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भरतपुर मटरुआ की गजक सर्दियों में क्यों है पहली पसंद, जानें खासियत.

Last Updated:November 25, 2025, 14:10 IST

भरतपुर के मटरुआ की मशहूर गजक सर्दियां शुरू होते ही लोगों की पहली पसंद बन जाती है. देसी तिल, मूंगफली, शक्कर और गुड़ से पारंपरिक तरीके से तैयार की गई यह मुलायम और मुंह में घुल जाने वाली गजक न सिर्फ राजस्थान, बल्कि देश-विदेश में भी अपनी मीठी पहचान बना चुकी है. जैसे-जैसे ठंड बढ़ती है, दुकानों पर उमड़ती भीड़ और हजारों किलो की रोजाना बिक्री इसकी बढ़ती लोकप्रियता का प्रमाण है.

भरतपुर. सर्दियों का मौसम शुरू होते ही भरतपुर के मटरुआ की प्रसिद्ध गजक एक बार फिर लोगों की पहली पसंद बन गई है. मुलायम बनावट और मुंह में डालते ही घुल जाने वाले स्वाद के लिए पहचानी जाने वाली यह गजक केवल भरतपुर ही नहीं, बल्कि देश-विदेश तक अपनी खास पहचान बना चुकी है. जैसे-जैसे तापमान गिरता है, मटरुआ की गजक की महक और दुकानों पर बढ़ती भीड़ इसका प्रमाण देती है कि सर्दियों में इसकी डिमांड कई गुना बढ़ जाती है.

कई दशकों से पारंपरिक तरीके से तैयार की जा रही मटरुआ की गजक की खासियत इसका प्राकृतिक स्वाद है. देसी तिल, मूंगफली, शक्कर और गुड़ से मिलकर बनने वाली यह गजक बिना किसी केमिकल के तैयार की जाती है. यही कारण है कि यह अन्य गजक से अलग और अधिक लोकप्रिय है, मटरुआ गजक तैयार करने वाले कारीगरों का कहना है कि इस मिठाई की लोकप्रियता हर साल बढ़ रही है और सर्दियों के मौसम में तो इसकी बिक्री में कई गुना उछाल आता है.

मटरुआ की गजक की सबसे बड़ी खूबी इसकी मुलायम टेक्सचर

यह इतनी नरम होती है कि मुंह में डालते ही घुल जाती है, जिससे इसके दीवाने न सिर्फ राजस्थान, बल्कि उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब और देश के अन्य राज्यों में भी हैं. इतना ही नहीं, विदेशों में बसे लोग भी भरतपुर आने वालों के हाथों मटरुआ की गजक मंगवाते हैं, जिससे इसकी मीठी खुशबू विदेश तक पहुंच चुकी है. सर्दियों में रोजाना हजारों किलो गजक की बिक्री होती है, कई बार दुकान पर सुबह तैयार हुई गजक दोपहर तक ही खत्म हो जाती है. बाजार में किस्म और गुणवत्ता के हिसाब से मटरुआ की गजक के दाम अलग-अलग होते हैं. सामान्य गजक जहां 200 रुपये किलो से शुरू होती है, वहीं स्पेशल तिल-गुड़ मिश्रित गजक के रेट 400 से 500 रुपये किलो तक पहुंच जाते हैं. यह काम पीढ़ियों से चल रहा है और सर्दियों में रोजगार का बड़ा स्रोत भी इसी से मिलता है. कुल मिलाकर, मटरुआ की यह पारंपरिक गजक न सिर्फ भरतपुर की पहचान बन चुकी है, बल्कि सर्दियों के मौसम में यहां की मिठास और रौनक भी बढ़ा देती है. स्वाद, गुणवत्ता और परंपरा का संगम बनने वाली मटरुआ की यह गजक आने वाले समय में और भी ज्यादा लोकप्रिय होने की उम्मीद है.

Monali Paul

Hello I am Monali, born and brought up in Jaipur. Working in media industry from last 9 years as an News presenter cum news editor. Came so far worked with media houses like First India News, Etv Bharat and NEW…और पढ़ें

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Bharatpur,Rajasthan

First Published :

November 25, 2025, 14:10 IST

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भरतपुर के मटरुआ की गजक सर्दियों में क्यों है पहली पसंद, जानें इसकी खासियत

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