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| Jodhpur Thana Vivad | SHO ki dhamki par bhadke vakil |

Last Updated:December 02, 2025, 18:08 IST

Jodhpur News : जोधपुर के कुड़ी भगतासनी थाने में वकीलों और पुलिसकर्मियों के बीच हुए विवाद ने प्रदेशभर में तनाव बढ़ा दिया. SHO द्वारा वकीलों को 151 में बंद करने की धमकी का वीडियो वायरल होने के बाद वकील समुदाय ने रातभर थाने के बाहर धरना दिया. हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए पुलिस के व्यवहार में सुधार के लिए पूरे प्रदेश में सॉफ्ट स्किल प्रशिक्षण अनिवार्य कर दिया. SHO हमीरसिंह को निलंबित कर मामले की जांच एडीसीपी पश्चिम को सौंप दी गई है.पुलिस थाने में तकरार, पुलिस और वकील में वॉर, हाईकोर्ट का दखल, एसएचओ पर गाजराजस्थान पुलिस मुख्यालय

चंद्रशेखर व्यास/जयपुर. जोधपुर में कुड़ी भगतासनी थाने में वकीलों और पुलिसकर्मियों के बीच हुआ विवाद प्रदेशभर में बड़ा मुद्दा बन गया है. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में थानाधिकारी हमीरसिंह और वकीलों के बीच हुई नोकझोंक, धक्का-मुक्की और 151 में बंद करने की धमकी ने पूरे वकील समुदाय में रोष पैदा कर दिया. स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि रात में बड़ी संख्या में वकील थाने के बाहर धरने पर बैठ गए और यह विरोध जारी रहा. वकीलों का कहना है कि SHO द्वारा कहा गया वाक्य- ‘वकील है तो क्या हुआ, अभी 151 में बंद कर दूंगा, सारी वकालत निकल जाएगी’- उनकी गरिमा पर सीधा हमला है.

दूसरी ओर विवाद तब शुरू हुआ जब एडवोकेट भरतसिंह राठौड़ और एक महिला वकील दुष्कर्म पीड़िता की ओर से बयान देने के लिए थाने पहुंचे. आरोप है कि वहां एक पुलिसकर्मी बिना वर्दी के बयान ले रहा था जिस पर वकीलों ने आपत्ति जताई. इसी दौरान SHO ने वीडियो बनाने से रोका और कथित तौर पर धक्का देकर वकीलों को बाहर निकालने का प्रयास किया. एडवोकेट्स एसोसिएशन के नेताओं ने मांग की है कि SHO समेत संबंधित पुलिसकर्मियों को तुरंत निलंबित किया जाए अन्यथा आंदोलन और तेज किया जाएगा. इस घटना के बाद राजस्थान हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन और हाईकोर्ट लॉयर्स एसोसिएशन ने बैठक कर न्यायिक कार्यों के बहिष्कार का निर्णय लिया है.

विवाद पर वकीलों का पक्षवकीलों का कहना है कि पुलिसकर्मी का बिना वर्दी बयान लेना प्रक्रिया का उल्लंघन है और SHO द्वारा वीडियो से रोकना तथा धक्का देना पूरी तरह अस्वीकार्य है. उनका आरोप है कि SHO का व्यवहार न केवल अमर्यादित था बल्कि न्यायिक प्रक्रिया में बाधा जैसा भी है. इसी कारण वकील एकजुट होकर विरोध कर रहे हैं और दोषी अधिकारियों के निलंबन की मांग कर रहे हैं. दिनभर दौड़भाग और विरोध के बीच अंततः देर शाम SHO हमीरसिंह और उनके रीडर को सस्पेंड कर दिया गया है.

हाईकोर्ट की सख्ती और पुलिस प्रशिक्षण
जोधपुर की इस घटना को गंभीरता से लेते हुए राजस्थान हाईकोर्ट ने पुलिस को सख्त लहजे में निर्देश दिए हैं. कोर्ट ने कहा कि पुलिस फोर्स नहीं, सर्विस है और उसका व्यवहार आमजन के प्रति सम्मानजनक होना चाहिए. विवाद बढ़ने के बाद पुलिस मुख्यालय भी हरकत में आ गया है. अब प्रदेशभर में पुलिस अधिकारियों और जवानों के लिए व्यवहार-कुशलता व सॉफ्ट स्किल प्रशिक्षण अनिवार्य किया गया है.

हर दिन शाम में होगी मीटिंगराजस्थान पुलिस ने निर्णय लिया है कि हर दिन शाम 6 से 7 बजे तक सभी अधिकारी- DGP, IG, SP, ASP, CO, SHO सहित अन्य रैंक के कर्मचारी- ऑनलाइन मॉड्यूल आधारित प्रशिक्षण लेंगे. इसमें संवाद शैली, संवेदनशील मामलों में व्यवहार, वकीलों व आमजन के साथ आचार संहिता, विवाद की स्थिति में संयम रखने जैसे विषय शामिल होंगे. पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश ने स्पष्ट किया है कि किसी भी वकील को गिरफ्तार नहीं किया गया है और मामले की जांच एडीसीपी पश्चिम रोशन मीणा को सौंपी गई है. रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी. जोधपुर की यह घटना केवल एक थाने का विवाद नहीं बल्कि पुलिस और जनता के बीच भरोसे को मजबूत करने की आवश्यकता का संकेत है. अब यह देखना होगा कि व्यवहार प्रशिक्षण इस दूरी को कम करने में कितना प्रभावी सिद्ध होता है.

Anand Pandey

नाम है आनंद पाण्डेय. सिद्धार्थनगर की मिट्टी में पले-बढ़े. पढ़ाई-लिखाई की नींव जवाहर नवोदय विद्यालय में रखी, फिर लखनऊ में आकर हिंदी और पॉलीटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. लेकिन ज्ञान की भूख यहीं शांत नहीं हुई. कल…और पढ़ें

नाम है आनंद पाण्डेय. सिद्धार्थनगर की मिट्टी में पले-बढ़े. पढ़ाई-लिखाई की नींव जवाहर नवोदय विद्यालय में रखी, फिर लखनऊ में आकर हिंदी और पॉलीटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. लेकिन ज्ञान की भूख यहीं शांत नहीं हुई. कल… और पढ़ें

Location :

Jaipur,Rajasthan

First Published :

December 02, 2025, 18:08 IST

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पुलिस थाने में तकरार, पुलिस और वकील में वॉर, हाईकोर्ट का दखल, एसएचओ पर गाज

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