिति को लेकर विवाद बढ़ गया है. स्कूल का जायजा लेने पहुंचे CJP कार्यकर्ताओं का ग्रामीणों ने विरोध किया और बाद में उनके खिलाफ धरना शुरू कर दिया. CJP से जुड़े आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि उनकी टीम के कुछ सदस्यों के साथ भाजपा कार्यकर्ताओं ने मारपीट की, हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. ग्रामीणों के मुताबिक स्कूल भवन वर्ष 1999 में बना था और लंबे समय से मरम्मत नहीं होने के कारण जर्जर हो गया है. फिलहाल दो कमरों में करीब 20-30 बच्चों की पढ़ाई हो रही है. ग्रामीण स्कूल के नए भवन का निर्माण जल्द शुरू कराने की मांग कर रहे हैं.
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जयपुर के बगरू क्षेत्र के रामपुरा-कंवरपुरा गांव में सरकारी प्राथमिक स्कूल की बदहाल स्थिति को लेकर विवाद बढ़ा
जयपुर. बगरू क्षेत्र के रामपुरा-कंवरपुरा गांव में सरकारी प्राथमिक स्कूल की बदहाल स्थिति को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. स्कूल की व्यवस्थाओं का जायजा लेने पहुंचे CJP कार्यकर्ताओं का ग्रामीणों ने विरोध किया और उन्हें मौके से वापस जाने के लिए कहा. इसके बाद ग्रामीण CJP के खिलाफ धरने पर बैठ गए. दूसरी ओर CJP से जुड़े आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि स्कूल की स्थिति सामने लाने पहुंची उनकी टीम के कुछ सदस्यों के साथ भाजपा कार्यकर्ताओं ने मारपीट की.
हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. रांका का दावा है कि गांव का सरकारी स्कूल लंबे समय से जर्जर स्थिति में है और बच्चे उचित भवन के अभाव में वैकल्पिक जगह पर पढ़ रहे हैं. मामले के सामने आने के बाद स्कूल की बदहाली के साथ-साथ गांव में राजनीतिक टकराव भी चर्चा का विषय बन गया है.
1999 में बना भवन, अब पढ़ाई के लायक नहीं
ग्रामीणों के मुताबिक गांव में पहले पांचवीं कक्षा तक प्राथमिक विद्यालय संचालित होता था. स्कूल भवन के लिए उनके दादा ने जमीन उपलब्ध कराई थी. उनका कहना है कि वर्ष 1999 में भवन बनने के बाद से उसकी पर्याप्त मरम्मत नहीं हुई. समय के साथ भवन की हालत इतनी खराब हो गई कि बच्चों को वहां बैठाकर पढ़ाना मुश्किल हो गया. वर्तमान में ग्रामीणों ने एक बड़े भवन में दो कमरे पढ़ाई के लिए उपलब्ध कराए हैं. इन्हीं कमरों में दो शिक्षक करीब 20 से 30 बच्चों को पढ़ा रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और स्थायी समाधान की जरूरत है.
रामपुरा, कंवरपुरा स्थित सरकारी स्कूल पिछले कई सालों से भैंसों के तबेले में चल रहा है। मैं अभी वही पहुँच रहा हूँ।
लेकिन हमारी टीम के कुछ साथी जो वहाँ पहुचे हुए थे, उनके साथ भाजपा के गुंडे फिर मारपीट पर उतर आए।
भाजपा को हमारे बच्चे भैंसों के तबेले में पढ़ते रहे, यह मंज़ूर है,… pic.twitter.com/OYYThDjKgB



