शाहरुख खान का ऑनस्क्रीन बेटा, अमरीश पुरी की सलाह पर लिया लंबा ब्रेक, ट्रांसफॉर्मेशन देख हैरान हुए फैंस

Last Updated:June 26, 2026, 21:34 IST
फिल्म ‘कभी खुशी कभी गम’ में शाहरुख खान के बेटे ‘कृष’ के रोल में नजर आया मासूम सा बच्चा याद है. वह आज बांका नौजवान है. हम जिब्रान खान की बात कर रहे हैं, जो बीआर चोपड़ा की ‘महाभारत’ में अर्जुन बने फिरोज खान के बेटे हैं. हालांकि, उन्होंने दिग्गज एक्टर अमरीश पुरी की सलाह पर एक्टिंग से दूरी बना ली थी. उन्होंने लाइमलाइट से दूर रहकर खुद की फिटनेस और ग्रूमिंग पर काम किया. उन्होंने आखिरकार एक हीरो के रूप में बॉलीवुड में कमबैक किया.
नई दिल्ली: जिब्रान खान ने चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर फिल्म ‘कभी खुशी कभी गम’ में काम किया था. बचपन में मिली पॉपुलैरिटी को भुनाने के बजाय फिल्मी दुनिया से दूरी बना ली, जिसकी वजह थे दिग्गज एक्टर अमरीश पुरी. वे एक फिल्मी परिवार से ताल्लुक रखते हैं. उनके पिता फिरोज खान बॉलीवुड के जाने-माने एक्टर हैं. उन्होंने ‘महाभारत’ सीरियल में अर्जुन के किरदार से लोकप्रियता हासिल की. घर में सिनेमा का माहौल होने की वजह से जिब्रान छोटी उम्र से एक्टिंग पेशे को पसंद करने लगे थे.
जिब्रान खान को बचपन में करण जौहर की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘कभी खुशी कभी गम’ में काम करने का मौका मिला. उन्होंने फिल्म में शाहरुख खान और काजोल के प्यारे बेटे ‘कृष रायचंद’ का किरदार निभाया था. फिल्म में राष्ट्रगान गाने वाले सीन में उनकी मासूम एक्टिंग, दिलकश मुस्कान और प्यारे लुक ने पूरे देश के दर्शकों का दिल रातों-रात जीत लिया था.
फिल्म की रिलीज के बाद जिब्रान अपनी बेहतरीन कॉमिक टाइमिंग और नैचुरल एक्टिंग के दम पर सबसे पसंदीदा चाइल्ड एक्टर्स में से एक बन गए. अमिताभ बच्चन, शाहरुख खान और ऋतिक रोशन जैसे सुपरस्टार्स के साथ स्क्रीन शेयर करने वाले उनके सीन्स आज भी सोशल मीडिया पर वायरल होते हैं. वे 90 के दशक के बच्चों की यादों का हिस्सा हैं.
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जब जिब्रान का चाइल्ड एक्टर के तौर पर करियर शानदार चल रहा था, तब उनके फैमिली फ्रैंड और दिग्गज अभिनेता अमरीश पुरी ने उनके माता-पिता को जरूरी सलाह दी. अमरीश पुरी का मानना था कि चाइल्ड आर्टिस्ट्स को अक्सर बड़े होने पर अहम किरदारों में फिट होने और नई पहचान बनाने में मुश्किलों और मानसिक दबाव का सामना करना पड़ता है.
अमरीश पुरी ने सुझाव दिया कि जिब्रान को कुछ समय के लिए फिल्मों से पूरी तरह दूरी बना लेनी चाहिए. उन्हें पहले अपनी पढ़ाई पर ध्यान देना चाहिए. अभिनेता की सलाह का सम्मान करते हुए जिब्रान के माता-पिता ने मुश्किल, लेकिन सोच-समझकर फैसला किया.
जिब्रान ने चकाचौंध भरी दुनिया को छोड़ दिया और अपनी पढ़ाई को अहमियत दी. वे नौजवानी में फिल्म इंडस्ट्री की पार्टियों और कैमरों की नजरों से दूर रहे. उन्होंने बिना किसी लाइमलाइट या मीडिया के दबाव के एक आम बच्चे की तरह पढ़ाई पूरी की और खुद को परिपक्व होने का वक्त दिया.
जिब्रान करीब एक दशक से भी ज्यादा समय तक फिल्मों से गायब रहे. जहां ज्यादातर चाइल्ड एक्टर्स शोहरत के बाद बड़े होकर काम न मिलने के कारण डिप्रेशन या संघर्ष में घिर जाते हैं, वहीं जिब्रान ने इस ब्रेक का इस्तेमाल खुद को ग्रूम करने, मार्शल आर्ट्स सीखने, डांस ट्रेनिंग लेने और फिटनेस को बेहतर बनाने में किया.
जिब्रान खान ने सालों के लंबे इंतजार के बाद बड़े पर्दे पर हीरो के तौर पर शानदार कमबैक किया. उन्होंने बेहतरीन लुक्स, मस्कुलर बॉडी, गजब के चार्म और मैच्योर स्क्रीन प्रेजेंस के साथ बॉलीवुड में कदम रखा. गोलू-मोलू ‘कृष’ से आज के स्टाइलिश और कॉन्फिडेंट युवा हीरो बनने तक का उनका यह सफर वाकई कमाल का है.
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