तीसरा बच्चा और अमीरी-गरीबी का कनेक्शन! ‘लॉक अप 2’ में माधुरी जैन के बयान पर मचा बवाल

नई दिल्ली: रियलिटी शो ‘लॉक अप’ का दूसरा सीजन इन दिनों खूब सुर्खियां बटोर रहा है. इस शो का मिजाज ही ऐसा है कि यहाँ आने वाले कंटेस्टेंट्स अक्सर अपनी पर्सनल लाइफ से जुड़े ऐसे राज खोल देते हैं, जो पल भर में सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन जाते हैं. इस बार भी कुछ ऐसा ही हुआ है.
मशहूर बिजनेसमैन अशनीर ग्रोवर की पत्नी माधुरी जैन ग्रोवर ने शो में अपनी निजी जिंदगी को लेकर एक ऐसी बात कह दी, जिस पर अब इंटरनेट की दुनिया दो गुटों में बंट गई है. लोग उनके इस बयान पर अपनी अलग-अलग राय रख रहे हैं.
“हम तीसरा बच्चा चाहते थे, लेकिन…”
हाल ही के एक एपिसोड में माधुरी जैन ग्रोवर ने बहुत ही बेबाकी से अपने दिल की बात शेयर की. उन्होंने बताया कि वह और उनके पति अशनीर ग्रोवर एक तीसरा बच्चा चाहते थे. लेकिन उनके इस फैसले में उनके परिवार ने उनका साथ नहीं दिया. माधुरी के मुताबिक, चूंकि फैमिली की तरफ से हरी झंडी नहीं मिली, इसलिए उन्होंने अपना यह प्लान हमेशा के लिए छोड़ दिया. यहां तक तो बात बिल्कुल नॉर्मल थी और लोग उनके इस पर्सनल फैसले से खुद को जोड़कर देख रहे थे, लेकिन बात तब बिगड़ी जब उन्होंने इसके आगे एक तर्क दे डाला.
अमीरी-गरीबी वाले इस बयान पर मचा असली बवाल
माधुरी ने आगे जो कहा, उसने सोशल मीडिया का पारा गरमा दिया. शो में उन्हें यह कहते सुना गया, “तीसरा बच्चा इंसान को ज्यादा जवान रखता है. अगर आप देखें, तो शाहरुख खान जैसे कई अमीर लोगों के भी तीन बच्चे हैं. यह ‘हम दो हमारे दो’ का नियम हर किसी पर लागू नहीं होता.”
इतना ही नहीं, उन्होंने आगे जोड़ते हुए कहा, “जितने अमीर लोग ज्यादा बच्चे पैदा करेंगे, उतनी ही अमीरी बढ़ेगी और जितने गरीब लोग ज्यादा बच्चे पैदा करेंगे, उतनी ही गरीबी बढ़ेगी.” बस, उनके इसी बयान के बाद इंटरनेट पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और यूजर्स ने इसे ‘एलीट क्लास’ यानी अमीरों की घमंडी सोच बताना शुरू कर दिया.
लोगों ने कैसे किया रिएक्ट?
माधुरी जैन की इस सोच पर लोगों ने बेहद तीखी प्रतिक्रियाएं दी हैं. एक यूजर ने लिखा, “यह बयान साफ दिखाता है कि कुछ लोगों को इस बात की समझ ही नहीं है कि देश की इकोनॉमी या समाज कैसे चलता है. आम जनता को ज्ञान देने वाले इस एलीट क्लास के पास बेसिक समझ की भी कमी है.”वहीं एक दूसरे यूजर ने इस बात को और गहराई से समझाते हुए लिखा, “अगर समाज में सिर्फ अमीर लोग ही बच्चे पैदा करेंगे और गरीब नहीं, तो अमीरों के काम करने के लिए लेबर कहां से आएगी? अमीर लोग अपने बच्चों को सेना में नहीं भेजते, तो फिर देश की सुरक्षा कौन करेगा? सच तो यह है कि अमीरों को अमीर बने रहने के लिए भी गरीबों की जरूरत होती है.”
कुछ अन्य यूजर्स का भी यही मानना है कि परिवार बढ़ाना किसी भी इंसान का निजी हक है और इसे अमीरी या गरीबी के तराजू में तोलकर देखना पूरी तरह गलत है. फिलहाल माधुरी के इस बयान ने समाज के एक बड़े मुद्दे पर बहस तो छेड़ ही दी है.



