पाली के इस रिटायर्ड शिक्षक को सलाम, आराम छोड़ पौधे लगाकर बदल रहे पर्यावरण की तस्वीर

Last Updated:August 07, 2026, 08:02 IST
Pali Retired Teacher Inspiring Story: सरकारी नौकरी से सेवानिवृत्ति के बाद जहां अधिकांश लोग आरामदायक जीवन चुनते हैं, वहीं पाली के सोहनलाल शर्मा ने प्रकृति की सेवा को अपना जीवन लक्ष्य बना लिया. शिक्षा विभाग से रिटायर होने के बाद वे लगातार पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे रहे हैं. उन्होंने हाल ही में 70 फलदार और छायादार पौधे लगाए और उनकी सुरक्षा के लिए 45 ट्री-गार्ड भी स्थापित करवाए. सोहनलाल शर्मा का कहना है कि पौधरोपण तभी सफल है, जब पौधे की नियमित देखभाल कर उसे पेड़ बनाया जाए. शिक्षक रहते हुए उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ पर्यावरण और नैतिक मूल्यों की सीख दी.
सरकारी नौकरी से रिटायरमेंट के बाद अमूमन लोग पेंशन के सहारे आराम की जिंदगी और ठाठ-बाठ से जीना पसंद करते हैं. लेकिन पाली जिले के सोहनलाल शर्मा की सोच इससे बिल्कुल जुदा है. रिटायरमेंट के बाद उन्होंने आराम की राह चुनने के बजाय ‘प्रकृति की सेवा’ का कठिन रास्ता चुना है. लगातार कटते पेड़, छलनी होते पहाड़ और बढ़ते प्रदूषण को देखकर उन्होंने हाथ पर हाथ धरे बैठने के बजाय खुद मैदान में उतरने का फैसला किया. सोहनलाल शर्मा ने पर्यावरण संरक्षण के लिए एक अनोखा ‘पौधरोपण अभियान’ शुरू किया है, जो आज भी लगातार जारी है. उन्हें जहां भी खाली जगह और समय मिलता है, वे पौधे लगाने पहुंच जाते हैं. आज के दौर में जब हर तरफ पर्यावरण का क्षरण हो रहा है, सोहनलाल की यह पहल पूरे समाज के लिए एक बड़ी मिसाल है.
शिक्षा विभाग में 30 वर्षों तक अपनी उत्कृष्ट सेवाएं देने वाले वरिष्ठ शिक्षक सोहनलाल शर्मा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय गिरादड़ा से सेवानिवृत्त हुए हैं. अपनी सेवा के दौरान उन्होंने न केवल बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी, बल्कि उन्हें नैतिक मूल्यों और पर्यावरण के प्रति सजग रहने का पाठ भी पढ़ाया. सेवानिवृत्ति के बाद जहां अधिकतर लोग विश्राम की जिंदगी चुनते हैं, वहीं सोहनलाल शर्मा ने पर्यावरण संरक्षण और समाज सेवा को अपने जीवन का नया उद्देश्य बना लिया.
पर्यावरण को शुद्ध और हरा-भरा बनाने के संकल्प के साथ सोहनलाल शर्मा विशेष पौधरोपण अभियान चला रहे हैं. अपने इसी अभियान के तहत हाल ही में उन्होंने विभिन्न सार्वजनिक स्थानों पर 70 छायादार एवं फलदार पौधे लगाए हैं. इन पौधों को पशुओं और अन्य खतरों से सुरक्षित रखने के लिए उन्होंने अपने स्तर पर 45 मजबूत लोहे के ट्री-गार्ड भी स्थापित करवाए हैं. उनका मानना है कि केवल पौधा लगाना ही काफी नहीं है, बल्कि जब तक वह पेड़ न बन जाए, तब तक उसकी देखरेख करना बेहद जरूरी है.
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शिक्षण और पर्यावरण के साथ-साथ खेल जगत में भी सोहनलाल शर्मा का योगदान अतुलनीय रहा है. उनके मार्गदर्शन में विद्यालय की टीमों ने राष्ट्रीय स्तर की खो-खो प्रतियोगिताओं में भाग लेकर कई पदक हासिल किए और प्रदेश का नाम रोशन किया. उनकी खेल प्रतिभा तराशने की क्षमता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनके द्वारा प्रशिक्षित 50 से अधिक खिलाड़ी आज राजस्थान के विभिन्न सरकारी विद्यालयों में शारीरिक शिक्षकके रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं.
शिक्षा, खेल और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए सोहनलाल शर्मा को जिला एवं राज्य स्तर पर कई बार सम्मानित किया जा चुका है. सेवानिवृत्ति के बाद भी उनकी यह ऊर्जा और लगन क्षेत्र के युवाओं और आमजन के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हुई है. स्थानीय निवासियों का कहना है कि शर्मा द्वारा शुरू किया गया यह हरित अभियान समाज को दिशा देने वाला है.
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August 07, 2026, 08:02 IST



