Rajasthan

मारवाड़ जंक्शन CHC में ‘जल-नर्क’, बेमौसम बारिश ने खोली ड्रेनेज की पोल, मुहाने पर समंदर, कैसे बचेंगे मरीज?

Last Updated:May 04, 2026, 15:36 IST

Marwar Junction CHC Bad Condition: पाली जिले के मारवाड़ जंक्शन स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) परिसर बेमौसम बारिश के बाद जलभराव से तालाब बन गया है. पश्चिमी विक्षोभ के कारण हुई हल्की बारिश ने ड्रेनेज सिस्टम की पोल खोल दी, जिससे मरीजों को गंदे पानी और कीचड़ से होकर गुजरना पड़ रहा है. अस्पताल परिसर में पानी भरने से संक्रमण और मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि हर साल यही स्थिति होती है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं किया जाता.

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पाली. अस्पताल वह जगह होती है, जहां लोग बीमारियां ठीक कराने जाते हैं. लेकिन मारवाड़ जंक्शन स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) परिसर की तस्वीरें कुछ और ही गवाही दे रही है. कुछ दिन पहले पश्चिमी विक्षोभ के चलते हुई हल्की बेमौसम बारिश ने यहां के ड्रेनेज सिस्टम की पूरी तरह पोल खोल दी है. महज कुछ घंटों की बारिश ने पूरे अस्पताल परिसर को तालाब में तब्दील कर दिया है. राजस्थान के इस अस्पताल की ऐसी तस्वीर ने प्रशासन के दावो की धज्जिया उडा दी. साथ ही यहां पहुंचे मरीजों का साफ तौर पर यही कहना है कि केवल यह अस्पताल नही बल्कि जब वह पश्चिमी राजस्थान के सबसे बडे अस्पताल मथुरादास माथुर अस्पताल में भी पहुंचते है तो वहां पर भी कुछ न कुछ कमिया देखने को मिलती है जिसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पडता है.

कुछ दिन पहले हुई अचानक बेमौसम बारिश ने जहां एक ओर मौसम बदला, वहीं मारवाड़ जंक्शन स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) को मुसीबतों के घेरे में ला खड़ा किया है. अस्पताल का परिसर अब तालाब बन चुका है और मरीज अपनी बीमारी के इलाज के लिए नहीं, बल्कि गंदे पानी से होने वाले संक्रमण से बचने की जद्दोजहद कर रहे हैं. पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से हुई ओलावृष्टि और बारिश ने अस्पताल के ड्रेनेज सिस्टम की पोल खोलकर रख दी है. सवाल यह उठता है कि जो जगह लोगों को बीमारी से निजात दिलाने के लिए बनी है, क्या वही अब संक्रमण का केंद्र बनेगी?

हल्की बारिश में खुली ड्रेनेज सिस्टम की पोल

हैरानी की बात यह है कि अभी मानसून ने दस्तक भी नहीं दी है. स्थानीय लोगों और मरीजों के परिजनों का कहना है कि जब बेमौसम की थोड़ी सी बारिश में अस्पताल का यह हाल है, तो आने वाले मानसून सीजन में क्या होगा? ड्रेनेज की अव्यवस्था को देखकर डर है कि आने वाले दिनों में मरीजों का अस्पताल के अंदर तक जा पाना भी नामुमकिन हो जाएगा. स्थिति यह होगी कि एंबुलेंस मुख्य द्वार पर ही फंस जाएगी और गंभीर मरीजों को गोद में उठाकर पानी के बीच से ले जाना पड़ेगा.

संक्रमण का केंद्र बनता जा रहा चिकित्सालय

सीएचसी के मुख्य द्वार के अंदर और बाहर घुटनों तक भरे पानी ने मरीजों के लिए चुनौती खड़ी कर दी है. जो मरीज पहले से ही कमजोरी और बीमारियों से जूझ रहे हैं, उन्हें इस गंदे पानी और कीचड़ से होकर गुजरना पड़ रहा है. हालात यह है कि यहां पर जमा हुआ पानी मच्छरों और बैक्टीरिया के पनपने के लिए सुरक्षित स्थान बन गया है. जहां अस्पताल को संक्रमण मुक्त होना चाहिए, वहीं यह जलभराव डेंगू, मलेरिया और चर्म रोगों को न्योता दे रहा है.

प्रशासन की चुप्पी और जनता का दर्द

स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि यह समस्या कोई नई नहीं है. हर साल बारिश के मौसम में अस्पताल प्रशासन और नगर पालिका को अवगत कराया जाता है, लेकिन समाधान के नाम पर सिर्फ ढाक के तीन पात ही हाथ लगते हैं. अस्पताल के बाहर फैला कीचड़ और फिसलन बुजुर्ग मरीजों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है. यदि समय रहते जल निकासी के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो जून-जुलाई में शुरू होने वाला मानसून यहाँ चिकित्सा सेवाओं को पूरी तरह ठप कर सकता है. क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे या महामारी के फैलने का इंतजार कर रहा है?

About the Authordeep ranjan

दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें

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