Entertainment

डेब्यू फिल्म के सेट पर रोता था स्टार, पिता से करता था एक्टिंग छोड़ने की मिन्नतें, जीत चुका है दो नेशनल अवॉर्ड

Last Updated:July 10, 2026, 09:35 IST

साउथ सिनेमा का एक ऐसा स्टार, जो कभी एक्टिंग में नहीं जाना चाहता था. लेकिन आज वो फिल्म इंडस्ट्री का बड़ा नाम बन चुका है. दिलचस्प बात यह है कि शुरुआती दिनों में वह अपनी मर्जी के बिना सेट पर आता था और डेब्यू फिल्म की शूटिंग के दौरान तो शॉट से ठीक पहले रो पड़ता था. 5 से 6 फिल्में करने तक पिता से लगातार सिनेमा छोड़ने की मिन्नतें करता था. दिलचस्प बात यह है कि अब वो स्टार कई भाषाओं में 50 से अधिक फिल्मों में काम कर चुका है.

नई दिल्ली. धनुष आज एक पैन-इंडिया स्टार हैं. उन्होंने अपनी दमदार एक्टिंग से लोगों के दिलों में खास जगह बनाई है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि वह कभी भी ग्लैमर की इस दुनिया का हिस्सा नहीं बनना चाहते थे? फिल्ममेकर कस्तूरी राजा के परिवार में जन्मे धनुष ने शुरुआत में कभी भी एक्टर बनने की योजना नहीं बनाई थी. उन्होंने महज 18 साल की उम्र में अपने भाई सेल्वारघवन के कहने पर 2002 में फिल्म ‘थुल्लुवाधो इलामाई’ से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी.

हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान धनुष के पिता कस्तूरी राजा ने खुलासा किया कि धनुष अपनी मर्जी से सिनेमा की दुनिया में नहीं आए थे. अपनी पांचवीं या छठी फिल्म तक वह लगातार मुझसे सिनेमा छोड़ने की मिन्नतें कर रहे थे. इसके साथ ही कस्तूरी राजा ने यह भी बताया कि धनुष अपनी पहली डेब्यू फिल्म की शूटिंग के दौरान सेट पर अक्सर रोने लगते थे.

कस्तूरी राजा ने बताया, ‘धनुष को सिनेमा बिल्कुल पसंद नहीं था. 5-6 फिल्में पूरी होने तक वह इससे दूर भागते थे. जब मैं ‘थुल्लुवाधो इलामाई’ बना रहा था, तो वह मुझसे हमेशा कहते थे कि पापा मुझे जाने दो, मैं ये सब छोड़ दूंगा. वह फिल्म ‘थुल्लुवाधो इलामाई’ की शूटिंग के वक्त शॉट शुरू होने से ठीक पहले रो पड़ते थे.’

Add as Preferred Source on Google

धनुष ने भले ही ‘थुल्लुवाधो इलामाई’ से डेब्यू किया था, लेकिन उन्हें पहली बड़ी सफलता सेल्वारघवन के निर्देशन में बनी फिल्म ‘काधल कोंडेइन’ (2003) से मिली. इस फिल्म में उन्होंने एक मानसिक रूप से परेशान युवक का किरदार निभाया था. इसके बाद उन्होंने ‘पुधुपेट्टई’ (2006) और ‘पोलाधवन’ (2007) में बेहतरीन अभिनय कर तमिल सिनेमा के सबसे वर्सटाइल यंग एक्टर्स में अपनी जगह बनाई.

धनुष के करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट 2011 में आई फिल्म ‘आदुकलम’ साबित हुई, जिसके लिए उन्हें बेस्ट एक्टर का पहला नेशनल अवॉर्ड मिला. इसी साल उनका गाना ‘व्हाई दिस कोलावेरी डी’ ग्लोबल सेंसेशन बन गया. उन्होंने ही इस गाने को अपनी आवाज से सजाया था. इस एक गाने ने उन्हें भारत के साथ-साथ पूरी दुनिया के हर घर में एक लोकप्रिय और बड़ा नाम बना दिया.

समय के साथ धनुष ने हिंदी सिनेमा का रुख किया और साल 2013 में आई फिल्म ‘रांझणा’ से अपना बॉलीवुड डेब्यू किया, जिसमें वह सोनम कपूर के अपोजिट नजर आए थे. इसके बाद साल 2015 में उन्होंने अमिताभ बच्चन के साथ फिल्म ‘शमिताभ’ में काम किया. वह लगातार ‘वेलैइल्ला पट्टाधारी’ जैसी कमर्शियल फिल्मों और गंभीर ड्रामा फिल्मों के बीच बेहतरीन संतुलन बनाते रहे.

धनुष ने ‘द एक्स्ट्राऑर्डिनरी जर्नी ऑफ द फकीर’ (2018) और रूसो ब्रदर्स के निर्देशन में बनी नेटफ्लिक्स की ‘द ग्रे मैन’ (2022) के जरिए वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाई. इसके बाद साल 2019 में आई उनकी ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘असुरन’ में दमदार अभिनय के लिए उन्हें करियर का दूसरा बेस्ट एक्टर का नेशनल अवॉर्ड मिला.

बताते चलें कि अब तक धनुष कई भाषाओं की 50 से अधिक फिल्मों में काम कर चुके हैं. वह आखिरी बार नवंबर 2025 में सिनेमाघरों में रिलीज हुई फिल्म ‘तेरे इश्क में’ कृति सैनन के साथ नजर आए थे, जो बॉक्स ऑफिस पर बड़ी हिट साबित हुई. एक्टिंग के अलावा, धनुष फिल्म इंडस्ट्री में एक सफल फिल्ममेकर, गीतकार, प्लेबैक सिंगर और बेहतरीन डायरेक्टर के रूप में भी अपनी एक अलग पहचान बना चुके हैं.

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj