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‘राहा का पैपराजी संग अपना अलग रिश्ता’, बड़ी हो गईं आलिया भट्ट की बेटी, बताया लाडली पूछती हैं किस तरह के सवाल

नई दिल्ली. बॉलीवुड स्टार आलिया भट्ट अपनी शानदार अदाकारी के लिए जानी जाती हैं. उन्होंने कई फिल्मों में अपने हुनर का लोहा मनवाया है. हाल ही में आलिया दूसरी बार रेड सी इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में शामिल हुईं. उन्होंने कहा कि यह जर्नी इस बार अलग है, क्योंकि मां बनने के बाद उनके जीवन में बड़ा बदलाव आया है. अब उनकी बेटी राहा भी इतनी बड़ी हो गई हैं कि वह पूछती है कि मां कहां जा रही हैं और कब वापस आएंगी.

आलिया भट्ट ने ग्लोबल मंच पर कहा, ‘अब राहा की पैपराजी के साथ अपनी ही एक बॉन्डिंग है और वह इतनी बड़ी हो गई है कि मुझसे पूछती है कि मैं कहां जा रही हूं और कब लौटूंगी.’ एक्ट्रेस ने यह भी बताया कि राहा ने पैपराजी के साथ अपना एक अलग रिश्ता बना लिया है. इसके अलावा एक्ट्रेस फिल्मों को लेकर कहती हैं कि कोई नहीं जानता कि दर्शक कैसा रिएक्शन देंगे, लेकिन जिस चीज पर लोग जरूर प्रतिक्रिया देते हैं, वह है ऑथेंटिसिटी और यही वह उन भूमिकाओं में ढूंढती हैं, जो वह निभाती हैं.

आलिया ने कहा कि सफलता-असफलता बना देती हैं सतर्क
उन्होंने कान्स और मेट गाला जैसे ग्लोबल इवेंट्स को मैनेज करने के बारे में बात की और कहा कि आमतौर पर यह सारी भागदौड़ अंत में उनके पायजामा पहनकर पिज्जा खाने पर खत्म होती है. पुराने दिनों को याद करते हुए आलिया भट्ट ने कहा कि अर्ली 20s में वह बहुत अव्यवस्थित थीं. उन्होंने कहा, ‘मैं अभी भी उत्साही हूं और ऊर्जा से भरी हूं, लेकिन अब मेरा तरीका ज्यादा शांत है. उनका कहना है कि समय के साथ सफलता और असफलता इंसान को ज्यादा सतर्क बना देती है.’

जीवन-काम के प्रति बदला आलिया भट्ट का नजरिया

आलिया ने यह भी साझा किया कि पिछले कुछ सालों में उनके जीवन और काम के प्रति नजरिये में कैसे बदलाव आया. उन्होंने कहा, ‘जब मैं छोटी थी, मैं अभी भी छोटी हूं, लेकिन जब मैं अपने 20s में थी, मेरा ध्यान इधर-उधर रहता था, भागती रहती थी. सब कुछ करने की कोशिश कर रही थी. 17-18 की उम्र में मैं बहुत अधिक उत्साही और ऊर्जा से भरी थी और बहुत मेहनत कर रही थी, क्योंकि यह सामान्य है.’

सफलता-असफलता से आप हो जाते हैं सतर्क

उन्होंने आगे कहा, ‘अब एक दशक से अधिक समय बाद किसी स्थिति को देखने का नजरिया बदल गया है. मैं अभी भी उत्साही और एनर्जी से भरी हूं, लेकिन अब अप्रोच अधिक शांत है. मेरे अंदर का एक हिस्सा उस 18 साल की लड़की को पकड़कर रखना चाहता है, जो बहादुर और निडर थी, जिसे नहीं पता था कि चीजें कैसे आगे बढ़ेंगी, जिसके पास कोई जवाब नहीं था, जो किसी भी चीज में पूरी ताकत लगा देती थी. मुझे लगता है कि अब सफलता, असफलता और अनुभव के साथ कभी-कभी आप थोड़ा सतर्क हो जाते हैं.’

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