जयपुर में गोविंददेवजी मंदिर में आज से संकीर्तन-भजन कार्यक्रम, 4 सितंबर को मनेगी भव्य कृष्ण जन्माष्टमी

जयपुर. आराध्य देव गोविंद देव जी मंदिर में जन्माष्टमी की रौनक शुरू हो गई हैं, साथ ही गोविंददेवजी मंदिर में 4 सितंबर को मनाई जाने वाले जन्माष्टमी पर्व के लिए मंदिर में दर्शन का समय बदला गया हैं. आज से गोविंददेव जी मंदिर में संकीर्तन- भजन कार्यक्रमों की शुरुआत हो चुकी हैं जो लगातार 3 सितंबर तक रोज अलग-अलग मंडिलियों द्वारा संकीर्तन के कार्यक्रमों का आयोजन चलेगा. हर साल जन्माष्टमी उत्सव के एक महिने तक लाखों की संख्या में लोग गोविंद देव जी मंदिर में संकीर्तन कार्यक्रमों में हिस्सा लेने पहुंचते हैं.
मंदिर प्रबंधन की ओर से 4 सितम्बर तक दर्शन के समय में बदलाव किया गया हैं जिसके तहत अब लोगों को मंगला झांकी के दर्शन सुबह 5:00 से 5:15 बजे तक, धूप झांकी के दर्शन सुबह 7:45 से 9:00 बजे तक, श्रृंगार झांकी के दर्शन सुबह 9:30 से 10:15 बजे तक, राजभोग झांकी के दर्शन सुबह 10:45 से 11:15 बजे तक होंगे, इसी के साथ ग्वाल झांकी के दर्शन शाम 5:00 से 5:15 बजे तक, संध्या झांकी के दर्शन शाम 5:45 से 6:45 बजे तक, उत्सव झांकी के दर्शन शाम 7:00 से 8:30 बजे तक और शयन झांकी के दर्शन रात 9:00 से 9:15 बजे तक कर सकेंगे. हालांकि रविवार और एकादशी को समय अलग रहेगा.
4 सितंबर मंदिर में मनाई जाएगी भव्य कृष्ण जन्माष्टमी
इस साल कृष्ण जन्माष्टमी उत्सव 4 सितंबर को मनाई जाएगी, इसलिए गोविंद देव जी मंदिर में भक्तों के लिए इस दिन मंदिर में विशेष दर्शन व्यवस्था रहेगी. जन्माष्टमी के दिन भक्तों के लिए मंगला झांकी सुबह 4:00 से 6:30 बजे, धूप सुबह 7:00 से 9:00 बजे, शृंगार सुबह 9:30 से 11:15 बजे, राजभोग सुबह 11:45 से दोपहर 1:15 बजे, ग्वाल शाम 4:00 से 6:30 बजे, संध्या शाम 6:45 से 8:30 बजे और शयन रात 9:15 से 10:30 बजे तक रहेगा. इसके बाद रात में जन्मोत्सव से जुड़े विशेष दर्शन होंगे. साथ ही मंदिर में ठाकुर श्रीजी का मंगला झांकी से पहले पंचामृत अभिषेक होगा. ठाकुर श्रीजी को नए पीले वस्त्र धारण करवाए जाएंगे और विशेष अलंकार, सिरपेच और फूलों से श्रृंगार किया जाएगा.
इसके अलावा हर साल की तरह इस साल भी रात 12 बजे 31 तोपों की हवाई गर्जना और विशेष आतिशबाजी के साथ श्रीकृष्ण जन्म का उत्सव मनाया जाएगा. इसके तुरंत बाद ठाकुर गोविंददेवजी के अभिषेक दर्शन होंगे. रात को विशेष रूप से 6 वेदपाठी पंडितों द्वारा वेद पाठ किया जाएगा और श्री शालिग्राम पूजन और पांच द्रव्यों के पूजन के बाद ठाकुर श्रीजी का पंचामृत अभिषेक होगा. इस साल मंदिर में जन्माष्टमी के अभिषेक के लिए 425 लीटर दूध, 365 किलो दही, 11 किलो घी, 85 किलो बूरा और 11 किलो शहद सेवा ठाकुरजी को अर्पित की जाएगी.
3 सितंबर तक ये मंडलियां करेगी संकीर्तन-भजन
गोविंद देव जी मंदिर में हर साल जन्माष्टमी से पहले देशभर की संकीर्तन मंडलियां अपनी भजन प्रस्तुत देती हैं, जिससे हर दिन हजारों की संख्या में लोग शामिल होते हैं. ऐसे ही इस बार 3 सितंबर तक अलग-अलग संकीर्तन मंडल प्रस्तुत देंगे, इनमें 21 अगस्त को सुबह श्री बलराम महिला सत्संग मंडल और शाम रेखा सैनी व दीपक माथुर द्वारा संकीर्तन का आयोजन होगा. ऐसे ही 22 अगस्त सुबह श्री गौरांग महाप्रभु मंदिर और शाम श्री निम्बार्क सत्संग मंडल, 23 अगस्त को सुबहश्री हरिनाम संकीर्तन मंडल और शाम को श्री शिव सत्संग भवन टस्ट जयपुर परिवार, 24 अगस्त को सुबह श्री निम्बार्क परिषद और शाम श्री त्रिवेणी सत्संग मंडल, 25 अगस्त को सुबह श्री जगदगुरु रामानंद संकीर्तन सत्संग मंडल और शाम श्री मनु माधव गोइरेथर मंडल, 26 अगस्त को सुबह श्री गौर गोविंद महिला मंडल और शाम श्री आलोक भट्ट, 27 अगस्त को सुबह श्री हरिनाम संकीर्तन परिवार और शाम श्री गुरुकृपा सत्संग मंडल, 28 अगस्त को श्री गोविंद की गया संकीर्तन मंडल, 29 अगस्त को सुबह श्री विठ्ठल भैया एवं परिवार और शाम को श्री संजय राज्यादा व मंजू शर्मा, 30 अगस्त को सुबह श्री राधागोविंद देवजी और दोपहर को 1 से 3 बजे ऑसम पब्लिक स्कूल, 31 अगस्त को सुबह श्री राधागोविंद सखी परिवार और शाम को श्री अविनाश जी शर्मा, 1 सितंबर को सुबहश्री राधागोविंद कृपा प्रभात फेरी मंडल और शाम को श्री नारायण नाम संकीर्तन मंडल, 2 सितंबर को सुबह श्री गोगिनाथ महिला मंडल और शाम श्री गौरांग महाप्रभु संकीर्तन मंडल और आखरी दिन 3 सितंबर को सुबह अष्ट प्रहर वृंदावन संकीर्तन मंडल अपनी प्रस्तुति देंगे.
भक्तों को भारतीय परिधान में आने की गई हैं अपील
हर साल गोविंद देव जी मंदिर में मंदिर प्रशासन द्वारा इस साल भी दर्शनार्थियों से भारतीय परिधान में आने की अपील की है. साथ ही किसी संदिग्ध व्यक्ति या लावारिस वस्तु के दिखाई देने पर तुरंत मंदिर प्रशासन या पुलिस को सूचना देने को कहा गया है. भीड़ को देखते हुए हृदय रोग, डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, सांस संबंधी परेशानी या अन्य गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों से अपनी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मंदिर में नहीं आने की अपील की गई है. वहीं सुरक्षा की दृष्टि से इस बार मंदिर में करीब 150 स्काउट भी व्यवस्था में सहयोग करेंगे और सुरक्षा के लिए पुलिस प्रशासन की ओर से 8 से 10 मेटल डिटेक्टर लगाए जाएंगे. मंदिर परिसर में चिन्हित स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं. साथ ही दर्शनार्थियों को सुविधा देने के लिए करीब 13 एलईडी स्क्रीन लगाई गई हैं. मंदिर में आने वाले भक्तों के लिए वाहनों के लिए रामनिवास बाग पार्किंग और चौगान स्टेडियम पार्किंग में व्यवस्था रहेगी. मंदिर में कीमती सामान, बैग, थैला और लेडीज पर्स लेकर नहीं आएं. महिलाओं से भी कीमती आभूषण पहनकर नहीं आए इसके अलावा जूते-चप्पल और हेलमेट बाहर ही खोलकर मंदिर में प्रवेश करने की अपील की गई हैं.



