Rajasthan

Sanwaliya Seth: सांवलिया सेठ के दरबार में बरसी आस्था की दौलत, पहले ही चरण में निकले 17.55 करोड़ रुपये

Last Updated:June 16, 2026, 23:07 IST

Donations at Sanwalia Seth: चित्तौड़गढ़ स्थित प्रसिद्ध कृष्ण धाम श्री सांवलिया सेठ मंदिर के मासिक भंडारे में इस बार भी रिकॉर्ड चढ़ावा सामने आया है. दानराशि की प्रथम चरण की गणना में ही 17 करोड़ 55 लाख रुपये प्राप्त हुए हैं, जबकि नकदी की आगे की गिनती और सोने-चांदी के आभूषणों का मूल्यांकन अभी शेष है. मंदिर प्रशासन के अनुसार अंतिम आंकड़ा और भी बड़ा हो सकता है. यह रिकॉर्ड भक्तों की अटूट आस्था और सांवलिया सेठ के प्रति गहरे विश्वास को दर्शाता है.सांवलिया सेठ के खजाने ने फिर बनाया रिकॉर्ड, गिनती अभी बाकीZoomश्री सांवलिया जी मंदिर में 17 करोड़ 55 लाख रुपये का चढ़ावा

चित्तौड़गढ़. जिले में स्थित मेवाड़ के प्रसिद्ध एवं ऐतिहासिक कृष्ण धाम श्री सांवलिया जी मंदिर में इस माह खोले गए मासिक भंडारे ने एक बार फिर नया रिकॉर्ड स्थापित किया है. मंदिर में दानराशि की प्रथम चरण की गणना में ही 17 करोड़ 55 लाख रुपये का चढ़ावा सामने आया है. यह राशि भक्तों की अटूट श्रद्धा और सांवलिया सेठ के प्रति गहरे विश्वास का प्रतीक मानी जा रही है. मंदिर प्रशासन के अनुसार अभी कई चरणों की गणना और सोने-चांदी के आभूषणों का मूल्यांकन शेष है, जिससे कुल दानराशि में और अधिक वृद्धि होने की संभावना है.

देशभर से पहुंचते हैं लाखों श्रद्धालु

श्री सांवलिया सेठ अपनी चमत्कारी महिमा के लिए देशभर में प्रसिद्ध हैं. प्रतिदिन यहां लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं. राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र सहित विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में भक्त मंदिर में आते हैं. श्रद्धालुओं की मान्यता है कि सांवलिया सेठ के दरबार में मांगी गई हर मनोकामना पूरी होती है. व्यापार-व्यवसाय में सफलता, पारिवारिक सुख-समृद्धि और अन्य इच्छाओं की पूर्ति होने पर भक्त अपनी श्रद्धानुसार गुप्त दान अर्पित करते हैं.

सोमवती अमावस्या के चलते रोकी गई थी गणना

मंदिर मंडल द्वारा प्रत्येक माह निर्धारित प्रक्रिया के तहत दानपात्र खोला जाता है. इस बार सोमवती अमावस्या से एक दिन पूर्व मासिक भंडारा खोला गया. पहले दिन भंडारे से निकली नकदी को अलग-अलग कर व्यवस्थित करने का कार्य किया गया. सोमवार को सोमवती अमावस्या होने के कारण मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. दर्शनार्थियों की सुविधा और व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए नोटों की गिनती का कार्य अस्थायी रूप से रोक दिया गया था.

अभी बाकी है आभूषणों का मूल्यांकन

मंगलवार सुबह प्रशासनिक अधिकारियों और मंदिर मंडल के पदाधिकारियों की निगरानी में दानराशि की गणना दोबारा शुरू की गई. प्रथम चरण में ही 17.55 करोड़ रुपये की राशि सामने आने से मंदिर प्रशासन उत्साहित है. अधिकारियों का कहना है कि अभी शेष नकदी की गिनती, सोने-चांदी के आभूषणों का तौल और अन्य बहुमूल्य वस्तुओं का मूल्यांकन होना बाकी है. ऐसे में अंतिम आंकड़ा और अधिक बढ़ सकता है. सांवलिया सेठ का मासिक भंडारा हर महीने भक्तों की अपार श्रद्धा और विश्वास की नई मिसाल पेश करता है. करोड़ों रुपये के चढ़ावे से यह स्पष्ट होता है कि भगवान सांवलिया सेठ के प्रति भक्तों की आस्था लगातार बढ़ रही है और उनका दरबार श्रद्धालुओं के लिए विश्वास का प्रमुख केंद्र बना हुआ है.

About the AuthorMonali Paul

नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें

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