एंबुलेंस के पैसे नहीं थे तो शव लेकर भटकते रहे परिजन, संस्था ने मदद कर भिजवाया गांव

Last Updated:August 09, 2026, 16:23 IST
Kota News: कोटा ग्रामीण के मंडाना में दरा के पास ट्रेन की चपेट में आने से 70 वर्षीय सीताबाई बंजारा की मौत हो गई. मृतका झालावाड़ जिले के बोर का कुआं गांव की निवासी थी. आर्थिक तंगी के कारण परिजनों के पास शव को गांव ले जाने और अंतिम संस्कार के लिए एंबुलेंस के पैसे नहीं थे, जिससे वे घंटों भटकते रहे. सूचना मिलने पर ह्यूमन हेल्पलाइन संस्था के अध्यक्ष मनोज जैन आदिनाथ ने तत्काल निशुल्क एंबुलेंस उपलब्ध करवाकर शव को उनके गांव रवाना करवाया.
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Kota News: एंबुलेंस के पैसे नहीं थे, शव लेकर घंटों भटकता रहा परिवार
Kota News: राजस्थान के कोटा ग्रामीण क्षेत्र से गरीबी और बेबसी की एक दर्दनाक तस्वीर सामने आई है. मंडाना थाना इलाके में दरा के पास ट्रेन की चपेट में आने से एक 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला की दर्दनाक मौत हो गई. हादसे के बाद शव को अपने पैतृक गांव ले जाने और अंतिम संस्कार के लिए गरीब परिजनों के पास एंबुलेंस के पैसे तक नहीं थे. मजबूरी में बेबस परिजन कई घंटों तक शव को लेकर इधर-उधर भटकते रहे. बाद में एक सामाजिक संस्था की पहल पर शव को उनके गांव भिजवाया गया.
मिली जानकारी के अनुसार, मृतका की पहचान 70 वर्षीय सीताबाई बंजारा के रूप में हुई है, जो झालावाड़ जिले के खानपुर के निकट स्थित ‘बोर का कुआं’ गांव की निवासी थी. मंडाना में दरा स्टेशन के पास वह दुर्भाग्यवश ट्रेन की चपेट में आ गई, जिससे मौके पर ही उसकी जान चली गई. घटना के बाद पुलिस ने कागजी कार्रवाई पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिया, लेकिन असली त्रासदी इसके बाद शुरू हुई.
एंबुलेंस का किराया देने की क्षमता नहीं थी, घंटों भटकते रहे बेबस परिजनमृतका सीताबाई का परिवार अत्यधिक गरीब है. उनके पास इतने पैसे भी नहीं थे कि वे निजी एंबुलेंस या वाहन का किराया देकर अपनी मां के शव को झालावाड़ स्थित अपने गांव ले जा सकें. न ही उनके पास दाह-संस्कार की व्यवस्था करने का कोई जरिया था. लाचारी के आलम में रोते-बिलखते परिजन घंटों तक शव को ले जाने के लिए मदद की गुहार लगाते हुए इधर-उधर भटकते रहे.
ह्यूमन हेल्पलाइन संस्था बनी मददगार, मनोज जैन ने निशुल्क कराई एंबुलेंसजब इस हृदयविदारक घटना की जानकारी सामाजिक संस्था ‘ह्यूमन हेल्पलाइन’ के अध्यक्ष मनोज जैन आदिनाथ को मिली, तो वे बिना समय गंवाए मौके पर पहुंचे. परिजनों की आर्थिक बेबसी को देखते हुए संस्था के अध्यक्ष ने तत्काल सहायता उपलब्ध कराई. संस्था की ओर से निशुल्क एंबुलेंस की व्यवस्था कर बुजुर्ग महिला के शव को ससम्मान झालावाड़ जिले के बोर का कुआं गांव के लिए रवाना करवाया गया, ताकि परिजन उनका अंतिम संस्कार कर सकें.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…
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Kota,Kota,Rajasthan
First Published :
August 09, 2026, 16:23 IST



