Rajasthan

कोटा में अंतरराष्ट्रीय साइबर ठग गिरोह का खुलासा, पाकिस्तानी और दुबई कनेक्शन ने मचाई खलबली

Last Updated:April 21, 2026, 12:20 IST

Kota News : कोटा पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय साइबर ठग गिरोह का खुलासा किया है. इस साइबर ठग गिरोह का पाकिस्तान और दुबई कनेक्शन मिलने के बाद अब अन्य सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं. ठगों ने कोटा के एक व्यक्ति के साथ की थी 43.50 लाख रुपये की ठगी की थी. मुख्य आरोपी बिहार निवासी मोहम्मद अमजद ने पाकिस्तान और दुबई में राशि ट्रांसफर की थी. आरोपियों अपने रिश्तेदारों और परिचितों के 100 से अधिक बैंक खाते किराए पर उनको ठगी के नेटवर्क में काम ले रहे थे. आरोपी राजस्थान से सटे मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं. पुलिस ने उनके पास से 2 लाख रुपये की नगदी भी बरामद की है. अब आरोपियों के अन्य अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की जांच की जा रही है. यह गिरोह अपने पाकिस्तानी आका के इशारों पर काम कर रहा था. कोटा में अंतरराष्ट्रीय साइबर ठग गिरोह का खुलासा, पाकिस्तानी कनेक्शन आया सामनेZoomपकड़े गए साइबर ठग पाकिस्तानी हैंडलर के इशारों पर काम करते हैं.

कोटा. कोचिंग सिटी कोटा में साइबर थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 2 दिन पहले साइबर ठगी के अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का पर्दाफाश किया था. इस गिरोह के तार पाकिस्तान और दुबई तक जुड़े होने का खुलासा होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है. पुलिस ने 43 लाख 50 हजार रुपये की ठगी के मामले में इस गिरोह के चार आरोपियों को दबोचा है. उनके पास से 7 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, 29 एटीएम कार्ड, 13 बैंक पासबुक और करीब 2 लाख रुपये की नगदी बरामद की गई है. ठगों से अभी और पूछताछ चल रही है.

साइबर थानाप्रभारी सतीशचंद्र चौधरी के मुताबिक मुख्य आरोपी मोहम्मद अमजद उर्फ आर्यन बिहार के चंपारण का रहने वाला है. फिलहाल वह मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में रह रहा है. आरोपी दीपक, पूर्वी और विजय कुमार भी भोपाल के ही रहने वाले हैं. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गिरोह पाकिस्तान में बैठे सरगना के निर्देश पर काम करता है. पाकिस्तानी सरगना के कहने पर ही लोगों से ठगी गई राशि को निकालकर दूसरे खातों में जमा कराता है. इनके पास दुबई रुपये ट्रांसफर करने के ऑनलाइन सबूत मिले हैं.

100 से अधिक बैंक खाते नेटवर्क में इस्तेमाल के लिए दे रखे थेसाइबर थानाप्रभारी ने बताया कि मुख्य आरोपी अमजद व्हाट्सऐप कॉल और चैट के जरिए लगातार पाकिस्तानी सरगना के संपर्क में रहता था. जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने अपने और अपने परिचितों के 100 से अधिक बैंक खाते इस नेटवर्क में इस्तेमाल के लिए दे रखे थे. मोबाइल फोन में मौजूद यूपीआई एप्स के जरिए ठगी की रकम को दुबई सहित अन्य भारतीय खातों में ट्रांसफर किया जाता था. पुलिस को आरोपियों के मोबाइल और लैपटॉप से करोड़ों रुपये के लेन-देन के डिजिटल सबूत भी मिले हैं. इससे इस नेटवर्क की बड़ी पहुंच का अंदाजा लगाया जा सकता है. पुलिस ने आरोपियों के पास से अकाउंट ओपनिंग फॉर्म भी जब्त किए हैं.

कोटा में बीते साल 43 लाख 50 हजार रुपये की हुई थी ठगी
बीते साल 8 दिसंबर को विज्ञान नगर निवासी दिनेश चंद्र गुप्ता ने इस संबंध में शिकायत दर्ज करवाई थी. उसने बताया कि एक अज्ञात व्यक्ति ने खुद को उनका परिचित बताकर झांसे में ले लिया. बाद में अलग-अलग खातों में 43 लाख 50 हजार रुपये ट्रांसफर करवाकर ठगी कर ली. शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की तो यह बड़ा अंतरराष्ट्रीय साइबर ठग गिरोह निकला. उसके बाद पुलिस ने 16 अप्रैल को भोपाल में दबिश देकर गिरोह के चार आरोपियों को पकड़ा. फिर उन्हें कोटा लाकर 17 अप्रैल को कोर्ट में पेश किया गया था. फिलहाल सभी आरोपी पुलिस रिमांड पर हैं. पुलिस उनसे पूछताछ करने में जुटी है.About the AuthorSandeep Rathore

संदीप राठौड़ ने वर्ष 2000 में भास्कर सुमूह से पत्रकारिता की जयपुर से शुरुआत की. बाद में कोटा और भीलवाड़ा में राजस्थान पत्रिका के रेजीडेंट एडिटर की जिम्मेदारी निभाई. 2017 से के साथ नए सफर की शुरुआत की. वर…और पढ़ें

न्यूजलेटर

अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज

खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में

सबमिट करें

Location :

Kota,Kota,Rajasthan

First Published :

April 21, 2026, 12:20 IST

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj