विश्व के 5 क्रिकेटर…जिन्होंने बदल ली अपनी पहचान, 2 ने बदला धर्म तो 1 ने देश के नाम किया सरनेम

होमखेलक्रिकेट
5 क्रिकेटर जिन्होंने बदली पहचान, 2 ने बदला धर्म तो 1 ने देश पर रखा सरनेम
Last Updated:August 16, 2026, 20:10 IST
These 5 World Cricketers Who Changed Their Names: इंटरनेशनल क्रिकेट में खिलाड़ियों की पहचान उनके आंकड़ों से होती है, लेकिन कई दिग्गजों ने अपने करियर में नाम भी बदला. पाकिस्तान के यूसुफ योहाना और श्रीलंका के तिलकरत्ने दिलशान ने धर्म परिवर्तन कर नई पहचान बनाई, जबकि सूरज रणदीव ने भी नाम बदला. वहीं, इंग्लैंड के बटलर ने नाम की उलझन दूर करने के लिए ‘जोश’किया और अफगानिस्तान के असगर स्टेनिकजई ने देशभक्ति में सरनेम बदल लिया. दुनिया के पांच क्रिकेटर जिन्होंने बदल लिए अपने धर्म.
नई दिल्ली. इंटरनेशनल क्रिकेट के मैदान पर किसी खिलाड़ी की असली पहचान उसके बल्ले की धमक, गेंदबाजी की रफ्तार और नाम के साथ दर्ज आंकड़ों से होती है. लेकिन क्रिकेट के लंबे इतिहास में कई ऐसे दिग्गज और चर्चित चेहरे भी रहे हैं, जिन्होंने अपने करियर के किसी अहम पड़ाव पर दुनिया के सामने खुद को एक नए नाम के साथ पेश किया. किसी खिलाड़ी ने धार्मिक आस्था के कारण नया रास्ता चुना, तो किसी ने अपनी सांस्कृतिक जड़ों, पारिवारिक परिस्थितियों या जीवनभर के नाम संबंधी भ्रम को दूर करने के लिए यह कदम उठाया. नजर डालते हैं क्रिकेट जगत के उन 5 प्रमुख दिग्गजों पर, जिनकी नाम बदलने की कहानी बेहद दिलचस्प रही है.
यूसुफ योहाना बने मोहम्मद यूसुफक्रिकेट इतिहास में नाम बदलने की सबसे चर्चित और प्रेरणादायक कहानियों में पाकिस्तान के दिग्गज बल्लेबाज मोहम्मद यूसुफ (Mohammad Yousuf) का नाम सबसे ऊपर आता है. लाहौर में जन्मे यूसुफ का शुरुआती नाम यूसुफ योहाना था और वे पाकिस्तान की ओर से खेलने वाले चौथे ईसाई क्रिकेटर थे. साल 2005 में पूर्व साथी खिलाड़ी सईद अनवर से प्रभावित होकर उन्होंने इस्लाम धर्म अपनाया और अपना नाम मोहम्मद यूसुफ कर लिया. नाम और धर्म बदलने के बाद उनके खेल में गजब का निखार देखा गया. वर्ष 2006 में उन्होंने एक कैलेंडर ईयर में 1788 टेस्ट रन बनाकर ऐसा विश्व रिकॉर्ड कायम किया, जिसे आज तक कोई नहीं तोड़ सका है. इसी साल उन्होंने एक कैलेंडर वर्ष में सबसे ज्यादा 9 शतक और सर्वाधिक 150 से अधिक का स्कोर बनाने का अद्भुत कीर्तिमान भी रचा. 90 टेस्ट में 7,530 रन और 288 वनडे में 9,720 रन बनाने वाले यूसुफ पाकिस्तान के सबसे सफल बल्लेबाजों में गिने जाते हैं.
दुनिया के पांच क्रिकेटर जिन्होंने बदल लिए अपने धर्म.
तिलकरत्ने दिलशान का जन्म मुस्लिम फैमिली में हुआ थाअपनी विस्फोटक बल्लेबाजी और प्रसिद्ध ‘दिलस्कूप’ शॉट के जनक तिलकरत्ने दिलशान (Tilakratne Dilshan) की शुरुआती पहचान अलग थी. उनका जन्म एक मुस्लिम परिवार में हुआ था और उनका नाम तुवान मोहम्मद दिलशान था. उनके पिता मुस्लिम और मां बौद्ध धर्म से थीं. माता-पिता के अलग होने के बाद उन्होंने अपनी मां के बौद्ध धर्म को अपनाया और अपना नाम बदलकर ‘तिलकरत्ने मुदियानसेलागे दिलशान’ रख लिया. इस बदलाव के बाद वे श्रीलंकाई क्रिकेट के सबसे भरोसेमंद ऑलराउंडर बनकर उभरे. 17 साल लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर में दिलशान ने वनडे मैचों में 10,290 रन बनाने के साथ 106 विकेट झटके और टेस्ट क्रिकेट में 5,492 रन बनाए.
जोस बटलर ने हमेशा के लिए जोश लगायाइंग्लैंड को वनडे विश्व कप जिताने वाले विस्फोटक विकेटकीपर-बल्लेबाज और कप्तान जोस बटलर (Jos Buttler) ने नाम बदलने की लिस्ट में नया अध्याय जोड़ा. क्रिकेट प्रेमी सालों से उन्हें ‘जोस’ (Jos) के नाम से जानते थे. हालांकि, उनके करीबी, मां और कई आधिकारिक दस्तावेजों में हमेशा ‘जोश’ (Josh) शब्द का ही प्रयोग होता था. स भ्रम को हमेशा के लिए समाप्त करने के लिए उन्होंने सोशल मीडिया पर एक हल्का-फुल्का और मजेदार वीडियो जारी कर आधिकारिक तौर पर अपने नाम में ‘एच जोड़ने का ऐलान किया. इसके बाद से वे आधिकारिक रूप से ‘जोश बटलर’ कहलाने लगे.
सूरज रणदीव का जन्म जन्म एक मुस्लिम परिवार में हुआ था2011 विश्व कप का फाइनल खेलने वाले श्रीलंकाई ऑफ-स्पिनर सूरज रणदीव (Suraj Randiv) भी उन खिलाड़ियों में शामिल हैं, जिन्होंने करियर के दौरान अपना नाम बदला. उनका जन्म एक मुस्लिम परिवार में हुआ था और उनका शुरुआती नाम मोहम्मद मार्शुक मोहम्मद सूरज था, जिसे बाद में उन्होंने बदलकर सूरज रणदीव कर लिया. णदीव का नाम 2010 की एक वनडे त्रिकोणीय श्रृंखला के दौरान भारतीय बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग को विवादित ‘नो-बॉल’ फेंकने के लिए सुर्खियों में आया था, जिसकी वजह से सहवाग अपने शतक से चूक गए थे. रणदीव ने श्रीलंका के लिए 12 टेस्ट और 31 वनडे मैच खेले.
असगर स्टेनिकजई ने सरनेम में अफगान लगायाअफगानिस्तान क्रिकेट टीम को अंतरराष्ट्रीय पटल पर मजबूत पहचान दिलाने वाले सबसे सफल कप्तानों में शुमार असगर का नाम बदलने का कारण पूरी तरह देशभक्ति से प्रेरित था. 2018 में उन्होंने अपनी राष्ट्रीयता और देश के प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए अपना सरनेम ‘स्टेनिकजई’ हटाकर ‘अफगान’ कर लिया. उनका मानना था कि उनकी पहचान उनके मुल्क के नाम से जुड़ी होनी चाहिए. असगर अफगान (Asghar Afghan) की ही कप्तानी में अफगानिस्तान ने अपना ऐतिहासिक पहला टेस्ट मैच खेला था. 2021 तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वाले असगर ने अपने देश के लिए 114 वनडे और 75 टी20 मैच खेले.
About the AuthorKamlesh Raiचीफ सब एडिटर
कमलेश कुमार राय नेटवर्क18 ग्रुप में बतौर चीफ सब एडिटर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. वह बीते 15 सालों से खेल पत्रकारिता की पिच पर डटे हुए हैं. हिंदी स्पोर्ट्स सेक्शन में वह खेल कंटेंट की गहरी समझ, सटीक विश्लेषण और ब…
और पढ़ेंLocation :
New Delhi,New Delhi,Delhi
First Published :
August 16, 2026, 20:10 IST



