पूरी फिल्म में धर्मेंद्र पर नहीं फिल्माया गाना, 1 सीन ने दी अमिट पहचान, ब्लॉकबस्टर मूवी बस गई दिल में

Last Updated:June 20, 2026, 17:46 IST
गीत-संगीत के बिना बॉलीवुड फिल्म की कल्पना भी नहीं की जा सकती. लीड हीरो-हीरोइन पर गाने फिल्माए जाते हैं. फिल्म का म्यूजिक जितना असरदार होगा, मूवी उतनी ही बड़ी हिट होगी. 60 साल पहले धर्मेंद्र की एक ऐसी फिल्म आई थी जिसमें छह गाने थे लेकिन एक भी गाना उन पर नहीं फिल्माया गया था. यह उस दौर की संभवत: पहली ऐसी फिल्म थी जिसमें लीड हीरो पर कोई नहीं फिल्माया गया था. इसी फिल्म के एक सीन ने धर्मेंद्र को ‘ही मैन’ की अमिट पहचान दी. धर्मेंद्र ने अपनी अदाकारी का ऐसा जलवा बिखेरा कि मूवी ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर साबित हुई. इस फिल्म ने धर्मेंद्र को स्टार बनाया.
धर्मेंद्र -मीना कुमारी की फिल्म ‘फूल और पत्थर’ 14 अगस्त 1966 को रिलीज हुई थी. फिल्म के आइडिया का क्रेडिट अख्तर उल इमान को जबकि स्टोरी-स्क्रीनप्ले ओपी रल्हन का था. डायलॉग एहसान रिजवी ने लिखे थे. गीतकार शकील बदायुंनी जबकि संगीतकार रवि थे. फिल्म के डायरेक्टर-प्रोड्यूसर ओपी रहलन थे. ओपी रल्हन बॉलीवुड सुपर स्टार राजेंदर कुमार के जीजा थे. राजेंद्र कुमार के कहने पर ही उन्होंने धर्मेंद्र को फिल्म में लीड रोल में कास्ट किया था.
धर्मेंद्र को जब लीड हीरो के रोल के लिए साइन कर लिया गया तब मीना कुमारी के पति कमाल अमरोही ने ओपी रल्हन ने कहा था कि धर्मेंद्र इस लायक नहीं है कि उन्हें मीना कुमारी के अपोजिट लीड रोल दिया जाए. हालांकि तब तक धर्मेंद्र-मीना कुमारी तीन फिल्मों में काम कर चुके थे. बताया जाता है कि निर्माता-निर्देशक कमाल अमरोही को धर्मेंद्र-मीना कुमारी की दोस्ती पसंद नहीं थी. रल्हन ने जवाब देते हुए कहा था कि यही लड़का आगे चलकर स्टार बनेगा. फिल्म में शशिकला, ललिता पवार, मदन पुरी और इफ्तिखार भी अहम भूमिकाओं में थे.
फिल्म का म्यूजिक रवि ने कंपोज किया था. फिल्म में 6 गाने थे लेकिन धर्मेंद्र पर्दे पर कोई गाना गाते नजर नहीं आए. 60 के दशक में शायद ही ऐसी कोई फिल्म होगी जिसमें लीड हीरो ने गाना नहीं गाया हो. ‘फूल और पत्थर’ में यह अनोखा प्रयोग किया गया. मीना कुमारी पर सिर्फ एक गाना फिल्माया गया था. दो गाने शशि कला पर जबकि दो गाने ओपी रल्हन पर फिल्माए गए. उन्होंने फिल्म में एक्टिंग भी की थी.
Add as Preferred Source on Google
धर्मेंद्र ने बताया था कि डायरेक्टर-प्रोड्यूसर ओपी रल्हन का एटिट्यूड अच्छा नहीं था. वो बहुत ही घमंडी थे. अक्खड़ स्वभाव के थे. ऐसे में धर्मेंद्र से उनकी अनबन हो गई थी. बात इतनी बिगड़ी कि धर्मेंद्र ने बीच में फिल्म छोड़ने का मन बना लिया था. उन्होंने अपनी मां से कहा था कि वो फिल्म इंडस्ट्री छोड़ रहे थे. तकदीर को कुछ और ही मंजूर था. उन्होंने किसी तरह फिल्म पूरी की.
फिल्म के एक सीन में धर्मेंद्र रात में फुटपाथ पर सो रही एक बुजुर्ग महिला को अपनी शर्ट ओढ़ा देते हैं. फिर अपने घर पर पहुंचते हैं. मीना कुमारी उनके घर पर बिस्तर पर लेटी हैं. धर्मेंद्र को पास आता देखकर वो डर जाती हैं. धर्मेंद्र पास आते हैं और यह देखते हैं कि क्या वो सो रही हैं? फिर कंबल ओढ़ाकर चले जाते हैं. इस एक सीन ने धर्मेंद्र को ‘ही मैन’ की अमिट पहचान दी.
एक पल में वो एक बूढ़ी औरत के बेटे बन जाते हैं तो दूसरे ही पल में वो हमउम्र औरत के रखवाले बन जाते हैं. धर्मेंद्र का बिना शर्ट वाला पोस्टर खूब चर्चा में रहा. रात में ठंड से ठिठुर रही बुजुर्ग महिला को शर्ट ओढ़ाने का आइडिया धर्मेंद्र का ही था. शर्त उतरना फिल्म का आइकॉनिक सीन बन गया. यह सीन धर्मेंद्र की और फिल्म की पहचान बन गया.
धर्मेंद्र इस फिल्म में चोर बने थे. धर्मेंद्र का चोर बनना उनकी किस्मत खोल गया. आगे आने वाले वर्षों में कई फिल्मों में धर्मेंद्र चोर बने. ये सभी फिल्में सुपरहिट रहीं. धर्मेंद्र ‘मेरा गांव मेरा देश’ (1971), जुगनू (1973), कहानी किस्मत की (1973), लोफर (1973) , यादों की बारात (1973) और शोले (1975) जैसी फिल्मों में धर्मेंद्र चोर बने. ये सभी फिल्में सुपरहिट रहीं.
‘फूल और पत्थर’ फिल्म का बजट करीब 65 लाख रुपये के करीब था. फिल्म गोल्डन जुबली हिट हुई. फिल्म की कुल कमाई 7.5 करोड़ थी. यह एक ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर फिल्म साबित हुई थी. बेस्ट एक्टर और बेस्ट एक्ट्रेस की कैटेगरी में धर्मेंद्र-मीना कुमारी को फिल्मफेयर नॉमिनेशन मिला था लेकिन उस साल बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड देवानंद को ‘गाइड’ के लिए मिला. फिल्म को दो फिल्मफेयर अवॉर्ड मिले. ये अवॉर्ड बेस्ट आर्ट डायरेक्टर और बेस्ट एडिटर कैटेगरी में मिले.
न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।



