शेयर मार्केट का झांसा, ऑनलाइन जॉब का जाल! टोंक पुलिस ने साइबर गैंग की कमर तोड़ी, 4 ठग दबोचे गए

Last Updated:July 08, 2026, 11:17 IST
Tonk Cyber Fraud Fang Busted: टोंक जिले में जिला स्पेशल टीम और साइबर थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई कर ऑनलाइन ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है. पुलिस ने विकास मीणा, छोटूलाल मीणा, भीमसिंह मीणा और खुशीराम मीणा सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोपी सोशल मीडिया के जरिए लोगों को शेयर मार्केट में भारी मुनाफा, पार्ट-टाइम जॉब और घर बैठे कमाई का लालच देकर ठगी करते थे. वे रजिस्ट्रेशन फीस, जीएसटी, प्रोसेसिंग चार्ज और अन्य शुल्क के नाम पर अलग-अलग बैंक खातों में पैसे जमा करवाते थे. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ठगी की रकम, दो लग्जरी कारें और चार महंगे मोबाइल फोन बरामद किए हैं. राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर इनके खिलाफ पहले से 49 शिकायतें दर्ज हैं. पुलिस आरोपियों से रिमांड पर पूछताछ कर पूरे नेटवर्क और अन्य साथियों की तलाश में जुटी है.
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टोंक जिले में डीएसटी और साइबर थाना पुलिस ने ऑनलाइन ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया
टोंक. राजस्थान के टोंक जिले में जिला स्पेशल टीम और साइबर थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए ऑनलाइन ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है. पुलिस ने चार शातिर साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है, जो लोगों को शेयर मार्केट में भारी मुनाफा दिलाने, घर बैठे नौकरी उपलब्ध कराने और विभिन्न शुल्कों के नाम पर ठगी का शिकार बनाते थे. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ठगी से अर्जित रकम, दो लग्जरी कारें और वारदात में इस्तेमाल किए जा रहे चार महंगे मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विकास मीणा, छोटूलाल मीणा, भीमसिंह मीणा और खुशीराम मीणा के रूप में हुई है. पुलिस के अनुसार चारों लंबे समय से संगठित तरीके से साइबर ठगी की वारदातों को अंजाम दे रहे थे.
इनके खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों से कई शिकायतें सामने आई है. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से लोगों से संपर्क करते थे. वे खुद को निवेश एक्सपर्ट या कंपनी के प्रतिनिधि बताकर शेयर मार्केट में कम समय में अधिक मुनाफा कमाने का झांसा देते थे. इसके बाद निवेशकों से रजिस्ट्रेशन फीस, प्रोसेसिंग चार्ज, जीएसटी और अन्य फर्जी शुल्क के नाम पर अलग-अलग बैंक खातों में रकम जमा करवाई जाती थी.
पार्ट-टाइम और ऑनलाइन जॉब दिलाने का झांसा देकर फंसाते थे
यही नहीं, आरोपी घर बैठे पार्ट-टाइम और ऑनलाइन जॉब दिलाने का झांसा देकर भी लोगों को अपने जाल में फंसाते थे. नौकरी दिलाने के नाम पर पहले रजिस्ट्रेशन शुल्क और फिर अलग-अलग बहानों से लगातार पैसे ऐंठे जाते थे. जब पीड़ित को ठगी का एहसास होता, तब तक आरोपी मोबाइल नंबर बंद कर संपर्क खत्म कर देते थे. पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपियों का नेटवर्क काफी बड़ा और संगठित है. राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर इन चारों आरोपियों के खिलाफ 49 शिकायतें पहले से दर्ज हैं. इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि गिरोह ने देशभर में बड़ी संख्या में लोगों को अपना शिकार बनाया है.
ठगी की रकम, दो लग्जरी कारें और चार महंगे मोबाइल बरामद
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ठगी की रकम के अलावा दो लग्जरी कारें और चार महंगे मोबाइल फोन बरामद किए हैं. पुलिस अब इन मोबाइल फोन और बैंक खातों की तकनीकी जांच कर रही है, ताकि ठगी के पूरे नेटवर्क, अन्य साथियों और लेनदेन का पता लगाया जा सके. फिलहाल चारों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लिया गया है. पुलिस उनसे गहन पूछताछ कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ में कई और बड़े खुलासे होने की संभावना है.
गिरोह में शामिल अन्य लोगों का लगाया जा रहा है पता
साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस गिरोह से जुड़े अन्य लोग किन राज्यों में सक्रिय हैं और ठगी की कुल राशि कितनी है. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि शेयर मार्केट में निवेश, ऑनलाइन नौकरी या किसी भी तरह के आर्थिक लाभ के नाम पर सोशल मीडिया पर आने वाले अनजान लिंक, कॉल या संदेशों पर भरोसा न करें. किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर दर्ज कराएं.
About the Authordeep ranjan
दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें
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