अपनी गाड़ी के लिए लेना चाहते हैं मनपसंद VIP नंबर? कैसे करें अप्लाई, कितना पैसा देना पड़ेगा; जानें पूरा प्रोसेस

Last Updated:May 04, 2026, 14:22 IST
VIP Vehicle Number Plate Charge: गाड़ियों पर आजकल वीआईपी नंबर प्लेट लगाकर चलना शौक बन गया है. अगर आप भी अपनी बाइक या कार के लिए खास नंबर लेना चाहते हैं, तो इसके लिए एक निर्धारित प्रक्रिया से गुजरना होता है. वाहन खरीदते समय सबसे पहले डीलर से बिल जनरेट करवाना होता है, इसके बाद परिवहन विभाग के फैंसी नंबर पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कर आवेदन करना पड़ता है. आवेदन के दौरान आप अपनी पसंद का नंबर चुन सकते हैं.
अजमेर. अजमेर में अब वाहनों के लिए फैंसी नंबर लेने का ट्रेंड तेजी से बढ़ता नजर आ रहा है. खासकर युवाओं और वाहन प्रेमियों के बीच अपनी गाड़ी को अलग पहचान देने के लिए वीआईपी नंबर की मांग लगातार बढ़ रही है. अगर आप भी अपनी बाइक या कार के लिए कोई खास नंबर लेना चाहते हैं, तो इसके लिए एक तय प्रक्रिया से गुजरना होता है. वाहन खरीदते समय सबसे पहले डीलर से बिल जनरेट करवाना जरूरी होता है, इसके बाद परिवहन विभाग के फैंसी नंबर पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कर आवेदन करना पड़ता है. आवेदन के दौरान आप अपनी पसंद का नंबर चुन सकते हैं.
वाहन के प्रकार और नंबर की खासियत के अनुसार तय होता है शुल्कजिला परिवहन अधिकारी मुकुल वर्मा ने बताया कि फैंसी नंबर का शुल्क वाहन के प्रकार और नंबर की खासियत के आधार पर तय किया गया है. दोपहिया वाहन के लिए न्यूनतम फीस करीब 5000 रुपए रखी गई है, जबकि चारपहिया वाहन के लिए यह 11000 रुपए से शुरू होती है. इसके अलावा नंबर की वीआईपी कैटेगरी के हिसाब से कीमत बढ़ती जाती है. जैसे सिंगल डिजिट जैसे 1 या 9, डबल डिजिट जैसे 11 या 22, ट्रिपल डिजिट जैसे 111 या खास सीरीज वाले नंबरों के लिए अलग-अलग रिजर्व प्राइस तय किए गए हैं. जितना ज्यादा आकर्षक नंबर होगा, उतनी ही ज्यादा कीमत चुकानी पड़ती है.
ऑनलाइन बिडिंग से तय होता है नंबरजिला परिवहन अधिकारी मुकुल वर्मा के अनुसार आवेदन के बाद एक निश्चित समय में नंबर मैच्योर होता है. अगर किसी नंबर के लिए केवल एक ही व्यक्ति आवेदन करता है, तो उसे वही नंबर सीधे आवंटित कर दिया जाता है. लेकिन अगर एक से ज्यादा लोग एक ही नंबर के लिए आवेदन करते हैं, तो ऐसी स्थिति में ऑनलाइन बिडिंग करवाई जाती है. जो व्यक्ति सबसे ज्यादा बोली लगाता है, उसी को वह नंबर मिल जाता है. हालांकि अभी भी ज्यादातर लोग सामान्य सीरियल नंबर ही लेते हैं और केवल 2 से 4 प्रतिशत लोग ही फैंसी नंबर के लिए आवेदन करते हैं, लेकिन धीरे-धीरे इसका क्रेज बढ़ता जा रहा है.
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आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाते हुए उन्होंने राजनीति, अपराध और लाइफ…और पढ़ें
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