बेल के फल से शुरू किया अनोखा कारोबार, अब पाउडर बनाकर हर महीने हो रही शानदार कमाई

Last Updated:June 19, 2026, 13:31 IST
गोंडा के मनकापुर क्षेत्र के रहने वाले वैद्य विष्णुदत्त प्रजापति ने बेल जैसे सामान्य फल को स्वरोजगार का मजबूत माध्यम बना दिया है. औषधीय गुणों से भरपूर बेल का पाउडर तैयार कर वह न सिर्फ अच्छी आमदनी कर रहे हैं, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए आत्मनिर्भरता की नई मिसाल भी पेश कर रहे हैं.
गोंडा: जिले के विकासखंड मनकापुर के झिलाही गांव के रहने वाले वैद्य विष्णुदत्त प्रजापति ने अपने घर से एक अनोखा स्वरोजगार शुरू किया है. वह बेल का पाउडर तैयार कर न सिर्फ अच्छी पहचान बना रहे हैं, बल्कि इससे अच्छी आमदनी भी प्राप्त कर रहे हैं. उनकी यह पहल क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा बन रही है. आमतौर पर लोग बेल का उपयोग शरबत या फल के रूप में करते हैं, लेकिन विष्णुदत्त प्रजापति ने इसके औषधीय गुणों को देखते हुए बेल का पाउडर बनाने का काम शुरू किया.
उन्होंने बताया कि बेल एक बेहद लाभकारी फल माना जाता है और आयुर्वेद में इसका विशेष महत्व है. गर्मियों के मौसम में इसका सेवन शरीर को ठंडक पहुंचाने और पाचन तंत्र को मजबूत रखने में मददगार माना जाता है. लोकल 18 से बातचीत के दौरान विष्णुदत्त प्रजापति ने बताया कि शुरुआत में उन्होंने छोटे स्तर पर बेल का पाउडर तैयार किया था. उन्होंने इसे अपने परिचितों और आसपास के लोगों को उपयोग के लिए दिया. लोगों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलने के बाद उन्होंने इस काम को नियमित रूप से शुरू कर दिया.
विष्णुदत्त प्रजापति बताते हैं कि बेल का पाउडर तैयार करने के लिए पहले बेल फलों को एकत्र किया जाता है. इसके बाद उन्हें साफ करके गर्म पानी में उबाला जाता है, उसके बाद ठंडा होने के बाद उसकी चौड़ाई की जाती है. पढ़ाई करने के बाद अंदर से बेल का गूदा निकाला जाता है, गूदा निकालने के बाद उसको धूप में सुखाया जाता है. और फिर विशेष प्रक्रिया के जरिए पाउडर तैयार किया जाता है.
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उन्होंने बताया कि हम अपने बेल के चूर्ण में सौंफ और गुलाब की पंखुड़ियां मिलाकर तैयार करते हैं. तैयार उत्पाद को पैक कर बाजार में उपलब्ध कराया जाता है. उनका कहना है कि वे गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखते हैं, जिससे लोगों को शुद्ध और उपयोगी उत्पाद मिल सके.
विष्णुदत्त प्रजापति बताते हैं कि बेल का पाउडर स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जाता है. यही कारण है कि इसकी मांग लगातार बढ़ रही है. स्थानीय बाजारों के अलावा आसपास के क्षेत्रों से भी लोग उनके उत्पाद के बारे में जानकारी लेने पहुंच रहे हैं. बढ़ती मांग के कारण उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा है. इस काम से उन्हें आर्थिक लाभ भी हो रहा है. पहले जहां आय के सीमित साधन थे, वहीं अब बेल का पाउडर बनाकर वह आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं. उनका मानना है कि यदि ग्रामीण क्षेत्रों के युवा स्थानीय संसाधनों का सही उपयोग करें तो स्वरोजगार के कई अवसर पैदा किए जा सकते हैं.
विष्णुदत्त प्रजापति की यह पहल दिखाती है कि मेहनत, नई सोच और स्थानीय उत्पादों के बेहतर उपयोग से सफलता हासिल की जा सकती है. गोंडा के इस वैद्य ने बेल जैसे सामान्य फल को रोजगार का माध्यम बनाकर एक नई मिसाल पेश की है, जिसकी क्षेत्र में खूब सराहना हो रही है. बताते हैं कि बेल के पाउडर का प्रयोग पेट के जुड़ी सारी समस्या में की जाती है इसके अलावा इसका प्रयोग लोग गर्मी में सरबत के रूप में भी करते हैं. बेल के पाउडर का प्रयोग खाना खाने के बाद एक चम्मच सुबह और एक चम्मच शाम को किया जाता है लेकिन प्रयोग करने से पहले किसी वैद्य या अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें.
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