Rajasthan

Sikar News: अब RTE छात्रों को मुफ्त मिलेंगी किताबें और शिक्षण सामग्री, निजी स्कूलों को सख्त निर्देश

Last Updated:July 12, 2026, 10:57 IST

Sikar News: आरटीई के तहत निजी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को अब किताबों और आवश्यक शिक्षण सामग्री के लिए अलग से पैसे नहीं देने होंगे. शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों को इन्हें मुफ्त उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं. आदेश की अनदेखी करने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई होगी और उन्हें आरटीई फीस रीइंबर्समेंट का लाभ भी नहीं मिलेगा.

सीडीईओ सीकर किरण सैनी ने बताया कि स्कूल द्वारा अगर आदेश की पालना नहीं की जाएगी तो सरकार द्वारा मिलने वाली आरटीई फीस पुनर्भरण (रीइंबर्समेंट) का लाभ नहीं मिलेगा. उन्होंने बताया कि शिक्षा विभाग ने आदेश में साफ किया है कि प्राइवेट स्कूल तभी फीस पुनर्भरण का दावा प्रस्तुत कर सकेंगे, जब वे यह प्रमाणित करेंगे कि आरटीई स्टूडेंट्स को फ्री किताबें और अन्य शिक्षण सामग्री उपलब्ध करा दी गई है.

भाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे इस आदेश की सख्ती से पालना सुनिश्चित कराएं. आपको बता दें, कि अब तक कई जिलों में ऐसी शिकायतें सामने आती रही थी कि आरटीई के तहत पढ़ने वाले विद्यार्थियों से भी किताबों और अन्य सामग्री के नाम पर राशि वसूली जा रही थी. नए आदेश के बाद ऐसी शिकायतों पर रोक लगने की उम्मीद जताई जा रही है.

इधर, प्राइवेट स्कूल संचालकों का कहना है कि किताबों का एक सेट करीब 700 रुपए से लेकर 3 हजार रुपए तक का आता है. दूसरी ओर, राज्य सरकार ने आरटीई विद्यार्थियों के लिए यूनिट कॉस्ट में पुस्तक सहायता राशि केवल 202 रुपए प्रति विद्यार्थी निर्धारित कर रखी है. निजी स्कूल संचालकों का कहना है कि मौजूदा बाजार दरों को देखते हुए यह राशि बेहद कम है.

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विभाग का मानना है कि शिक्षा का अधिकार कानून का उद्देश्य केवल प्रवेश दिलाना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को आवश्यक शैक्षणिक संसाधन भी बिना अतिरिक्त आर्थिक बोझ के उपलब्ध कराना है. ऐसे में इस योजना से गरीब वर्ग के बच्चों को सबसे अधिक फायदा होगा. इससे प्राइवेट स्कूल वाले अपनी मनमर्जी से किताबों के पैसे नहीं ले सकेंगे. इस आदेश को अवहेलना पर स्कूलों के खिलाफ कार्यवाही भी की जाएगी.

सीडीईओ सीकर किरण सैनी ने बताया कि अभिभावकों से किताबों और अन्य सामग्री के नाम पर राशि वसूले जाने की शिकायतें सामने आती रही हैं. नए आदेश से अब अभिभावकों को किताबों के लिए अलग से भुगतान नहीं करना पड़ेगा. उन्होंने बताया कि आरटीई को लेकर निदेशालय जो आदेश मिलेंगे. उन्हें फॉलो कराया जाएगा. स्टूडेंट को पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराने के निर्देश होंगे उसे लागू कराया जाएगा.

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